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अलविदा की नमाज आज, घर में नमाज पढ़ने की अपील
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फोटो-38-मदरसा जामिया अनवारुल उलूम के नाजिम मुफ्ती शफकतुल्लाह। संवाद
- फोटो : HARDOI
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हरदोई। रमजान के मुबारक महीने के आखिरी जुमे यानि जमैतुल अलविदा पर भी लॉक डाउन के चलते सामाजिक संस्था अंजुमन इदरीसिया द्वारा घर पर ही अलविदा और ईद की नमाज अदा करने की अपील सभी मुसलमान भाइयों से की गई है।
मदरसा जामिया अनवारुल उलूम , बंधराहिया, सीतापुर रोड हरदोई के नाजिम मुफ्ती शफकतुल्लाह ने बताया कि इससे पहले अलविदा के दिन बड़ी तादाद में शहर की मस्जिदों में अलविदा की नमाज अदा की जाती रही है। इस बार सोशल डिस्टेंसिंग की वजह से जिला प्रशासन ने मस्जिदों में सोशल डिस्टेंसिनग का पालन करते हुए 5 लोग जुमे की नमाज अदा करेंगे।
बाकी लोग पहले की तरफ ही घर पर रह कर जोहर की नमाज अदा करें। ईद के मौके पर भी यही अमल अपनाया जाए। मुफ्ती शफकतुल्लाह ने कहा कि जुमे और ईद की नमाज के लिए कुछ शरई पाबंदियां भी हैं। घर में जुमे और ईद की नमाज के लिए 4 बालिग (वयस्क) मर्दों का जमात में रहना लाजमी होता है साथ ही जुमे की नमाज से पहले खुतबा और ईद की नमाज के बाद खुतबा पढ़ा जाता है। ईद की नमाज बगैर खुतबे के भी घर पर अदा की जा सकती है।
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अगर ये शर्तें किसी घर मे पूरी नहीं हो पा रही हों तो अलविदा के मौके जुमे के बजाए लोग जौहर की नमाज घर पर अदा करें और ईद की नमाज की जगह दो या 4 रकाअत नफिल चाशत की नमाज पढ़ी जाए।
हरदोई। सामाजिक संस्था अंजुमन इदरीसिया के संयोजक अहमद मुबीन ने बताया कि लॉक डाउन की वजह से प्रत्येक वर्ष होने वाला रोजा इफ्तार का कार्यक्रम स्थगित करके उसकी जगह पर शहर में गरीब जरूरतमंद मुस्लिम लोगों को ईद के त्यौहार मनाने के लिए ईद किट तैयार करके वितरित की जा रही है। जिसमें सिमई ,शक्कर, देसी घी के पैकेट, मेवे में नारियल, किशमिश, छुआरा और दूध के लिए नकद रुपया रखा गया है। जिससे हर गरीब आदमी के घर पर भी ईद की खुशी मनाई जा सके।
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मदरसा जामिया अनवारुल उलूम , बंधराहिया, सीतापुर रोड हरदोई के नाजिम मुफ्ती शफकतुल्लाह ने बताया कि इससे पहले अलविदा के दिन बड़ी तादाद में शहर की मस्जिदों में अलविदा की नमाज अदा की जाती रही है। इस बार सोशल डिस्टेंसिंग की वजह से जिला प्रशासन ने मस्जिदों में सोशल डिस्टेंसिनग का पालन करते हुए 5 लोग जुमे की नमाज अदा करेंगे।
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बाकी लोग पहले की तरफ ही घर पर रह कर जोहर की नमाज अदा करें। ईद के मौके पर भी यही अमल अपनाया जाए। मुफ्ती शफकतुल्लाह ने कहा कि जुमे और ईद की नमाज के लिए कुछ शरई पाबंदियां भी हैं। घर में जुमे और ईद की नमाज के लिए 4 बालिग (वयस्क) मर्दों का जमात में रहना लाजमी होता है साथ ही जुमे की नमाज से पहले खुतबा और ईद की नमाज के बाद खुतबा पढ़ा जाता है। ईद की नमाज बगैर खुतबे के भी घर पर अदा की जा सकती है।
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अगर ये शर्तें किसी घर मे पूरी नहीं हो पा रही हों तो अलविदा के मौके जुमे के बजाए लोग जौहर की नमाज घर पर अदा करें और ईद की नमाज की जगह दो या 4 रकाअत नफिल चाशत की नमाज पढ़ी जाए।
हरदोई। सामाजिक संस्था अंजुमन इदरीसिया के संयोजक अहमद मुबीन ने बताया कि लॉक डाउन की वजह से प्रत्येक वर्ष होने वाला रोजा इफ्तार का कार्यक्रम स्थगित करके उसकी जगह पर शहर में गरीब जरूरतमंद मुस्लिम लोगों को ईद के त्यौहार मनाने के लिए ईद किट तैयार करके वितरित की जा रही है। जिसमें सिमई ,शक्कर, देसी घी के पैकेट, मेवे में नारियल, किशमिश, छुआरा और दूध के लिए नकद रुपया रखा गया है। जिससे हर गरीब आदमी के घर पर भी ईद की खुशी मनाई जा सके।

फोटो-18- इस तरह की ईद क्ट का हो रहा वरेतरण। संवाद- फोटो : HARDOI