{"_id":"65efde94181305334d0fa95f","slug":"ramadal-will-reach-harraiya-today-preparations-complete-hardoi-news-c-213-1-hra1001-111831-2024-03-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hardoi News: आज हर्रैया पहुंचेगा रामादल, तैयारी पूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hardoi News: आज हर्रैया पहुंचेगा रामादल, तैयारी पूरी
Tue, 12 Mar 2024 10:18 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
Updated Tue, 12 Mar 2024 10:18 AM IST
विज्ञापन
भरावन (हरदोई)। 84 कोसी परिक्रमा आज (मंगलवार) नैमिषारण्य से चलकर मार्ग के पहले पड़ाव हर्रैया पहुंचेगी। प्रशासन ने परिक्रमा की सभी तैयारियां पूरी कर लीं हैं। सीतापुर जनपद के नैमिषारण्य से शुरू होने वाली परिक्रमा में शामिल रामादल का यहां पर स्वागत होगा। भोर से ही प्रथम पड़ाव हर्रैया में रामादल प्रवेश करेगा।
नैमिषारण्य से निकलकर मिश्रिख तक 84 कोसी परिक्रमा के हरदोई में हर्रैया, नगवा, गिरधरपुर, उमरारी और साखिन गोपालपुर में पड़ाव हैं। यहां पर परिक्रमा में शामिल श्रद्धालुओं के साथ ही साधू-संत, विदेशी भक्तों परिक्रमा करते हुए पहुंचते हैं। नगर पंचायत बेनीगंज की ओर से साफ-सफाई ,पानी टैंकर, मोबाइल शौचालय आदि की व्यवस्था की गई है।
रामादल के स्वागत के लिए जगह-जगह द्वार बनाए गए हैं। रामादल हर्रैया पड़ाव पर डेरा डालेगा और पूरी रात रामधुन करेंगे। संत-महंत इस स्थल के पौराणिक महत्वों का वर्णन करेंगे। मान्यता है कि हर्रैया साधु, संतों और हरि का क्षेत्र माना जाता है। बुधवार की भोर में डंका बजने व शंखनाद पर श्रद्धालु अगले पड़ाव के लिए रवाना होंगे।
विज्ञापन
परिक्रमा में श्रद्धालु रास्ते में पड़ने वाले कुमनेश्वर, कुकुरी, मानसरोवर, कोटिश्वर, महादेव आदि तीर्थ स्थलों के दर्शन और पौराणिक हत्याहरण तीर्थ में स्नान करेंगे। मेला कमेटी के महासचिव बनगढ़ महंत संतोष दास खाकी ने बताया कि हर्रैया पड़ाव पर रात में प्रकाश और पेयजल की व्यवस्था ठीक नहीं रहती है।
विज्ञापन
नैमिषारण्य से निकलकर मिश्रिख तक 84 कोसी परिक्रमा के हरदोई में हर्रैया, नगवा, गिरधरपुर, उमरारी और साखिन गोपालपुर में पड़ाव हैं। यहां पर परिक्रमा में शामिल श्रद्धालुओं के साथ ही साधू-संत, विदेशी भक्तों परिक्रमा करते हुए पहुंचते हैं। नगर पंचायत बेनीगंज की ओर से साफ-सफाई ,पानी टैंकर, मोबाइल शौचालय आदि की व्यवस्था की गई है।
विज्ञापन
रामादल के स्वागत के लिए जगह-जगह द्वार बनाए गए हैं। रामादल हर्रैया पड़ाव पर डेरा डालेगा और पूरी रात रामधुन करेंगे। संत-महंत इस स्थल के पौराणिक महत्वों का वर्णन करेंगे। मान्यता है कि हर्रैया साधु, संतों और हरि का क्षेत्र माना जाता है। बुधवार की भोर में डंका बजने व शंखनाद पर श्रद्धालु अगले पड़ाव के लिए रवाना होंगे।
विज्ञापन
परिक्रमा में श्रद्धालु रास्ते में पड़ने वाले कुमनेश्वर, कुकुरी, मानसरोवर, कोटिश्वर, महादेव आदि तीर्थ स्थलों के दर्शन और पौराणिक हत्याहरण तीर्थ में स्नान करेंगे। मेला कमेटी के महासचिव बनगढ़ महंत संतोष दास खाकी ने बताया कि हर्रैया पड़ाव पर रात में प्रकाश और पेयजल की व्यवस्था ठीक नहीं रहती है।