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हरदोई: प्रधानमंत्री मोदी आज करेंगे मेडिकल कॉलेज का लोकार्पण, डीएम ने परखी तैयारियां

Mon, 25 Oct 2021 12:59 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Mon, 25 Oct 2021 12:59 AM IST
सार

हरदोई में करीब 207 करोड़ की लागत से नवनिर्मित मेडिकल कालेज का सोमवार 25 अक्टूबर को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा वर्चुअली लोकापर्ण किया जाएगा। जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने मेडिकल कालेज पहुंच कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। 

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Prime Minister to inaugurate Hardoi Medical College on October 25
हरदोई में मेडिकल कॉलेज का लोकार्पण करेंगे पीएम - फोटो : amar ujala

विस्तार

हरदोई के गौरा डांडा स्थित मेडिकल कॉलेज का लोकार्पण 25 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोनभद्र से वर्चुअली करेंगे। इसकी तैयारियों का जायजा शनिवार को डीएम अविनाश कुमार ने लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि वर्चुअल लोकार्पण के मद्देनजर इंटरनेट कनेक्टिविटी ठीक रखें। हरदोई के अलावा उरई, इटावा, बांदा और कन्नौज मेडिकल कॉलेज का भी लोकार्पण किया जाएगा। 

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लगभग दो अरब सात करोड़ रुपये से हरदोई मेडिकल कॉलेज का निर्माण हो रहा है। गौराडांडा में मेडिकल कॉलेज का प्रशासनिक और अकेडमिक ब्लाक बन गया है। इसका लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअली करेंगे।
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डीएम अविनाश कुमार ने मेडिकल कॉलेज के निरीक्षण के दौरान जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी (एनआईसी) अमित मिश्रा को निर्देश दिए कि परिसर में तीन एलईडी इस तरह से लगवाई जाएं कि सभी जनप्रतिनिधि व अन्य लोग ठीक से प्रधानमंत्री का संबोधन सुन और देख सकें।
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नगर मजिस्ट्रेट सदानंद गुप्ता को निर्देश दिए कि मेडिकल कॉलेज में रहकर सभी संबंधित लोगों से समन्वय स्थापित कर तैयारियां पूरी कर लें। मेडिकल कालेज की प्राचार्या डॉ. वाणी गुप्ता और एडीएम वंदना त्रिवेदी को निर्देश दिए कि नगर मजिस्ट्रेट के साथ समन्वय स्थापित कर व्यवस्था देखें।

उरई
जिले में 2013 में मेडिकल कालेज बना। यहां एमबीबीएस की 100 और पीजी की पांच सीटें स्वीकृत हैं। कालेज की बिल्डिंग ठीक है। यहां संकाय के 103, नर्सिंग के 273, पैरामेडिकल के 80 सृजित पद हैं। मरीजों को चिकित्सीय परामर्श व आवश्यकतानुसार सभी दवाएं उपलब्ध हैं। वर्तमान में कालेज के पास करीब 100 से अधिक वेंटीलेंटर हैं। उपचार से लेकर आपरेशन तक की सुविधाएं उपलब्ध हैं। कुल 450 बेड हैं। मेडिकल कालेज में काफी समय से कार्डियोलाजी विभाग की मांग की जा रही है। मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ द्विजेंद्र नाथ ने बताया कि यहीं के विशेषज्ञ जिला अस्पताल में डायलिसिस की सेवाएं दे रहे हैं। जल्द ही मेडिकल कालेज में एमआरआई और सीटी स्कैन की सुविधा भी पीपीपी मॉडल पर मिलने लगेगी। इसके लिए तैयारियां जारी हैं। बाकी अन्य जांचें हो रही हैं।

इटावा
उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई के कुलसचिव सुरेश चंद्र शर्मा ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में 2007 पढ़ाई शुरू करा दी गई थी। यहां 500 बेड हैं। एमबीबीएस की 200 व पीजी की 85 सीटें हैं। अभी कोई नया विभाग खुला नहीं है। यहां 500 बेड का सुपर स्पेशियलिटी व 300 बेड का गायनी अस्पताल खोला जा रहा है। इस लगभग 85 परसेंट कार्य पूर्ण हो चुका है। मेडिकल कॉलेज के भवन की स्थिति बेहतर है। हॉस्टल की स्थिति में भी काफी सुधार है। स्टाफ की कमी नहीं है। 10 ऑपरेशन थियेटर हैं। इमरजेंसी ट्रामा सेंटर में एमआरआई व सीटी स्कैन मशीन दो वर्ष से अधिक समय से खराब हैं। यह मशीनें 2007 में लगाई गई थीं। 

बांदा
राजकीय मेडिकल कॉलेज की शुरुआत 2016 में हुई थी। 100 सीटों की मान्यता मिलने के बाद अक्तूबर से पहला शिक्षा सत्र शुरू हुआ। लगातार तीन सत्रों तक प्रवेश हुए। 2020-21 में मान्यता न मिलने से चौथे बैच की शुरुआत नहीं हुई। अब 21-22 की मान्यता हासिल होने पर 100 सीटों में पुन: दाखिला हो सका। मौजूदा में 400 एमबीबीएस छात्र हैं। दो हॉस्टलों का निर्माण होना है। पीजी में कोई दाखिला नहीं हुआ। आचार्य के 60, जूनियर रेजिडेंट के 110 तथा नर्स-पैरामेडिकल स्टाफ के 400 सहित 1392 पद स्वीकृत हैं। अभी सिर्फ 60 फीसदी स्टाफ है। मरीजों के लिए दवा पर्याप्त है। इस वर्ष दवा आदि के लिए तीन करोड़ रुपये बजट मंजूर हुआ है। खांसी के सिरप, ड्रिप, टांके के धागे आदि की कमी रहती है। डेंगू, कैंसर आदि की जांचें नहीं होतीं। पीपीपी मॉडल से सीटी स्कैन की सुविधा मंजूर हुई है, लेकिन अभी तक शुरुआत नहीं हुई। छह ऑपरेशन थियेटर में चार चालू हैं। 2 मॉड्यूलर ओटी एयर कंडीशन प्लांट की खराबी से बंद हैं। मेडिकल कॉलेज में 400 बेड हैं। 


कन्नौज
कन्नौज में 2009 में मेडिकल कॉलेज और 2012 में पढ़ाई शुरू हुुई थी। भवन का पूरा निर्माण हो चुका है। एमबीबीएस की 100 सीटें निर्धारित हैं। पीजी संचालित नहीं है। इसके के लिए प्रस्ताव भेजा जा चुका है। दो साल से रेडियोलॉजिस्ट न होने कारण अल्ट्रासाउंड बंद है। भवन नया बना है। छात्र-छात्राओं के अलग-अलग हॉस्टल हैं। संकाय सदस्यों के 106 पद सृजित हैं। 54 पद भरे हैं। कालेज में प्रधानाचार्य डॉ. नवनीत कुमार की नियुक्ति है। 500 बेड की सुविधा है। मरीजों को दवा वितरण की समस्या नहीं है। पीपीपी मॉडल पर सीटी स्कैन, एमआरआई जांचें अलग-अलग दरों पर होती हैं। अन्य जांचें निशुल्क हैं। कॉलेज के आठ ऑपरेशन थियेटर में सिर्फ दो चालू हैं। एनेस्थीसिया डॉक्टर की तैनाती न होने कारण ऑपरेशन नहीं हो पाते। डॉ. शादाब ने बताया कि इमरजेंसी सुचारु रूप से चल रही है।

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