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सेना में भर्ती की तैयारी कर रहे युवक की हादसे में मौत

Sun, 06 Nov 2016 11:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई Updated Sun, 06 Nov 2016 11:34 PM IST
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Preparing youth for military killed in the accident
युवक की मौत पर रोते-बिलखते परिजन। - फोटो : अमर उजाला

पिहानी (हरदोई)। तेज रफ्तार बाइक की चपेट में आकर सेना में भर्ती की तैयारी कर रहे युवक की दर्दनाक मौत हो गई। परिजनों के अनुसार जख्मी युवक का इलाज करने में सीएचसी के डॉक्टरों ने देरी की, जिससे उसकी मौत हुई है।डॉक्टरों के रवैये से नाराज लोगों ने सीएचसी के पास पिहानी- हरदोई मार्ग पर जाम लगा दिया। पुलिस के पहुंचने तक आधा घंटे तक जाम लगा रहा। मृतक के पिता की तहरीर पर पुलिस ने बाइक चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। 

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पिहानी कोतवाली क्षेत्र के चठिया गांव के मजरा कनगुइया निवासी छविनाथ (20) पुत्र रामसेवक सेना में भर्ती के लिए तैयारी कर रहा था। इसके लिए वह रोज सुबह दौड़ भी लगाता था। रविवार सुबह करीब पांच बजे छविनाथ कुछ अन्य लड़कों के साथ चठिया मार्ग पर दौड़ने गया था। इस दौरान सामने से आई तेज रफ्तार बाइक ने उसे टक्कर मार दी।

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इस हादसे में छविनाथ गंभीर रूप से घायल हो गया। साथियों की सूचना पर परिजन व एंबुलेंस मौके पर पहुंची और घायल को पिहानी सीएचसी पहुंचाया। सीएचसी के डॉक्टर काफी देर बाद बाहर निकले और छविनाथ को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाकर पिहानी -हरदोई रोड जाम कर हंगामा शुरू कर दिया।

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सूचना मिलने पर चौकी प्रभारी फोर्स सहित मौके पर पहुंचे और भीड़ को समझाकर जाम खुलवाया। मृतक के पिता की तहरीर पर पुलिस ने बाइक चालक पंकज पुत्र राजपाल निवासी नौगवां कोतवाली पिहानी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम कराया। सीएचसी कार्यवाहक प्रभारी डॉ. वैभव जायसवाल का कहना है कि मरीज अस्पताल में मृत अवस्था में ही पहुंचा था। डॉक्टर बुलाने के साथ ही पहुंच गए थे। कहीं किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई। 



छविनाथ के पिता रामसेवक का कहना है कि अगर सीएचसी पहुंचने पर डॉक्टर तुरंत बाहर आ जाते तो शायद बेटे की जान बच जाती। उन्होंने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया है। पिता ने बताया कि बड़े बेटे की भी हादसे में ही मौत हो गई थी। इसके बाद छविनाथ ही परिवार की एकमात्र उम्मीद था। रामसेवक का कहना है कि परिवार के लोग बेटे को फौजी की वर्दी में देखना चाहते थे लेकिन ऊपर वाले ने अनर्थ क दिया। बेटे की मौत से रामसेवक और परिवार के लोगों को बुरा हाल है। 

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