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Hardoi News: तीन साल पहले बंद हुई योजना के कर्मचारियों को लंबित मानदेय दिए जाने की तैयारी
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हरदोई। तीन साल पहले बंद हो चुके भारत साक्षरता मिशन के तहत जिले में तैनात रहे प्रेरकों के लिए उम्मीद भरी खबर है। योजना बंद किए जाने के समय लंबित रहा प्रेरकों का मानदेय दिए जाने की तैयारी चल रही है। इसके लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से प्रेरकों का ब्योरा तलब किया गया है।
भारत साक्षरता मिशन के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में दो-दो शिक्षक प्रेरक नियुक्त किए गए थे। इन्हें दो हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता था। इन्हें 15 साल से अधिक आयु के निरक्षर को साक्षर बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी। एक साल में दो बार परीक्षा होती थी। इसमें सफल लोगों को साक्षरता का प्रमाणपत्र दिया जाता था। करीब तीन साल पहले यह योजना बंद कर दी गई थी। इसके बाद से प्रेरक बकाया मानदेय को लेकर लगातार प्रयास कर रहे थे।
शासन ने इन्हें भुगतान दिलाए जाने का आश्वासन दिया था। अब प्रेरकों का ब्योरा तैयार किया जा रहा है। प्रेरक का खाता नंबर, आधार नंबर, भुगतान की स्थिति सहित कुछ अन्य जानकारियां भी मांगी गई हैं। इन जानकारियों को ब्लॉक संसाधन केंद्र पर एकत्र किया जा रहा है। जब यह योजना बंद हुई थी तब प्रेरकों का लगभग दो-दो साल का मानदेय बाकी था। अब यह मानदेय मिलने की उम्मीद है।
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शासन से जो सूचनाएं मांगी थीं उनको एकत्र कर भेजा जा रहा है। भुगतान का निर्णय शासन स्तर से होगा। -प्रभाष कुंवर श्रीवास्तव, बीईओ मुख्यालय
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भारत साक्षरता मिशन के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में दो-दो शिक्षक प्रेरक नियुक्त किए गए थे। इन्हें दो हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता था। इन्हें 15 साल से अधिक आयु के निरक्षर को साक्षर बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी। एक साल में दो बार परीक्षा होती थी। इसमें सफल लोगों को साक्षरता का प्रमाणपत्र दिया जाता था। करीब तीन साल पहले यह योजना बंद कर दी गई थी। इसके बाद से प्रेरक बकाया मानदेय को लेकर लगातार प्रयास कर रहे थे।
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शासन ने इन्हें भुगतान दिलाए जाने का आश्वासन दिया था। अब प्रेरकों का ब्योरा तैयार किया जा रहा है। प्रेरक का खाता नंबर, आधार नंबर, भुगतान की स्थिति सहित कुछ अन्य जानकारियां भी मांगी गई हैं। इन जानकारियों को ब्लॉक संसाधन केंद्र पर एकत्र किया जा रहा है। जब यह योजना बंद हुई थी तब प्रेरकों का लगभग दो-दो साल का मानदेय बाकी था। अब यह मानदेय मिलने की उम्मीद है।
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शासन से जो सूचनाएं मांगी थीं उनको एकत्र कर भेजा जा रहा है। भुगतान का निर्णय शासन स्तर से होगा। -प्रभाष कुंवर श्रीवास्तव, बीईओ मुख्यालय