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Hardoi News: 30 पूर्व प्रधान और पंचायत सचिवों से वसूली की तैयारी
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हरदोई। वर्ष 2010 से 2015 तक गांवों में कराए गए कार्य और खर्च में गड़बड़ी पर अब कार्रवाई की तैयारी है।
विभाग ने इस अवधि की ऑडिट आपत्ति का निराकरण कराते हुए परिपालन रिपोर्ट न देने वाली करीब 20 ग्राम पंचायतों को चिह्नित किया है। यहां पर ऑडिट में दर्शायी गई राशि को तय करते हुए पूर्व प्रधान और तत्कालीन पंचायत सचिव से वसूल किया जाएगा।
पंचायतीराज विभाग की ओर से गांवों में विकास कार्यों के लिए विभिन्न मदों में राशि दी जाती है। राज्य वित्त आयोग और केंद्रीय वित्त आयोग के मद की राशि के साथ ही ग्राम पंचायत की आय-व्यय का ऑडिट किया जाता है। बताया कि वर्ष 2010 से 2015 की अवधि में लेखा परीक्षा विभाग ने बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतों में राशि के खर्च और हिसाब-किताब का ब्योरा नहीं दिया था।
ग्राम पंचायतों में खर्च में गड़बड़ी पर लेखा परीक्षा विभाग ने आपत्ति लगाते हुए मूल अभिलेख तलब किए थे। पंचायत सचिवों और प्रधानों को ऑडिट आपत्ति निराकरण कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इस अवधि की करीब 30 ग्राम पंचायतों के जिम्मेदारों ने न तो ऑडिट आपत्ति का निराकरण कराया और न ही पंचायतीराज विभाग में परिपालन रिपोर्ट दी। अब विभाग ने इन ग्राम पंचायतों में ऑडिट में दर्शायी गई गड़बड़ी पर वसूली की तैयारी की है।
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जिला पंचायत राज अधिकारी विनय कुमार सिंह ने बताया कि ऑडिट प्रस्तर निस्तारण और कार्रवाई की नियमित समीक्षा शासन स्तर पर हो रही है। यहां पर वर्ष 2010-20215 के मध्य की करीब 30 ग्राम पंचायतों ने लेखा परीखा विभाग में आपित्त का निराकरण नहीं कराया है। इन ग्राम पंचायतों से जुड़ी राशि का निर्धारण कराते हुए वसूली कराई जाएगी।
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विभाग ने इस अवधि की ऑडिट आपत्ति का निराकरण कराते हुए परिपालन रिपोर्ट न देने वाली करीब 20 ग्राम पंचायतों को चिह्नित किया है। यहां पर ऑडिट में दर्शायी गई राशि को तय करते हुए पूर्व प्रधान और तत्कालीन पंचायत सचिव से वसूल किया जाएगा।
पंचायतीराज विभाग की ओर से गांवों में विकास कार्यों के लिए विभिन्न मदों में राशि दी जाती है। राज्य वित्त आयोग और केंद्रीय वित्त आयोग के मद की राशि के साथ ही ग्राम पंचायत की आय-व्यय का ऑडिट किया जाता है। बताया कि वर्ष 2010 से 2015 की अवधि में लेखा परीक्षा विभाग ने बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतों में राशि के खर्च और हिसाब-किताब का ब्योरा नहीं दिया था।
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ग्राम पंचायतों में खर्च में गड़बड़ी पर लेखा परीक्षा विभाग ने आपत्ति लगाते हुए मूल अभिलेख तलब किए थे। पंचायत सचिवों और प्रधानों को ऑडिट आपत्ति निराकरण कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इस अवधि की करीब 30 ग्राम पंचायतों के जिम्मेदारों ने न तो ऑडिट आपत्ति का निराकरण कराया और न ही पंचायतीराज विभाग में परिपालन रिपोर्ट दी। अब विभाग ने इन ग्राम पंचायतों में ऑडिट में दर्शायी गई गड़बड़ी पर वसूली की तैयारी की है।
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जिला पंचायत राज अधिकारी विनय कुमार सिंह ने बताया कि ऑडिट प्रस्तर निस्तारण और कार्रवाई की नियमित समीक्षा शासन स्तर पर हो रही है। यहां पर वर्ष 2010-20215 के मध्य की करीब 30 ग्राम पंचायतों ने लेखा परीखा विभाग में आपित्त का निराकरण नहीं कराया है। इन ग्राम पंचायतों से जुड़ी राशि का निर्धारण कराते हुए वसूली कराई जाएगी।