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प्रभु की लीला हमेशा से अपरंपार है: प्रभाकर
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फोटो-19- कथा वाचक आचार्य डॉ. प्रभाकर त्रिपाठी। संवाद
- फोटो : HARDOI
बेहटा गोकुल। क्षेत्र के नयागांव में चल रहे लक्ष्मी नारायण महायज्ञ में बुधवार को दूसरे दिन भगवान श्रीराम जी का जन्म महोत्सव मनाया गया। पवनपुरी काशीधाम से आए आचार्य डॉ. प्रभाकर त्रिपाठी जी ने कहा कि प्रभु की लीलाएं हमेशा से अपरंपार रही हैं।
भगवान का हृदय रूपी अयोध्या में तब जन्म होता है जब भवानी और शंकर का, श्रद्धा और विश्वास का परस्पर मिलन होता है।
आचार्य डॉ. प्रभाकर त्रिपाठी ने कहा कि भगवान जब इस धरा पर अवतरित हुए तब दिन मंगलवार था।
मंगलवार का दिन हमेशा से विशिष्ट होता है। संकट मोचन हनुमान जी जब इस धरा पर अवतरित हुए तब भी मंगलवार ही था। भगवान लक्ष्मी नारायण व श्री सीताराम जी के रूप में जब अवतरित हुए और उनका विवाह महोत्सव मनाया गया वह दिवस भी मंगलवार था। यह क्षेत्र के लोगों का परम सौभाग्य है कि यहां भी लक्ष्मी नारायण भगवान महायज्ञ का शुभारंभ मंगलवार से हुआ है।
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भगवान का हृदय रूपी अयोध्या में तब जन्म होता है जब भवानी और शंकर का, श्रद्धा और विश्वास का परस्पर मिलन होता है।
आचार्य डॉ. प्रभाकर त्रिपाठी ने कहा कि भगवान जब इस धरा पर अवतरित हुए तब दिन मंगलवार था।
मंगलवार का दिन हमेशा से विशिष्ट होता है। संकट मोचन हनुमान जी जब इस धरा पर अवतरित हुए तब भी मंगलवार ही था। भगवान लक्ष्मी नारायण व श्री सीताराम जी के रूप में जब अवतरित हुए और उनका विवाह महोत्सव मनाया गया वह दिवस भी मंगलवार था। यह क्षेत्र के लोगों का परम सौभाग्य है कि यहां भी लक्ष्मी नारायण भगवान महायज्ञ का शुभारंभ मंगलवार से हुआ है।
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