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Hardoi News: पहले से था बिजली कटौती का एलान फिर भी अस्पताल न कर पाया वैकल्पिक इंतजाम
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फोटो-10- ओपीडी में लाइट ना होने के कारण बंद पर्चा काउंटर। संवाद
हरदोई। बिजली विभाग की ओर से कटौती की पूर्व सूचना देने के बाद भी स्वास्थ्य महकमे के जिम्मेदार व्यवस्था बनाए रखने को वैकल्पिक इंतजाम नहीं कर पाए। मन्नापुरवा विद्युत उपकेंद्र में मरम्मत के कारण आपूर्ति बाधित हुई तो मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में पौने दो घंटे तक नए पर्चे भी नहीं बन पाए। जरूरी जांचें भी इस दौरान रुकी रहीं। ऐसे में मरीजों काे खासा परेशान होना पड़ा।
मेडिकल कॉलेज परिसर में बिजली व्यवस्था दुरुस्त नहीं है। बिजली जाने पर यहां काेई वैकल्पिक इंतजाम भी नहीं रखे जाते। बिजली कटौती होने पर आए दिन यहां की व्यवस्थाएं ठप हो जाती हैं। मन्नापुरवा स्थित उपकेंद्र पर बुधवार को मरम्मत कार्य कराया जाना था। इसको लेकर विद्युत विभाग की ओर से पूर्व सूचना भी दी गई थी। बुधवार को मेडिकल कॉलेज में वैसे तो 1542 मरीजों ने इलाज के लिए पंजीकरण कराया था लेकिन इसके बाद पर्चे नहीं बन पाए। दोपहर 01:10 बजे बिजली चली गई।
इससे पंजीकरण काउंटर से लेकर सीटी स्कैन, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, सेंट्रल लैब और चिकित्सक कक्ष में भी कामकाज ठप हो गया। मरम्मत कार्य कराने के लिए बंद की गई आपूर्ति दोबारा 02:50 बजे सुचारू हुई। इस बीच ओपीडी का समय भी समाप्त हो गया और चिकित्सक व कर्मचारी चले गए। तमाम मरीज बिना चिकित्सीय परामर्श और जांच कराए ही लौट गए।
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अस्पताल प्रशासन पर सवाल
बिजली कटौती से लगातार ठप रहीं स्वास्थ्य सेवाओं ने मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मरीजों का कहना है कि इतने बड़े अस्पताल में बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था यानी जनरेटर या यूपीएस की सुविधा न होना गंभीर लापरवाही को भी दर्शाता है। मरीजों को उम्मीद थी कि अस्पताल में कम से कम बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं तो निर्बाध मिलेंगी। पौने दो घंटे बाद बिजली आपूर्ति बहाल होने तक जरूरतमंद मरीज जांच कक्षों के बाहर इंतजार करते दिखाई दिए। इस बीच मरीजों और उनके तीमारदारों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी।
मन्नापुरवा उपकेंद्र पर काम करने को लेकर बेलाताली उपकेंद्र आंशिक रूप से पौने दो घंटे के लिए बंद किया गया था। मेडिकल कॉलेज को आपूर्ति यहीं से मिलती है ऐसे में वह भी बंद रहा। -प्रभात कुमार, अवर अभियंता,
मेडिकल कॉलेज में निर्बाध बिजली आपूर्ति को लेकर लगातार प्रयास किया जा रहा है। काम चल रहा है इस बीच वैकल्पिक व्यवस्था के लिए भी बात हो रही है। उम्मीद है कि मरीजों को जल्द ही राहत मिलेगी। -डॉ. अंकुश श्रीवास्तव, प्रबंधन प्रभारी, मेडिकल कॉलेज
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मेडिकल कॉलेज परिसर में बिजली व्यवस्था दुरुस्त नहीं है। बिजली जाने पर यहां काेई वैकल्पिक इंतजाम भी नहीं रखे जाते। बिजली कटौती होने पर आए दिन यहां की व्यवस्थाएं ठप हो जाती हैं। मन्नापुरवा स्थित उपकेंद्र पर बुधवार को मरम्मत कार्य कराया जाना था। इसको लेकर विद्युत विभाग की ओर से पूर्व सूचना भी दी गई थी। बुधवार को मेडिकल कॉलेज में वैसे तो 1542 मरीजों ने इलाज के लिए पंजीकरण कराया था लेकिन इसके बाद पर्चे नहीं बन पाए। दोपहर 01:10 बजे बिजली चली गई।
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इससे पंजीकरण काउंटर से लेकर सीटी स्कैन, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, सेंट्रल लैब और चिकित्सक कक्ष में भी कामकाज ठप हो गया। मरम्मत कार्य कराने के लिए बंद की गई आपूर्ति दोबारा 02:50 बजे सुचारू हुई। इस बीच ओपीडी का समय भी समाप्त हो गया और चिकित्सक व कर्मचारी चले गए। तमाम मरीज बिना चिकित्सीय परामर्श और जांच कराए ही लौट गए।
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अस्पताल प्रशासन पर सवाल
बिजली कटौती से लगातार ठप रहीं स्वास्थ्य सेवाओं ने मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मरीजों का कहना है कि इतने बड़े अस्पताल में बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था यानी जनरेटर या यूपीएस की सुविधा न होना गंभीर लापरवाही को भी दर्शाता है। मरीजों को उम्मीद थी कि अस्पताल में कम से कम बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं तो निर्बाध मिलेंगी। पौने दो घंटे बाद बिजली आपूर्ति बहाल होने तक जरूरतमंद मरीज जांच कक्षों के बाहर इंतजार करते दिखाई दिए। इस बीच मरीजों और उनके तीमारदारों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी।
मन्नापुरवा उपकेंद्र पर काम करने को लेकर बेलाताली उपकेंद्र आंशिक रूप से पौने दो घंटे के लिए बंद किया गया था। मेडिकल कॉलेज को आपूर्ति यहीं से मिलती है ऐसे में वह भी बंद रहा। -प्रभात कुमार, अवर अभियंता,
मेडिकल कॉलेज में निर्बाध बिजली आपूर्ति को लेकर लगातार प्रयास किया जा रहा है। काम चल रहा है इस बीच वैकल्पिक व्यवस्था के लिए भी बात हो रही है। उम्मीद है कि मरीजों को जल्द ही राहत मिलेगी। -डॉ. अंकुश श्रीवास्तव, प्रबंधन प्रभारी, मेडिकल कॉलेज

फोटो-10- ओपीडी में लाइट ना होने के कारण बंद पर्चा काउंटर। संवाद

फोटो-10- ओपीडी में लाइट ना होने के कारण बंद पर्चा काउंटर। संवाद