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Hardoi News: ब्रेन स्ट्रोक, माइग्रेन और मस्तिष्क के मरीजों को जिले में नहीं मिलता इलाज

Wed, 04 Feb 2026 11:13 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 04 Feb 2026 11:13 PM IST
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Patients suffering from brain stroke, migraine and brain diseases do not get treatment in the district.
फोटो-21- मेडिकल कॉलेज में स्थित ओपीडी का भवन। संवाद
हरदोई। स्वास्थ्य विभाग के दावों के उलट जनपद आज भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में बहुत पिछड़ा है। मेडिकल कॉलेज में अभी किसी न्यूरोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं है।
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इसके चलते ब्रेन स्ट्रोक, मिर्गी, नसों में खिंचाव और माइग्रेन जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को इलाज के लिए हायर सेंटर या फिर दूर जिलों में जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इतना ही नहीं दुर्घटना में सिर की चोट से घायल मरीजों को भी उपचार नहीं मिल पाता है। मरीजों को समय और पैसा दोनों ही अधिक खर्च करना पड़ रहा है।
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जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की बड़ी इकाई मेडिकल काॅलेज में भले ही तमाम व्यवस्थाएं की गई हों लेकिन जिले के मरीजों को बेहतर इलाज के लिए अभी भी दूसरे जनपदों की दौड़ लगानी पड़ रही है। न्यूरो संबंधी समस्या लेकर आने वाले मरीजों को विशेषज्ञ डॉक्टर न होने के कारण यहां सिर्फ प्राथमिक उपचार देकर मरीजों को सीधे हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है या फिर किसी बड़े शहर में जाने का सुझाव दिया जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी उन मरीजों को होती है जिन्हें अचानक ब्रेन स्ट्रोक आता है। स्ट्रोक के दौरान शुरुआती कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण होते हैं लेकिन रास्ते के सफर में ही समय बीत जाने से कई बार मरीज की जान पर बन आती है या वह हमेशा के लिए दिव्यांग हो जाता है।
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दुर्घटनाग्रस्त मरीजों को भी नहीं मिल पाता इलाज

जनपद में न्यूरो सर्जन नहीं है। ऐसे में दुर्घटना से सिर में लगी गंभीर चोट के मरीज को इलाज नहीं मिल पाता है। मेडिकल कॉलेज आने पर मरीज को प्राथमिक उपचार दे दिया जाता है और इसके बाद उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया जाता है। समय से इलाज न मिल पाने पर कई बार मरीज की मृत्यु भी हो जाती है।


केस-1-
बावन के भरिगवां निवासी रमाकांत के दिमाग में टेपवर्म की वजह से संक्रमण फैल गया। इससे उन्हें बार-बार झटके आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में उन्हें दो दिन भर्ती किया गया लेकिन बुधवार को उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। चूंकि, परिजन आर्थिक रूप से कमजोर हैं ऐसे में मरीज को बड़ी मुश्किल से लेकर जा पाए।


केस-2-
माधौगंज निवासी राजेश कश्यप के पुत्र करन (19) का एक्सीडेंट बीते रविवार को हो गया था। रात एक बजे उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। सिर में काफी चोट आई थी। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया लेकिन जब स्थिति बिगड़ने लगी तो उसे दूसरे दिन हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।




न्यूरो सर्जन की तैनाती को लेकर प्रयास किया जा रहा है, शासन को भी पत्र भेजा गया है। वहां से ही न्यूरो सर्जन की तैनाती की जाएगी। सर्जन मिलने से जिले में मरीजों को काफी राहत मिलेगी। -डॉ. जेविन बिष्णु गोगोई, प्रधानाचार्य, मेडिकल कॉलेज
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