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Hardoi News: दूसरे जीवन की तैयारी में ऑक्सीजन संयंत्र, दो साल बाद फिर उम्मीद
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मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन प्लांट की मरम्मत करते टेक्नीशियन।
हरदोई। मेडिकल कॉलेज में दो साल से बंद पड़े ऑक्सीजन संयंत्र को दोबारा चालू करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। आकस्मिक चिकित्सा कक्ष और आईसीयू को ऑक्सीजन सप्लाई देने वाला यह संयंत्र लंबे समय से खराब पड़ा था। शनिवार को रखरखाव करने वाली संस्था के अभियंता ने इसकी सफाई कराई और जरूरी रसायन भरवाए। उम्मीद जताई जा रही है कि दो दिन में यह फिर से संचालन में आ जाएगा।
संयंत्र की स्थापना कोरोना काल में मेडिकल कॉलेज के गेट के पास स्थित पीकू वार्ड के पास की गई थी। इसकी क्षमता 500 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन उत्पादन की है। शुरुआत में यह इमरजेंसी और आईसीयू में ऑक्सीजन सप्लाई करता था। लेकिन बीते दो वर्षों से यह निष्क्रिय पड़ा था, और मरीजों को सिलिंडर व कंसंट्रेटर से ऑक्सीजन दी जा रही थी।
अब सायरिक्स संस्था के अभियंता संतोष मौर्य के निर्देशन में संयंत्र को दुरुस्त करने का काम शुरू हुआ है। शनिवार को पूरी सफाई के साथ-साथ संयंत्र में जीओ लाइट रसायन भरा गया, जो ऑक्सीजन से नाइट्रोजन को अलग करता है। अभियंता ने बताया कि सभी तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी होते ही सप्लाई शुरू कर दी जाएगी। सीएमएस चंद्र कुमार ने कहा कि संयंत्र के चालू होने से मरीजों को काफी राहत मिलेगी।
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संयंत्र की स्थापना कोरोना काल में मेडिकल कॉलेज के गेट के पास स्थित पीकू वार्ड के पास की गई थी। इसकी क्षमता 500 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन उत्पादन की है। शुरुआत में यह इमरजेंसी और आईसीयू में ऑक्सीजन सप्लाई करता था। लेकिन बीते दो वर्षों से यह निष्क्रिय पड़ा था, और मरीजों को सिलिंडर व कंसंट्रेटर से ऑक्सीजन दी जा रही थी।
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अब सायरिक्स संस्था के अभियंता संतोष मौर्य के निर्देशन में संयंत्र को दुरुस्त करने का काम शुरू हुआ है। शनिवार को पूरी सफाई के साथ-साथ संयंत्र में जीओ लाइट रसायन भरा गया, जो ऑक्सीजन से नाइट्रोजन को अलग करता है। अभियंता ने बताया कि सभी तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी होते ही सप्लाई शुरू कर दी जाएगी। सीएमएस चंद्र कुमार ने कहा कि संयंत्र के चालू होने से मरीजों को काफी राहत मिलेगी।
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