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Hardoi News: 48 हजार के लक्ष्य में अब तक 3957 किशोरियों को ही लगा एचपीवी टीका
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हरदोई। सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए चलाए जा रहे एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान की रफ्तार जिले में गति नहीं पकड़ पा रही है। एचपीवी टीका लगाने में जिले में करीब 48 हजार किशोरियों को चिह्नित किया गया है। जिनको ही एचपीवी टीका लगाने का लक्ष्य निर्धारित है, लेकिन अभी तक सिर्फ 3957 किशोरियों का ही टीकाकरण हो सका है।
कैंसर से बचाव के लिए सरकार ने 14 से 15 साल की किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर का टीकाकरण कराया जा रहा है। जिले में भी करीब 48 हजार किशोरियों को चिंह्नित किया गया है। किशोरियों को टीकाकरण करने के लिए ब्लॉकवार लक्ष्य निर्धारित कर सत्र चलाने के निर्देश दिए हैं, लेकिन जिले में यह आंकड़ा भी निराशाजनक बना हुआ है। अब तक केवल 1775 सत्र ही आयोजित किए जा सके हैं। इनमें 3957 किशोरियों को टीकाकरण किया गया है। जबकि, 140 सत्र लंबे समय से लंबित पड़े हैं। समय से सत्र आयोजित न होने के कारण ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों की किशोरियां इस टीके से वंचित हो रही हैं।
महिला अस्पताल की ही प्रगति सबसे कम
स्वास्थ्य विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक जिला महिला अस्पताल हरदोई में निर्धारित 95 सत्रों में से केवल 54 आयोजित हुए। यहां 41 सत्र नहीं हो सके, जो जिले के किसी भी स्वास्थ्य केंद्र के मुकाबले सर्वाधिक हैं। माधौगंज सीएचसी में 23, सांडी में 18, बिलग्राम में 17 और बावन में 14 सत्र अभी आयोजित नहीं हो सके। इसके विपरीत अहीरोरी, मल्लावां, शाहाबाद, बेहंदर, हरपालपुर और कोथावां सीएचसी में सभी सत्र आयोजित किए गए।
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जागरुकता का अभाव बना रोड़ा
डॉक्टरों का कहना है कि अभियान की धीमी गति का एक प्रमुख कारण जमीनी स्तर पर जागरुकता की कमी है। 14 से 15 वर्ष की किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर के जोखिम से बचाने वाले इस टीके को लेकर अभिभावकों के मन में फैली भ्रांतियों को दूर करने में स्वास्थ्य विभाग भी नाकाम साबित हो रहा है। वहीं, इसका लाभ किशोरियों को नहीं मिल पा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच बढ़ाने की जरुरत
एचपीवी संक्रमण को सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण माना जाता है। किशोरियों को समय पर एचपीवी का टीका लगने से भविष्य में इस बीमारी के खतरे को कम किया जा सकता है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के सामने निर्धारित लक्ष्य तक टीकाकरण पहुंचाने के साथ ही छूटे हुए सत्रों को आयोजित कराने की चुनौती है। खासकर उन क्षेत्रों में अभियान को गति देने की जरूरत है, जहां सत्र आयोजित नहीं हो सके हैं।
वर्जन
कम प्रगति वाले ब्लॉक और महिला चिकित्सालय के सीएमएसम को जिलाधिकारी के निर्देश पर लंबित सत्रों के आयोजित करने और प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
डॉ. भवनाथ पांडेय
मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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कैंसर से बचाव के लिए सरकार ने 14 से 15 साल की किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर का टीकाकरण कराया जा रहा है। जिले में भी करीब 48 हजार किशोरियों को चिंह्नित किया गया है। किशोरियों को टीकाकरण करने के लिए ब्लॉकवार लक्ष्य निर्धारित कर सत्र चलाने के निर्देश दिए हैं, लेकिन जिले में यह आंकड़ा भी निराशाजनक बना हुआ है। अब तक केवल 1775 सत्र ही आयोजित किए जा सके हैं। इनमें 3957 किशोरियों को टीकाकरण किया गया है। जबकि, 140 सत्र लंबे समय से लंबित पड़े हैं। समय से सत्र आयोजित न होने के कारण ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों की किशोरियां इस टीके से वंचित हो रही हैं।
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महिला अस्पताल की ही प्रगति सबसे कम
स्वास्थ्य विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक जिला महिला अस्पताल हरदोई में निर्धारित 95 सत्रों में से केवल 54 आयोजित हुए। यहां 41 सत्र नहीं हो सके, जो जिले के किसी भी स्वास्थ्य केंद्र के मुकाबले सर्वाधिक हैं। माधौगंज सीएचसी में 23, सांडी में 18, बिलग्राम में 17 और बावन में 14 सत्र अभी आयोजित नहीं हो सके। इसके विपरीत अहीरोरी, मल्लावां, शाहाबाद, बेहंदर, हरपालपुर और कोथावां सीएचसी में सभी सत्र आयोजित किए गए।
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जागरुकता का अभाव बना रोड़ा
डॉक्टरों का कहना है कि अभियान की धीमी गति का एक प्रमुख कारण जमीनी स्तर पर जागरुकता की कमी है। 14 से 15 वर्ष की किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर के जोखिम से बचाने वाले इस टीके को लेकर अभिभावकों के मन में फैली भ्रांतियों को दूर करने में स्वास्थ्य विभाग भी नाकाम साबित हो रहा है। वहीं, इसका लाभ किशोरियों को नहीं मिल पा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच बढ़ाने की जरुरत
एचपीवी संक्रमण को सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण माना जाता है। किशोरियों को समय पर एचपीवी का टीका लगने से भविष्य में इस बीमारी के खतरे को कम किया जा सकता है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के सामने निर्धारित लक्ष्य तक टीकाकरण पहुंचाने के साथ ही छूटे हुए सत्रों को आयोजित कराने की चुनौती है। खासकर उन क्षेत्रों में अभियान को गति देने की जरूरत है, जहां सत्र आयोजित नहीं हो सके हैं।
वर्जन
कम प्रगति वाले ब्लॉक और महिला चिकित्सालय के सीएमएसम को जिलाधिकारी के निर्देश पर लंबित सत्रों के आयोजित करने और प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
डॉ. भवनाथ पांडेय
मुख्य चिकित्सा अधिकारी