फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   Online release of the book 'Anchae Antaral'

Hardoi News: पुस्तक 'अनचाहे अंतराल' का ऑनलाइन विमोचन

Sun, 12 Nov 2023 07:12 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 12 Nov 2023 07:12 PM IST
विज्ञापन
Online release of the book 'Anchae Antaral'
पिहानी। फिक्शन उपन्यास की पुस्तक ''अनचाहे अंतराल'' अमेजन पर रिलीज हो गई है।
विज्ञापन

दीपावली की पूर्व संध्या पर पुस्तक का ऑनलाइन विमोचन राष्ट्रपति के हाथों कांस्य पदक प्राप्त लेखक के पिता सर्वजीत सिंह के जरिए किया गया। इसके लेखक डॉ. कौशलेंद्र विक्रम सिंह पिहानी के राजकीय महाविद्यालय में समाजशास्त्र के विभागाध्यक्ष हैं।
मूलतः बहराइच जनपद के विकासखंड हुजूरपुर के ग्राम शाहपुर के रहने लेखक डॉ. सिंह ने बताया कि उनके पिता ही उनके आदर्श हैं, वह उन्हीं की तरह समाज सेवा को अपना परम कर्तव्य मानते हैं।
विज्ञापन

वह किताबों और शिक्षा के द्वारा समाज में बदलाव लाना चाहते हैं। अनचाहे अंतराल को रेडग्रेब प्रकाशन ने प्रकाशित किया है। अनचाहे अंतराल उपन्यास लिव–इन रिलेशन में रहकर यूपीएससी की तैयारी करने वाले एक जोड़े की प्रेम कथा है, जिसे बेहद दिलचस्प ढंग से बयान किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

दया नारायण अग्निहोत्री और कात्यायनी मुखर्जी उपन्यास के केंद्रीय पात्र हैं। उनके संघर्षों को उपन्यासकार ने शब्द दिए हैं। यह उपन्यास सरकारी नौकरी के लिए जद्दोजहद करते युवाओं के संघर्ष की महागाथा है। उपन्यास में भावना बनाम बुद्धि और प्राप्त बनाम अप्राप्त के बीच द्वंद्व दिखाया गया है।
आधुनिक जीवन में बढ़ रहे भौतिकतावाद और दिखावे के कारण लोग किस तरह अपनी मूल भावनाओं से कटते जा रहे हैं, यह दर्शाने का प्रयास किया गया है। उपन्यास में स्त्री-पुरुष के बीच दरकते रिश्ते, टूटते परिवार आदि की समस्या को भी बखूबी उठाया गया है। उपन्यास का उद्देश्य यह दिखाना है कि हर व्यक्ति आधा-अधूरा है। पूर्णतः की तलाश व्यर्थ है। बहुत अधिक अच्छे की चाह में कई बार वे चीजें भी हाथ से फिसल जाती हैं, जो हमारे पास होती हैं।
भौतिकतावाद की अंध दौड़ में व्यक्ति एक समय अकेला हो जाता है, तब उसे अपने रिश्तों की याद आती है। तब तक चीजें काफी बिगड़ जाती हैं। उपन्यास लेखन में रोचकता प्रारंभ से अंत तक बनाई रखी गई है ताकि युवा पाठक उपन्यास का आनंद ले सकें।

उपन्यास की साहित्यकता बनाए रखते हुए, इसे सहज और सरल हिन्दी में लिखा गया है ताकि उन युवाओं को भी हिन्दी की पुस्तकों से जोड़ा जा सके जो आजकल सोशल मीडिया की रील्स की दुनिया में व्यस्त हैं। यह पुस्तक युवाओं के लिए प्रेरक प्रसंग तथा स्वस्थ मनोरंजन का साधन भी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed