{"_id":"5e9f2f528ebc3e90470ce850","slug":"online-education-hardoi-news-knp556383319","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षा की खातिर एक लाख 36 हजार में 67 हजार बच्चे हुए ऑनलाइन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षा की खातिर एक लाख 36 हजार में 67 हजार बच्चे हुए ऑनलाइन
विज्ञापन
फोटो-11-डीआईओएस कार्यालय में फीडिंग का काम करते जिम्मेदार। संवाद
- फोटो : HARDOI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरदोई। लॉकडाउन में बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा प्रदान करने के लिए 624 माध्यमिक विद्यालयों ने ऑनलाइन टीचिंग शुरू की है। आंकड़ों के अनुसार अब तक एक लाख 37 हजार पंजीकृत बच्चों में 67 हजार 455 बच्चे ऑनलाइन शिक्षण का लाभ ले रहे हैं। डीआईओएस ने बताया कि उनका लक्ष्य शत प्रतिशत बच्चों को ऑनलाइन शिक्षण व्यवस्था में लाना है।
डीआईओएस वीके दुबे ने बताया कि शासन के निर्देशों के बाद जिला स्तर पर ऑनलाइन टीचिंग को लेकर प्रयास किए गए हैं। इस कार्य में हर एक विद्यालय ने अपने स्तर से प्रयास किए हैं। अब तक 624 विद्यालयों में ऑनलाइन टीचिंग शुरू कर दी गई है। जिसमें एक लाख 37 हजार बच्चों में से 67 हजार 455 बच्चे कक्षाओं का लाभ ले रहे हैं।
इसके अलावा ब्लाक स्तर पर ग्रुप बनाए गए हैं जिन पर निगरानी रखने के लिए नोडल अधिकारी नामित कर दिए गए हैं। उदाहरण के तौर पर जैसे शहर में कौशल किशोर व शालिनी शर्मा को जिम्मेदारी दी गई है। संडीला में अवधेश त्रिपाठी व बिलग्राम में सुनील व योगेंद्र को नोडल बनाया गया है।
विज्ञापन
हरदोई। डीआईओएस ने बताया कि अधिक से अधिक बच्चों को ग्रुप पर जोड़ने के लिए जो कक्षा का मानीटर हो उसे भी एडमिन बनाना चाहिए। मानीटर के पास अधिक से अधिक बच्चों के नंबर होने की संभावना रहती है। इसलिए अधिक बच्चों को जोड़ा जा सकता है।
हरदोई। डीआईओएस ने ग्रुपों पर यह संदेश देने के भी निर्देश दिए हैं कि ऑनलाइन कक्षाएं सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक चलती है। लॉकडाउन है अधिकांश अभिभावक घर पर ही रहते हैं यदि नहीं रहते हैं तो वह घर का अन्य नंबर या पड़ोसी का नंबर दे सकते हैं। जिससे बच्चों को शिक्षण सामग्री प्राप्त हो सके।
हरदोई। डीआईओएस ने बताया कि उन्हें भी प्रतिदिन की स्थिति से अवगत कराया जाए कि कहां क्या प्रगति है। खास बात यह है कि जिन स्कूलों या ब्लाकों में जितनी संख्या में बच्चे ऑनलाइन हो रहे हैं वह संख्या बढ़नी चाहिए।
हरदोई। प्रति ब्लाक छह से 10 ग्रुप कलस्टर तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं और उनसे स्कूलों को जोड़ने की बात कही गई है।
विज्ञापन
डीआईओएस वीके दुबे ने बताया कि शासन के निर्देशों के बाद जिला स्तर पर ऑनलाइन टीचिंग को लेकर प्रयास किए गए हैं। इस कार्य में हर एक विद्यालय ने अपने स्तर से प्रयास किए हैं। अब तक 624 विद्यालयों में ऑनलाइन टीचिंग शुरू कर दी गई है। जिसमें एक लाख 37 हजार बच्चों में से 67 हजार 455 बच्चे कक्षाओं का लाभ ले रहे हैं।
विज्ञापन
इसके अलावा ब्लाक स्तर पर ग्रुप बनाए गए हैं जिन पर निगरानी रखने के लिए नोडल अधिकारी नामित कर दिए गए हैं। उदाहरण के तौर पर जैसे शहर में कौशल किशोर व शालिनी शर्मा को जिम्मेदारी दी गई है। संडीला में अवधेश त्रिपाठी व बिलग्राम में सुनील व योगेंद्र को नोडल बनाया गया है।
विज्ञापन
हरदोई। डीआईओएस ने बताया कि अधिक से अधिक बच्चों को ग्रुप पर जोड़ने के लिए जो कक्षा का मानीटर हो उसे भी एडमिन बनाना चाहिए। मानीटर के पास अधिक से अधिक बच्चों के नंबर होने की संभावना रहती है। इसलिए अधिक बच्चों को जोड़ा जा सकता है।
हरदोई। डीआईओएस ने ग्रुपों पर यह संदेश देने के भी निर्देश दिए हैं कि ऑनलाइन कक्षाएं सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक चलती है। लॉकडाउन है अधिकांश अभिभावक घर पर ही रहते हैं यदि नहीं रहते हैं तो वह घर का अन्य नंबर या पड़ोसी का नंबर दे सकते हैं। जिससे बच्चों को शिक्षण सामग्री प्राप्त हो सके।
हरदोई। डीआईओएस ने बताया कि उन्हें भी प्रतिदिन की स्थिति से अवगत कराया जाए कि कहां क्या प्रगति है। खास बात यह है कि जिन स्कूलों या ब्लाकों में जितनी संख्या में बच्चे ऑनलाइन हो रहे हैं वह संख्या बढ़नी चाहिए।
हरदोई। प्रति ब्लाक छह से 10 ग्रुप कलस्टर तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं और उनसे स्कूलों को जोड़ने की बात कही गई है।