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Hardoi News: गैरइरादतन हत्या में एक को आठ साल की सजा, दो भाई मारपीट के भी दोषी
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हरदोई। अपर जिला जज (एससी/एसटी कोर्ट) सपना त्रिपाठी ने गैरइरादतन हत्या के मामले में सुनवाई पूरी कर तीन सगे भाइयों को सजा सुनाई।
एक भाई को गैरइरादतन हत्या का दोषी मानते हुए आठ साल की सजा और दो भाइयों को मारपीट के आरोप में छह छह माह की सजा सुनाई है।तीनों अभियुक्तों पर कुल 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के गंज जलालाबाद निवासी विनोद ने नौ अगस्त 2016 को पुलिस को तहरीर दी थी। बताया था कि छह अगस्त 2016 को शाम चार बजे उसकी मां राजरानी खेतों से घास लेकर घर जा रही थीं। रास्ते में गांव के अन्य, झिगुंरी और नफीस नशे की हालत में मिले। इन लोगों ने राजरानी को रोक लिया और गाली गलौज की, हाथ से हसिया छीन मारपीट भी की। मां के शोर मचाने पर विनोद और उसका भाई मौके पर पहुंच गए। दोनों को देखकर आरोपी भाग गए। पुलिस ने अनुसूचित जाति उत्पीड़न और धारदार हथियार से वार करने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की।
राजरानी को सीएचसी मल्लावां से जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। सात अगस्त को जिला अस्पताल से लखनऊ मेडिकल कॉलेज भेजा दिया गया। नौ अगस्त को मेडिकल कॉलेज से बलरामपुर अस्पताल भेजा गया। जहां 15 अगस्त को राजरानी की मौत हो गई। सुनवाई के बाद अपर जिला जज सपना त्रिपाठी ने झिंगुरी को गैरइरादतन हत्या का दोषी पाया ओर उसे आठ साल की सजा सुनाई। उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना किया है। अनीस और नफीस को मारपीट में दोषी पाया। इन दोनों को छह छह माह की सजा और 2500-2500 रुपये का जुर्माना लगाया।
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एक भाई को गैरइरादतन हत्या का दोषी मानते हुए आठ साल की सजा और दो भाइयों को मारपीट के आरोप में छह छह माह की सजा सुनाई है।तीनों अभियुक्तों पर कुल 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के गंज जलालाबाद निवासी विनोद ने नौ अगस्त 2016 को पुलिस को तहरीर दी थी। बताया था कि छह अगस्त 2016 को शाम चार बजे उसकी मां राजरानी खेतों से घास लेकर घर जा रही थीं। रास्ते में गांव के अन्य, झिगुंरी और नफीस नशे की हालत में मिले। इन लोगों ने राजरानी को रोक लिया और गाली गलौज की, हाथ से हसिया छीन मारपीट भी की। मां के शोर मचाने पर विनोद और उसका भाई मौके पर पहुंच गए। दोनों को देखकर आरोपी भाग गए। पुलिस ने अनुसूचित जाति उत्पीड़न और धारदार हथियार से वार करने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की।
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राजरानी को सीएचसी मल्लावां से जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। सात अगस्त को जिला अस्पताल से लखनऊ मेडिकल कॉलेज भेजा दिया गया। नौ अगस्त को मेडिकल कॉलेज से बलरामपुर अस्पताल भेजा गया। जहां 15 अगस्त को राजरानी की मौत हो गई। सुनवाई के बाद अपर जिला जज सपना त्रिपाठी ने झिंगुरी को गैरइरादतन हत्या का दोषी पाया ओर उसे आठ साल की सजा सुनाई। उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना किया है। अनीस और नफीस को मारपीट में दोषी पाया। इन दोनों को छह छह माह की सजा और 2500-2500 रुपये का जुर्माना लगाया।
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