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Hardoi News: पांच परियोजनाओं के आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार आपूर्ति अप्रैल से ठप
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हरदोई। आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत लाभार्थियों के पोषाहार आपूर्ति में संस्था की लापरवाही और मनमानी भारी पड़ गई है। पांच बाल विकास परियोजनाओं के 1,045 आंगनबाड़ी केंद्रों पर अप्रैल माह से पोषाहार की आपूर्ति ठप है। इससे इन परियोजनाओं के आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत करीब 91,834 लाभार्थी पोषाहार से वंचित हो रहे हैं।
महिला एवं बाल विकास सेवा पुष्टाहार विभाग के माध्यम से संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत लाभार्थियों को पोषाहार दिया जाता है। कुपोषण के खात्मे की जंग में केंद्रों पर चिह्नित कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों को सामान्य की अपेक्षा दो गुना मात्रा में पोषाहार दिए जाने की व्यवस्था है। शासन स्तर पर लिए गए निर्णय में जिले की 20 बाल विकास परियोजना में से पांच परियोजना के आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार की आपूर्ति नैफेड को सौंपी गई है।
वहीं 15 अन्य परियोजनाओं के केंद्रों को राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन को मिली है। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी परियोजनाओं पर देर से ही सही लेकिन नियमित पोषाहार पहुंच रहा है जबकि नैफेड से जुड़ी परियोजनाओं पर अप्रैल माह से पोषाहार आपूर्ति ही ठप है। इन परियोजनाओं पर गर्भवती, धात्री, कुपोषित, अतिकुपोषित और छह माह से एक साल, एक साल से तीन और तीन से छह साल के बच्चों को भी पोषाहार नहीं मिल पा रहा है।
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इन परियोजनाओं पर नहीं हो रही पोषाहार की आपूर्ति
जिले में संचालित 20 बाल विकास परियोजनाओं में से पांच परियोजनाओं पर नैफेड को पोषाहार आपूर्ति की जिम्मेदारी दी गई है। इन परियोजनाओं के करीब 1,045 आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इससे इन परियोजनाओं के आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत लाभार्थियों को पोषाहार नहीं मिल पा रहा है। शासन की तरफ से नैफेड को काम दिया गया है। बताया गया कि नैफेड के माध्यम से आपूर्तिकर्ता फर्म विवादित होने के कारण पोषाहार नहीं आ पा रहा है। इससे बाल विकास परियोजना भरखनी के 216, हरदोई शहर के 125, पिहानी के 218, शाहाबाद के 266 और सुरसा के 220 आंगनबाड़ी केंद्र पोषाहार से वंचित चल रहे हैं।
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पोषाहार की रेसिपी और आवंटन के लिए फर्म का निर्धारण शासन स्तर से हुआ है। नैफेड से पोषाहार की आपूर्ति जिले को नहीं मिली है। इसकी जानकारी निदेशालय को दी गई है। वहीं से निर्णय होना है। -रमेंद्र सिंह, प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी
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महिला एवं बाल विकास सेवा पुष्टाहार विभाग के माध्यम से संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत लाभार्थियों को पोषाहार दिया जाता है। कुपोषण के खात्मे की जंग में केंद्रों पर चिह्नित कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों को सामान्य की अपेक्षा दो गुना मात्रा में पोषाहार दिए जाने की व्यवस्था है। शासन स्तर पर लिए गए निर्णय में जिले की 20 बाल विकास परियोजना में से पांच परियोजना के आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार की आपूर्ति नैफेड को सौंपी गई है।
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वहीं 15 अन्य परियोजनाओं के केंद्रों को राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन को मिली है। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी परियोजनाओं पर देर से ही सही लेकिन नियमित पोषाहार पहुंच रहा है जबकि नैफेड से जुड़ी परियोजनाओं पर अप्रैल माह से पोषाहार आपूर्ति ही ठप है। इन परियोजनाओं पर गर्भवती, धात्री, कुपोषित, अतिकुपोषित और छह माह से एक साल, एक साल से तीन और तीन से छह साल के बच्चों को भी पोषाहार नहीं मिल पा रहा है।
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इन परियोजनाओं पर नहीं हो रही पोषाहार की आपूर्ति
जिले में संचालित 20 बाल विकास परियोजनाओं में से पांच परियोजनाओं पर नैफेड को पोषाहार आपूर्ति की जिम्मेदारी दी गई है। इन परियोजनाओं के करीब 1,045 आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इससे इन परियोजनाओं के आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत लाभार्थियों को पोषाहार नहीं मिल पा रहा है। शासन की तरफ से नैफेड को काम दिया गया है। बताया गया कि नैफेड के माध्यम से आपूर्तिकर्ता फर्म विवादित होने के कारण पोषाहार नहीं आ पा रहा है। इससे बाल विकास परियोजना भरखनी के 216, हरदोई शहर के 125, पिहानी के 218, शाहाबाद के 266 और सुरसा के 220 आंगनबाड़ी केंद्र पोषाहार से वंचित चल रहे हैं।
पोषाहार की रेसिपी और आवंटन के लिए फर्म का निर्धारण शासन स्तर से हुआ है। नैफेड से पोषाहार की आपूर्ति जिले को नहीं मिली है। इसकी जानकारी निदेशालय को दी गई है। वहीं से निर्णय होना है। -रमेंद्र सिंह, प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी