फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   no toilet construction and budget surrender

बजट सरेंडर, शुष्क शौचालयों का सैतियापुर में हो रहा इस्तेमाल

Mon, 14 Sep 2020 11:18 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 14 Sep 2020 11:18 PM IST
विज्ञापन
no toilet construction and budget surrender
-ग्राम सैतियापुर में बना शौचालय जिसमें अब तक दरवाजा ही नहीं लग पाया। संवाद - फोटो : HARDOI
हरदोई। जिले को दो साल पहले ही खुले में शौच से मुक्त घोषित कर दिया गया था, लेकिन अब भी बड़ी संख्या में लोगों के घरों में शौचालयों का निर्माण नहीं हो पाया है। सांडी विकास खंड के ग्राम सैतियापुर का यही हाल है। यहां शौचालय निर्माण के लिए दिया गया बजट सरेंडर किया जा चुका है लेकिन शौचालयों का निर्माण नहीं कराया गया। ऐसे में बहुत से लोगों को अब भी बाहर शौच को जाना पड़ता है।
विज्ञापन

15 अगस्त 2018 को पूरे जिले को खुले में शौच से मुक्त घोषित किया गया था। लेकिन कहीं प्रधान की निजी खुन्नस तो कहीं ग्राम सचिव की मनमानी के कारण पात्रों को शौचालयों का लाभ नहीं मिल पाया। यही कारण है कि ग्राम पंचायतों में जब दूसरी और तीसरी बार भी सर्वे हुए तो भी कई परिवारों ने शौचालय न होने की बात कही। सांडी विकास खंड की ग्राम पंचायत सैतियापुर में अब भी कई परिवार ऐसे हैं जिन्होंने घरों के अंदर ही शुष्क शौचालयों का निर्माण करा रखा है। ये हाल तब है जबकि शौचालयों का निर्माण कराने के लिए आए बजट का शत प्रतिशत इस्तेमाल नहीं हो पाया और बजट सरेंडर तक कर दिया गया।
विज्ञापन

आंकड़े बता रहे हकीकत
सैतियापुर ग्राम पंचायत में स्वच्छ भारत मिशन के तहत कुल 103 शौचालयों का निर्माण होना था। इनमें से 79 शौचालयों का ही निर्माण कराया गया। 24 शौचालयों के दो लाख 88 हजार रुपये ये कहकर वापस कर दिए गए कि अब शौचालय निर्माण के लिए कोई पात्र नहीं है। इसके बाद एलओबी में 108 और एनएलओबी में 29 शौचालयों के निर्माण का बजट दिया गया। एलओबी के सभी 108 शौचालयों के बजट का उपयोग किए जाने का दावा है, लेकिन एनएलओबी के तहत दिए गए 29 शौचालयों में से 22 का ही निर्माण हुआ। सात शौचालयों के 84 हजार रुपये सरेंडर कर दिए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

लोगों ने बताई समस्या
सैतियापुर निवासी राजकुमारी पत्नी राजेश सिंह ने बताया कि उनके घर में स्थायी शौचालय नहीं है। शुष्क शौचालय बना है और इसी का इस्तेमाल किया जाता है।
गांव निवासी राम कुमारी पत्नी राम कृपाल ने बताया कि उनको शौचालय निर्माण के लिए न तो बजट मिला और न ही शौचालय का निर्माण कराया गया है। वह भी शुष्क शौचालय का इस्तेमाल करती हैं।
संगीता पत्नी कृष्णप्रताप ने बताया कि शौचालय निर्माण के लिए कोई रुपये नहीं मिले हैं। उन्होंने बताया कि कई बार खुले में शौच जाना पड़ता है। शुष्क शौचालय घर में होने की बात उन्होंने कही।
ममता पत्नी विवेक का कहना है कि शौचालय निर्माण के लिए बजट नहीं मिला है। खुले में शौच जाना पड़ता है। घर में अस्थायी व्यवस्था है। उन्होंने शौचालय निर्माण की मांग की।

जिम्मेदारों की सुनिए
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के जिला समन्वयक हिमांशु कुमार ने बताया कि अगर किसी घर में शौचालय नहीं बना है तो इसकी जांच करा ली जाएगी। ये भी पता किया जाएगा कि जिन लोगों के घरों में शौचालय नहीं हैं, कहीं उनका बजट तो सरेंडर नहीं किया गया है। जो भी लापरवाही के लिए जिम्मेदार होगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed