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Hardoi News: शादी का झांसा दे शारीरिक संबंध बनाने के आरोपी को राहत नहीं
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लोगो = अदालत से =
- अपर जिला जज ने खारिज की जमानत अर्जी
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने के आरोपी की जमानत अर्जी अपर जिला जज (एफटीसी महिला) यशपाल ने खारिज कर दी है। अदालत ने माना कि पीड़िता ने पुलिस और मजिस्ट्रेट को सामने दिए बयानों में अभियोजन के कथानक का समर्थन किया है। घटनाक्रम के परिस्थितियों में जमानत के पर्याप्त आधार नहीं हैं।
टड़ियावां थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवती ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि उसकी शादी बेनीगंज थाना क्षेत्र के ऊगपुर गांव निवासी सतीश के साथ साल 2025 में तय हुई थी। दिसंबर 2025 में वरीक्षा के दौरान बीस हजार रुपये भी सतीश को दिए गए थे। आरोप है कि शादी तय होने के बाद सतीश युवती के घर आता जाता रहा और इस दौरान कई बार युवती से शारीरिक संबंध बनाए। आरोप है कि 17 फरवरी को गोदभराई के लिए आए सतीश ने दहेज में कार मांग ली। परिवार ने कार देने में असमर्थता जताई तो शादी से इनकार कर दिया। प्राथमिकी में युवती ने आरोप लगाया कि शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया और विरोध या कार्रवाई करने पर जान से मारने की धमकी भी थी। बचाव पक्ष ने आरोपों को झूठा और मनगढ़ंत बताया। तर्क दिया कि आरोपी को आर्थिक लाभ के लिए फंसाया गया है। घटना के समय आरोपी दिल्ली में था और आपराधिक इतिहास नहीं है। अभियोजन पक्ष ने अपराध को गंभीर प्रकृति का बताया। जमानत का विरोध किया। दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और पत्रावली के अवलोकन के बाद अदालत ने जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
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- अपर जिला जज ने खारिज की जमानत अर्जी
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने के आरोपी की जमानत अर्जी अपर जिला जज (एफटीसी महिला) यशपाल ने खारिज कर दी है। अदालत ने माना कि पीड़िता ने पुलिस और मजिस्ट्रेट को सामने दिए बयानों में अभियोजन के कथानक का समर्थन किया है। घटनाक्रम के परिस्थितियों में जमानत के पर्याप्त आधार नहीं हैं।
टड़ियावां थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवती ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि उसकी शादी बेनीगंज थाना क्षेत्र के ऊगपुर गांव निवासी सतीश के साथ साल 2025 में तय हुई थी। दिसंबर 2025 में वरीक्षा के दौरान बीस हजार रुपये भी सतीश को दिए गए थे। आरोप है कि शादी तय होने के बाद सतीश युवती के घर आता जाता रहा और इस दौरान कई बार युवती से शारीरिक संबंध बनाए। आरोप है कि 17 फरवरी को गोदभराई के लिए आए सतीश ने दहेज में कार मांग ली। परिवार ने कार देने में असमर्थता जताई तो शादी से इनकार कर दिया। प्राथमिकी में युवती ने आरोप लगाया कि शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया और विरोध या कार्रवाई करने पर जान से मारने की धमकी भी थी। बचाव पक्ष ने आरोपों को झूठा और मनगढ़ंत बताया। तर्क दिया कि आरोपी को आर्थिक लाभ के लिए फंसाया गया है। घटना के समय आरोपी दिल्ली में था और आपराधिक इतिहास नहीं है। अभियोजन पक्ष ने अपराध को गंभीर प्रकृति का बताया। जमानत का विरोध किया। दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और पत्रावली के अवलोकन के बाद अदालत ने जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
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