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स्वच्छता के दावों को ढेर कर रही गंदगी
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वार्ड एक में खाली जगह में भरा गंदा पानी और उसी में लगी बल्लियों पर झूलते बिजली के तार। संवाद
- फोटो : HARDOI
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हरदोई। वर्ष 2017 के नवंबर में नगर निकाय चुनाव के दौरान शहर से लेकर वार्डों तक की दशा बदलने के दावे किए गए थे। इलाके में सफाई व्यवस्था सुदृढ़ करने, पोल लगवाने, जल निकासी की व्यवस्था सुधारने जैसे अनगिनत वादे सभासद पद के प्रत्याशियों ने किए लेकिन अफसोस कि तीन वर्ष बीतने के बाद भी हालात में बदलाव नहीं आया। गंदगी के बीच लगे बांस बल्ली और इन्हीं बल्लियों पर झूलते तार वार्ड एक के लोगों की समस्या बयान कर रहे हैं।
नगर निकायों में स्वच्छता को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। स्वच्छता अभियान की रैंकिंग हासिल करने को भी कोई कसर न छोड़ने की बात जिम्मेदार कहते हैं। लेकिन हकीकत अलग है। नगर पालिका परिषद के वार्ड संख्या एक के भट्ठापुरवा इलाके में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। लोगों को घरों तक बिजली पहुंचाने के लिए बल्लियों पर तार लगाने पड़ रहे हैं। स्थानीय लोग आपस में चंदा कर बल्लियां लगाते हैं। इससे हादसे का खतरा रहता है। लोगों का कहना है कि चुनाव पूर्व के दावे खोखले साबित हुए। वार्ड में जल निकासी की व्यवस्था भी नहीं है। छोटी-छोटी नालियों के सहारे सैकड़ों मकानों का पानी निकलना मुश्किल है। नतीजा ये है कि खाली पड़े प्लाटों में पानी भर जाता है। इसके कारण बीमारियां फैलने का भी डर है।
वार्ड एक के सभासद महेश नाहर हैं। वर्ष 2000 से वह लगातार इसी वार्ड से सभासद पद पर निर्वाचित हो रहे हैं। महेश नाहर का कहना है कि इस कार्यकाल में उन्होंने अपने वार्ड में सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया। छह गलियों को इंटरलॉकिंग में तब्दील कराया, दो डामरीकृत मार्ग बनवाए। उन्होंने कहा कि यथा संभव विकास कार्य कराए जाते हैं। कुछ जगहों पर सिर्फ नगर पालिका ही कुछ नहीं कर सकती, बल्कि नगर पालिका और जनता के संयुक्त प्रयासों से स्थिति बदल सकती है।
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सांडी रोड स्थित शुक्लाकोठी के बगल से भट्ठापुरवा होकर बगियापुरवा तक जाने वाली सड़क जर्जर है। लगभग पांच सौ मीटर लंबी इस सड़क की दशा खराब है। इसके कारण बड़ी संख्या में लोगों को आवागमन में परेशानी होती है।
वार्ड एक में आने वाले इलाके : भट्ठापुरवा, बगियापुरवा, टिलिया का आंशिक भाग, एएसवीवी के पीछे का भाग।
मतदाता : 4100
आबादी : 12000
समस्या का कराया जाता निस्तारण
नगर पालिकाध्यक्ष सुख सागर मिश्र मधुर का कहना है कि समस्याएं संज्ञान में आते ही उनका निराकरण कराया जाता है। कुछ समस्याएं ऐसी हैं जो बड़े स्तर से ही निस्तारित हो सकती हैं। स्वच्छता अभियान को लेकर नगर पालिका बेहद गंभीर है। समय-समय पर विशेष अभियान भी चलाए जाते हैं।
लोगों ने बताईं समस्याएं
- श्यामू गुप्ता ने बताया कि वार्ड की सफाई व्यवस्था ध्वस्त है। जब सभासद से शिकायत की जाती है तो कुछ दिन सफाई कर्मी सजगता दिखाते हैं और उसके बाद फिर पुराने ढर्रे पर चले जाते हैं।
हरिशंकर का कहना है कि वार्ड में कुछ पोलों पर स्ट्रीट लाइट लगी हैं, लेकिन स्विच का पता नहीं है। ऐसे में रात में भी अधिकांश स्ट्रीट लाइटें बंद रहती हैं। इसके कारण आवागमन में परेशानी होती है।
कलीम ने बताया कि वार्ड में कई जगह जल निकासी की समस्या है। खाली प्लाट तालाब में तब्दील हो गए हैं। गंदगी जमा होने के कारण बीमारियां फैलने का भी खतरा रहता है।
इमरान का कहना है कि वार्ड में कई जगह बिजली के पोलों की जरूरत है। जगह-जगह बल्लियों पर तार लगे हैं। इसके कारण हादसा होने का खतरा रहता है। नगर पालिका और विद्युत विभाग समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे।
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नगर निकायों में स्वच्छता को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। स्वच्छता अभियान की रैंकिंग हासिल करने को भी कोई कसर न छोड़ने की बात जिम्मेदार कहते हैं। लेकिन हकीकत अलग है। नगर पालिका परिषद के वार्ड संख्या एक के भट्ठापुरवा इलाके में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। लोगों को घरों तक बिजली पहुंचाने के लिए बल्लियों पर तार लगाने पड़ रहे हैं। स्थानीय लोग आपस में चंदा कर बल्लियां लगाते हैं। इससे हादसे का खतरा रहता है। लोगों का कहना है कि चुनाव पूर्व के दावे खोखले साबित हुए। वार्ड में जल निकासी की व्यवस्था भी नहीं है। छोटी-छोटी नालियों के सहारे सैकड़ों मकानों का पानी निकलना मुश्किल है। नतीजा ये है कि खाली पड़े प्लाटों में पानी भर जाता है। इसके कारण बीमारियां फैलने का भी डर है।
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वार्ड एक के सभासद महेश नाहर हैं। वर्ष 2000 से वह लगातार इसी वार्ड से सभासद पद पर निर्वाचित हो रहे हैं। महेश नाहर का कहना है कि इस कार्यकाल में उन्होंने अपने वार्ड में सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया। छह गलियों को इंटरलॉकिंग में तब्दील कराया, दो डामरीकृत मार्ग बनवाए। उन्होंने कहा कि यथा संभव विकास कार्य कराए जाते हैं। कुछ जगहों पर सिर्फ नगर पालिका ही कुछ नहीं कर सकती, बल्कि नगर पालिका और जनता के संयुक्त प्रयासों से स्थिति बदल सकती है।
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सांडी रोड स्थित शुक्लाकोठी के बगल से भट्ठापुरवा होकर बगियापुरवा तक जाने वाली सड़क जर्जर है। लगभग पांच सौ मीटर लंबी इस सड़क की दशा खराब है। इसके कारण बड़ी संख्या में लोगों को आवागमन में परेशानी होती है।
वार्ड एक में आने वाले इलाके : भट्ठापुरवा, बगियापुरवा, टिलिया का आंशिक भाग, एएसवीवी के पीछे का भाग।
मतदाता : 4100
आबादी : 12000
समस्या का कराया जाता निस्तारण
नगर पालिकाध्यक्ष सुख सागर मिश्र मधुर का कहना है कि समस्याएं संज्ञान में आते ही उनका निराकरण कराया जाता है। कुछ समस्याएं ऐसी हैं जो बड़े स्तर से ही निस्तारित हो सकती हैं। स्वच्छता अभियान को लेकर नगर पालिका बेहद गंभीर है। समय-समय पर विशेष अभियान भी चलाए जाते हैं।
लोगों ने बताईं समस्याएं
- श्यामू गुप्ता ने बताया कि वार्ड की सफाई व्यवस्था ध्वस्त है। जब सभासद से शिकायत की जाती है तो कुछ दिन सफाई कर्मी सजगता दिखाते हैं और उसके बाद फिर पुराने ढर्रे पर चले जाते हैं।
हरिशंकर का कहना है कि वार्ड में कुछ पोलों पर स्ट्रीट लाइट लगी हैं, लेकिन स्विच का पता नहीं है। ऐसे में रात में भी अधिकांश स्ट्रीट लाइटें बंद रहती हैं। इसके कारण आवागमन में परेशानी होती है।
कलीम ने बताया कि वार्ड में कई जगह जल निकासी की समस्या है। खाली प्लाट तालाब में तब्दील हो गए हैं। गंदगी जमा होने के कारण बीमारियां फैलने का भी खतरा रहता है।
इमरान का कहना है कि वार्ड में कई जगह बिजली के पोलों की जरूरत है। जगह-जगह बल्लियों पर तार लगे हैं। इसके कारण हादसा होने का खतरा रहता है। नगर पालिका और विद्युत विभाग समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे।