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Hardoi News: चार्जिंग प्वाइंट नहीं, घरेलू कनेक्शन से चार्ज हो रहे ई- रिक्शा
Tue, 07 May 2024 12:45 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
Updated Tue, 07 May 2024 12:45 AM IST
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हरदोई। जिले में 12 हजार से अधिक ई- रिक्शा दौड़ रहे हैं, मगर अभी तक चार्जिंग प्वाइंट नहीं बन सके हैं। ई- रिक्शा चालक घरेलू कनेक्शन से ही रिक्शा चार्ज कर रहे हैं। ई- रिक्शा चालकों की समस्या पर विभागीय जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं।
जिले में एआरटीओ कार्यालय में 12 हजार 339 ई- रिक्शा पंजीकृत है। एक ई- रिक्शा की चार्जिंग में 10 से 15 यूनिट बिजली खर्च होती है। ई- रिक्शा में 850 से एक हजार वॉट की मोटर के साथ 12 बोल्ट की बैटरी लगी होती है। चार्जिंग में 150 एंपियर प्रति घंटे बिजली की खपत होती है। ई- रिक्शा का प्रयोग व्यावसायिक प्रयोग के लिए किया जाता है। इसलिए ई- रिक्शा की चार्जिंग के लिए व्यवसायिक कनेक्शन होना अनिवार्य है, मगर बिजली विभाग के पास ऐसा कोई डाटा नहीं है। जिससे पता चल सके कि ई- रिक्शा चार्जिंग के लिए बिजली का उपभोग किया जा रहा है।
वर्जन
चार्जिंग प्वाइंट के लिए विभाग की ओर से कवायद चल रही है। जिले में चार्जिंग प्वांइट बनाने के लिए प्रस्ताव मांगे गए हैं।
संजीव कुमार सिंह, एआरटीओ
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जिले में एआरटीओ कार्यालय में 12 हजार 339 ई- रिक्शा पंजीकृत है। एक ई- रिक्शा की चार्जिंग में 10 से 15 यूनिट बिजली खर्च होती है। ई- रिक्शा में 850 से एक हजार वॉट की मोटर के साथ 12 बोल्ट की बैटरी लगी होती है। चार्जिंग में 150 एंपियर प्रति घंटे बिजली की खपत होती है। ई- रिक्शा का प्रयोग व्यावसायिक प्रयोग के लिए किया जाता है। इसलिए ई- रिक्शा की चार्जिंग के लिए व्यवसायिक कनेक्शन होना अनिवार्य है, मगर बिजली विभाग के पास ऐसा कोई डाटा नहीं है। जिससे पता चल सके कि ई- रिक्शा चार्जिंग के लिए बिजली का उपभोग किया जा रहा है।
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वर्जन
चार्जिंग प्वाइंट के लिए विभाग की ओर से कवायद चल रही है। जिले में चार्जिंग प्वांइट बनाने के लिए प्रस्ताव मांगे गए हैं।
संजीव कुमार सिंह, एआरटीओ