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353 ग्राम पंचायतों ने कराया ही नहीं ऑडिट, खलबली
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हरदोई। जिले की 353 ग्राम पंचायतों ने गांवों में कराए गए विकास कार्यों का ऑडिट ही नहीं कराया है। कितनी रकम खर्च हुई, इसका ब्योरा कई बार मांगा गया लेकिन उपलब्ध ही नहीं कराया गया। इससे बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता की आशंका जताई जा रही है।
ग्राम पंचायतों और क्षेत्र पंचायतों को विकास कार्य करने के लिए जो बजट मिलता है उसका ऑडिट लेखा परीक्षा अधिकारी सहकारी समितियों से कराया जाता है। नियम के मुताबिक यह लेखा परीक्षा (ऑडिट) हर वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर किया जाता है, लेकिन जिले में 1306 ग्राम पंचायतों में से 353 ने ऑडिट कराया ही नहीं कराया है। ऐसे में माना जा रहा है कि संबंधित ग्राम पंचायतों में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता की गई हैं और इसी के चलते अभिलेख उपलब्ध कराने में हीला हवाली की जा रही है।
इन अभिलेखों का होता है परीक्षण
- आय-व्यय से संबंधित सभी प्रमाणक
- कैशबुक
- संपत्ति रजिस्टर
- बैंक स्टेटमेंट
- कार्य पूर्ति प्रमाणपत्र
- निर्माण कार्य से संबंधित समस्त पत्रावलियां
30 तक परीक्षण नहीं कराया तो होगी कार्रवाई
सहकारी समितियां व पंचायतें लखनऊ मंडल के उप मुख्य लेखा परीक्षा अधिकारी केपी मलिक ने बताया कि 30 अक्तूबर तक सभी 353 ग्राम पंचायतों के अभिलेख ऑडिट के लिए न मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। प्रिया साफ्ट में जो खर्च अपलोड होगा उसे अभिलेख न मिलने की दशा में शून्य कर वसूला जाएगा।
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सभी एडीओ पंचायत को संबंधित ग्राम पंचायतों के अभिलेख 18 अक्तूबर तक हर हाल में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। यह अभिलेख मिलते ही ऑडिट के लिए जिला लेखा परीक्षा अधिकारी सहकारी समितियों और पंचायतों के कार्यालय भेज दिए जाएंगे। - गिरीश चंद्र, जिला पंचायत राज अधिकारी
किस ब्लॉक के कितने गांवों ने नहीं कराया ऑडिट
ब्लॉक का नाम ग्राम पंचायतों की संख्या
भरखनी 11
शाहाबाद 5
मल्लावां 34
माधौगंज 20
पिहानी 3
अहिरोरी 28
संडीला 14
भरावन 4
बिलग्राम 34
सुरसा 30
बावन 2
हरियावां 33
टड़ियावां 47
सांडी 36
हरपालपुर 11
कछौना 7
कोथावां 24
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ग्राम पंचायतों और क्षेत्र पंचायतों को विकास कार्य करने के लिए जो बजट मिलता है उसका ऑडिट लेखा परीक्षा अधिकारी सहकारी समितियों से कराया जाता है। नियम के मुताबिक यह लेखा परीक्षा (ऑडिट) हर वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर किया जाता है, लेकिन जिले में 1306 ग्राम पंचायतों में से 353 ने ऑडिट कराया ही नहीं कराया है। ऐसे में माना जा रहा है कि संबंधित ग्राम पंचायतों में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता की गई हैं और इसी के चलते अभिलेख उपलब्ध कराने में हीला हवाली की जा रही है।
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इन अभिलेखों का होता है परीक्षण
- आय-व्यय से संबंधित सभी प्रमाणक
- कैशबुक
- संपत्ति रजिस्टर
- बैंक स्टेटमेंट
- कार्य पूर्ति प्रमाणपत्र
- निर्माण कार्य से संबंधित समस्त पत्रावलियां
30 तक परीक्षण नहीं कराया तो होगी कार्रवाई
सहकारी समितियां व पंचायतें लखनऊ मंडल के उप मुख्य लेखा परीक्षा अधिकारी केपी मलिक ने बताया कि 30 अक्तूबर तक सभी 353 ग्राम पंचायतों के अभिलेख ऑडिट के लिए न मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। प्रिया साफ्ट में जो खर्च अपलोड होगा उसे अभिलेख न मिलने की दशा में शून्य कर वसूला जाएगा।
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सभी एडीओ पंचायत को संबंधित ग्राम पंचायतों के अभिलेख 18 अक्तूबर तक हर हाल में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। यह अभिलेख मिलते ही ऑडिट के लिए जिला लेखा परीक्षा अधिकारी सहकारी समितियों और पंचायतों के कार्यालय भेज दिए जाएंगे। - गिरीश चंद्र, जिला पंचायत राज अधिकारी
किस ब्लॉक के कितने गांवों ने नहीं कराया ऑडिट
ब्लॉक का नाम ग्राम पंचायतों की संख्या
भरखनी 11
शाहाबाद 5
मल्लावां 34
माधौगंज 20
पिहानी 3
अहिरोरी 28
संडीला 14
भरावन 4
बिलग्राम 34
सुरसा 30
बावन 2
हरियावां 33
टड़ियावां 47
सांडी 36
हरपालपुर 11
कछौना 7
कोथावां 24