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Hardoi News: नर्सिंगहोम में प्रसव के दौरान नवजात की मौत
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पाली। कस्बे के एक नर्सिंगहोम में प्रसव के दौरान नवजात की मौत हो गई। प्रसूता के पति ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है।
सरसई गावं निवासी सचिन पेशे से किसान हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है कि 22 मार्च को उनकी पत्नी निशा को प्रसव पीड़ा हुई थी। सुबह करीब आठ बजे गांव की आशा सीमा के साथ पत्नी को लेकर पाली पीएचसी पहुंचे। अस्पताल में उन्हें सही उपचार नहीं मिल रहा था तो दोपहर को आशा उसे कस्बे के एक निजी अस्पताल लेकर गई।
आरोप है कि निजी अस्पताल में भी प्रसव के बेहतर इंतजाम नहीं थे। प्रसव के दौरान पत्नी ने बेटे को जन्म दिया, लेकिन लापरवाही के कारण नवजात की अस्पताल में ही मौत हो गई। सचिन ने आईजीआरएस के जरिए पीएचसी व निजी अस्पताल के खिलाफ शिकायत की है। पाली पीएचसी प्रभारी डॉ. आनंद शुक्ला ने बताया कि प्रसूता डिलीवरी के लिए अस्पताल लाई गई थी, लेकिन कुछ देर रुकने के बाद आशा के साथ बगैर सूचना दिए चली गई। आशा सीमा के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। मामले की जांच भी कराई जा रही है, जो भी दोषी पाया जाएगा कार्रवाई की जाएगी।
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बताते चलें कि कस्बे में अवैध ढंग से तमाम क्लीनिक संचालित हो रहे हैं। कार्रवाई के नाम पर स्वास्थ्य महकमा भी महज खानापूर्ति करके अपना पल्ला झाड़ लेता है। हाल ही में इस निजी अस्पताल के अवैध ढंग से चलने की शिकायत हुई थी। इसके बाद स्वास्थ्य टीम ने उक्त अस्पताल को सील भी किया था, लेकिन कुछ ही दिन के अस्पताल का संचालन दोबारा शुरू हो गया। अस्पताल को दोबारा संचालित किए जाने को लेकर चिकित्साधिकारियों ने भी कोई जवाब नहीं दिया है।
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सरसई गावं निवासी सचिन पेशे से किसान हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है कि 22 मार्च को उनकी पत्नी निशा को प्रसव पीड़ा हुई थी। सुबह करीब आठ बजे गांव की आशा सीमा के साथ पत्नी को लेकर पाली पीएचसी पहुंचे। अस्पताल में उन्हें सही उपचार नहीं मिल रहा था तो दोपहर को आशा उसे कस्बे के एक निजी अस्पताल लेकर गई।
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आरोप है कि निजी अस्पताल में भी प्रसव के बेहतर इंतजाम नहीं थे। प्रसव के दौरान पत्नी ने बेटे को जन्म दिया, लेकिन लापरवाही के कारण नवजात की अस्पताल में ही मौत हो गई। सचिन ने आईजीआरएस के जरिए पीएचसी व निजी अस्पताल के खिलाफ शिकायत की है। पाली पीएचसी प्रभारी डॉ. आनंद शुक्ला ने बताया कि प्रसूता डिलीवरी के लिए अस्पताल लाई गई थी, लेकिन कुछ देर रुकने के बाद आशा के साथ बगैर सूचना दिए चली गई। आशा सीमा के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। मामले की जांच भी कराई जा रही है, जो भी दोषी पाया जाएगा कार्रवाई की जाएगी।
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बताते चलें कि कस्बे में अवैध ढंग से तमाम क्लीनिक संचालित हो रहे हैं। कार्रवाई के नाम पर स्वास्थ्य महकमा भी महज खानापूर्ति करके अपना पल्ला झाड़ लेता है। हाल ही में इस निजी अस्पताल के अवैध ढंग से चलने की शिकायत हुई थी। इसके बाद स्वास्थ्य टीम ने उक्त अस्पताल को सील भी किया था, लेकिन कुछ ही दिन के अस्पताल का संचालन दोबारा शुरू हो गया। अस्पताल को दोबारा संचालित किए जाने को लेकर चिकित्साधिकारियों ने भी कोई जवाब नहीं दिया है।