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Hardoi News: 12 विभागों के अधिकारियों की सामने आई लापरवाही
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हरदोई। आईजीआरएस पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है। 12 विभागों के अधिकारियों की सीएम डैशबोर्ड पर स्थिति खराब मिली है। शिकायतों के निस्तारण में खराब फीडबैक के कारण बड़ी संख्या में शिकायतें निस्तारण के स्थान पर वापस आ गईं हैं। इससे जनपद की स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
योजनाओं और कार्यक्रमों में लक्ष्य निर्धारण के साथ ही इसकी पूर्ति के लिए शासन की ओर से मासिक लक्ष्य निर्धारित हैं। वहीं, आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की भी सीएम डैशबोर्ड पर मॉनीटरिंग की जा रही है। यहां पर 12 विभागों के अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है। सीएम डैशबोर्ड पर विभागों की समीक्षा में डीएम ने पाया कि पशुपालन विभाग की कृत्रिम गर्भाधान योजना के साथ ही अंडा उत्पादन की स्थिति खराब रही है। बेसिक शिक्षा विभाग की मध्याह्न भोजन योजना की प्रगति 54.67 प्रतिशत व जनसुनवाई में निस्तारित शिकायतों में 71 प्रतिशत पर असंतुष्टि का फीडबैक आया है।
निपुण अससेमेंट की भी प्रगति 33.5 प्रतिशत हो पाई है। बिजली विभाग के अभियंताओं की ओर से निस्तारित की गईं शिकायतों में से 70 प्रतिशत पर असंतुष्टि प्रदर्शित की है। मत्स्य विभाग की ओर से 40 प्रतिशत निस्तारित शिकायतों पर असंतुष्टि का फीडबैक रहा है।
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आबकारी विभाग की ओर से राजस्व वसूली की स्थिति सात प्रतिशत तक ही पहुंच पाई है। ऐसे ही आपूर्ति विभाग की ओर से निस्तारित शिकायतों में से 51 प्रतिशत पर असंतुष्टि प्रदर्शित की गई है। उद्योग विभाग की ओर से उद्योगों की स्थापना के कराए गए एएमयू में से 38 प्रतिशत पर ही काम हो पाया है। सिंचाई विभाग की ओर से 72 प्रतिशत ही परियोजनाओं की पूर्ति की जा सकी है।
स्वास्थ्य विभाग की स्थिति ठीक नहीं रही है, 108 एंबुलेंस सेवा की प्रगति 82 प्रतिशत और निर्माण में 75 प्रतिशत रही है। यहां पर भी शिकायतों के निस्तारण में 56 प्रतिशत पर असंतुष्टि का फीडबैक रहा है। पंचायतीराज विभाग की ओर से एसबीएम की प्रगति असंतोषजनक रही है। पीडब्ल्यूडी में 60 प्रतिशत और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग में 47 प्रतिशत परियोजनाओं को पूरा कराया जा सका है। माध्यमिक शिक्षा में प्रोजेक्ट अलंकार 17 प्रतिशत ही प्रगति कर पाया है।
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योजनाओं और कार्यक्रमों में लक्ष्य निर्धारण के साथ ही इसकी पूर्ति के लिए शासन की ओर से मासिक लक्ष्य निर्धारित हैं। वहीं, आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की भी सीएम डैशबोर्ड पर मॉनीटरिंग की जा रही है। यहां पर 12 विभागों के अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है। सीएम डैशबोर्ड पर विभागों की समीक्षा में डीएम ने पाया कि पशुपालन विभाग की कृत्रिम गर्भाधान योजना के साथ ही अंडा उत्पादन की स्थिति खराब रही है। बेसिक शिक्षा विभाग की मध्याह्न भोजन योजना की प्रगति 54.67 प्रतिशत व जनसुनवाई में निस्तारित शिकायतों में 71 प्रतिशत पर असंतुष्टि का फीडबैक आया है।
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निपुण अससेमेंट की भी प्रगति 33.5 प्रतिशत हो पाई है। बिजली विभाग के अभियंताओं की ओर से निस्तारित की गईं शिकायतों में से 70 प्रतिशत पर असंतुष्टि प्रदर्शित की है। मत्स्य विभाग की ओर से 40 प्रतिशत निस्तारित शिकायतों पर असंतुष्टि का फीडबैक रहा है।
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आबकारी विभाग की ओर से राजस्व वसूली की स्थिति सात प्रतिशत तक ही पहुंच पाई है। ऐसे ही आपूर्ति विभाग की ओर से निस्तारित शिकायतों में से 51 प्रतिशत पर असंतुष्टि प्रदर्शित की गई है। उद्योग विभाग की ओर से उद्योगों की स्थापना के कराए गए एएमयू में से 38 प्रतिशत पर ही काम हो पाया है। सिंचाई विभाग की ओर से 72 प्रतिशत ही परियोजनाओं की पूर्ति की जा सकी है।
स्वास्थ्य विभाग की स्थिति ठीक नहीं रही है, 108 एंबुलेंस सेवा की प्रगति 82 प्रतिशत और निर्माण में 75 प्रतिशत रही है। यहां पर भी शिकायतों के निस्तारण में 56 प्रतिशत पर असंतुष्टि का फीडबैक रहा है। पंचायतीराज विभाग की ओर से एसबीएम की प्रगति असंतोषजनक रही है। पीडब्ल्यूडी में 60 प्रतिशत और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग में 47 प्रतिशत परियोजनाओं को पूरा कराया जा सका है। माध्यमिक शिक्षा में प्रोजेक्ट अलंकार 17 प्रतिशत ही प्रगति कर पाया है।