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नवरात्र : श्रद्धालुओं ने मां का पूजन-अर्चन कर मांगा अभय का वर
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फोटो-01- मंदिर में सजी काली माता की मूर्ति। संवाद
हरदोई। चैत्र माह के नवरात्र पर चौथे दिन रविवार को श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के चौथे स्वरूप माता कूष्मांडा का विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर अभय, सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक घरों और मंदिरों में श्रद्धा और आस्था का माहौल रहा।
नवरात्र पर सुबह से ही घरों और मंदिरों में श्रद्धालुओं ने पूजन-अर्चन किया। मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने मां को फल-फूल, नारियल, चुनरी और लौंग, बताशे आदि अर्पित कर भोग-प्रसाद लगाया। महोलिया शिवपार के माता काली मंदिर पर श्रद्धालुओं की पूरे दिन भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने विशेष पूजन, दुर्गा सप्तशती पाठ, चालीसा और आरती की।
घरों में महिलाओं ने पूरे विधि-विधान के साथ मां कूष्मांडा की पूजा की। बच्चों और युवाओं ने भी पूजा-अर्चना में भाग लिया। शास्त्री उमाकांत अवस्थी और आचार्य सनत्कुमार मिश्र के मुताबिक, नवरात्र पर मां दुर्गा के चौथे स्वरूप मां कूष्मांडा की उपासना, पूजा-अर्चना से श्रद्धालुओं का भय और संकट दूर होता है। जीवन में साहस और सकारात्मक ऊर्जा आती है। वहीं, श्रद्धालुओं ने मां से सभी के जीवन में सुख-शांति बनाए रखने की प्रार्थना की।
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नवरात्र पर सुबह से ही घरों और मंदिरों में श्रद्धालुओं ने पूजन-अर्चन किया। मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने मां को फल-फूल, नारियल, चुनरी और लौंग, बताशे आदि अर्पित कर भोग-प्रसाद लगाया। महोलिया शिवपार के माता काली मंदिर पर श्रद्धालुओं की पूरे दिन भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने विशेष पूजन, दुर्गा सप्तशती पाठ, चालीसा और आरती की।
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घरों में महिलाओं ने पूरे विधि-विधान के साथ मां कूष्मांडा की पूजा की। बच्चों और युवाओं ने भी पूजा-अर्चना में भाग लिया। शास्त्री उमाकांत अवस्थी और आचार्य सनत्कुमार मिश्र के मुताबिक, नवरात्र पर मां दुर्गा के चौथे स्वरूप मां कूष्मांडा की उपासना, पूजा-अर्चना से श्रद्धालुओं का भय और संकट दूर होता है। जीवन में साहस और सकारात्मक ऊर्जा आती है। वहीं, श्रद्धालुओं ने मां से सभी के जीवन में सुख-शांति बनाए रखने की प्रार्थना की।

फोटो-01- मंदिर में सजी काली माता की मूर्ति। संवाद
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