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सीएए का विरोध करने वाले पाकिस्तान के मददगार : नरेश अग्रवाल
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पत्रकारों से वार्ता करते पूर्व सांसद नरेश अग्रवाल।
- फोटो : HARDOI
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हरदोई। पूर्व सांसद व भाजपा नेता नरेश अग्रवाल ने कहा है कि नागरिकता संशोधन कानून का विरोध करने वाले लोग पाकिस्तान की मदद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिंदू और मुसलमानों के बीच मनमुटाव कराकर भी कांग्रेस खुद को जिंदा नहीं कर सकती। उन्होंने सीएए पर भ्रम फैलाने का आरोप विपक्ष पर लगाया।
वैटगंज स्थित आवास पर पत्रकारों से पूर्व सांसद नरेश अग्रवाल ने कहा कि सीएए पहले कांग्रेस की सरकार में भी आया और तब बांग्लादेश के शरणार्थियों को नागरिकता दी गई। अब तो सिर्फ तीन देशों के अल्पसंख्यकों को भारत की नागरिकता दिए जाने का कानून बनाया गया है। जो पार्टियां सत्ता में रहने के दौरान खुद सीएए में संशोधन कर चुकी हैं, उन्हें विरोध नहीं करना चाहिए। तीन देशों के अल्पसंख्यकों को आखिर भारत की नागरिकता क्यों नहीं मिलनी चाहिए, इसका जवाब भी विपक्ष को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीएए से सिर्फ 31313 लोगों को भारत की नागरिकता मिलेगी। इसमें 25447 हिंदू, 55 इसाई, दो पारसी, दो बौद्ध और लगभग पांच हजार सिक्ख हैं। सीएए का विरोध करने वाले संविधान का अपमान कर रहे हैं। उन्होंने मुस्लिम समाज के लोगों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी मुस्लिम की नागरिकता नहीं छीनी जाएगी।
पूर्व सांसद ने तीन वर्ष से कम समय की प्रैक्टिस वाले अधिवक्ताओं को किताबें खरीदने के लिए पांच हजार रुपये दिए जाने के प्रस्ताव को पारित करने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार भी जताया। पत्रकार वार्ता के दौरान नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष उमेश अग्रवाल भी मौजूद रहे।
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पूर्व सांसद नरेश अग्रवाल ने कहा कि जिस तरह से नागरिकता संशोधन कानून, एनआरसी और एनपीआर को लेकर मलयेशिया खुलकर विरोध कर रहा वह ठीक नहीं है। उन्होंने मांग की है कि भारत मलयेशिया से हर प्रकार के रिश्ते खत्म कर ले। पूर्व सांसद ने अमेरिका और ईरान के विवाद पर चिंता जताते हुए कहा कि यूएनओ को इमरजेंसी मीटिंग बुलानी चाहिए और विवाद को खत्म कराने की दिशा में प्रयास करना चाहिए।
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वैटगंज स्थित आवास पर पत्रकारों से पूर्व सांसद नरेश अग्रवाल ने कहा कि सीएए पहले कांग्रेस की सरकार में भी आया और तब बांग्लादेश के शरणार्थियों को नागरिकता दी गई। अब तो सिर्फ तीन देशों के अल्पसंख्यकों को भारत की नागरिकता दिए जाने का कानून बनाया गया है। जो पार्टियां सत्ता में रहने के दौरान खुद सीएए में संशोधन कर चुकी हैं, उन्हें विरोध नहीं करना चाहिए। तीन देशों के अल्पसंख्यकों को आखिर भारत की नागरिकता क्यों नहीं मिलनी चाहिए, इसका जवाब भी विपक्ष को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीएए से सिर्फ 31313 लोगों को भारत की नागरिकता मिलेगी। इसमें 25447 हिंदू, 55 इसाई, दो पारसी, दो बौद्ध और लगभग पांच हजार सिक्ख हैं। सीएए का विरोध करने वाले संविधान का अपमान कर रहे हैं। उन्होंने मुस्लिम समाज के लोगों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी मुस्लिम की नागरिकता नहीं छीनी जाएगी।
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पूर्व सांसद ने तीन वर्ष से कम समय की प्रैक्टिस वाले अधिवक्ताओं को किताबें खरीदने के लिए पांच हजार रुपये दिए जाने के प्रस्ताव को पारित करने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार भी जताया। पत्रकार वार्ता के दौरान नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष उमेश अग्रवाल भी मौजूद रहे।
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पूर्व सांसद नरेश अग्रवाल ने कहा कि जिस तरह से नागरिकता संशोधन कानून, एनआरसी और एनपीआर को लेकर मलयेशिया खुलकर विरोध कर रहा वह ठीक नहीं है। उन्होंने मांग की है कि भारत मलयेशिया से हर प्रकार के रिश्ते खत्म कर ले। पूर्व सांसद ने अमेरिका और ईरान के विवाद पर चिंता जताते हुए कहा कि यूएनओ को इमरजेंसी मीटिंग बुलानी चाहिए और विवाद को खत्म कराने की दिशा में प्रयास करना चाहिए।