{"_id":"63cec5de70b3930ae66f0bfa","slug":"na-hardoi-news-c-12-1-54182-2023-01-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hardoi News: अवैध रूप से अल्ट्रासाउंड मशीन का संचालन करने पर तीन वर्ष की सजा, लगा जुर्माना..","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hardoi News: अवैध रूप से अल्ट्रासाउंड मशीन का संचालन करने पर तीन वर्ष की सजा, लगा जुर्माना..
विज्ञापन
अवैध रूप से अल्ट्रासाउंड मशीन का संचालन करने पर तीन वर्ष की सजा
- नौ हजार रुपये का लगाया जुर्माना
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। सीजेएम संजय कुमार गोंड ने मल्लावां के श्याम पैथोलॉजी के संचालक श्याम किशोर पर अवैध रूप से अल्ट्रासाउंड मशीन चलाए जाने पर तीन वर्ष के की सजा सुनाई है। इसके साथ ही नौ हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
उप मुख्यचिकित्सा अधिकारी डॉ. विजय सिंह ने मल्लावां के भीठाई निवासी पंकज कुमार की शिकायत पर 28 जून 2015 को श्याम पैथोलॉजी मल्लावां में छापा मारा था। यहां पैथोलॉजी के अंदर एक अल्ट्रासाउंड मशीन चालू पाई गई थी। जांच करने पर श्याम किशोर अल्ट्रासाउंड मशीन चलाने के लिए आवश्यक अभिलेख नहीं दिखा पाए।
आरोप लगा था कि श्याम किशोर अवैध रूप से भ्रूण का परीक्षण करते थे। इसकी सुनवाई न्यायालय में चल रही थी। शासकीय अधिवक्ता अनिल ने कहा कि लिंग परीक्षण करने से समाज में गलत संदेश जाता है जबकि पूरा समाज इस समय लिंगानुपात को लेकर चिंतित है। लड़कियों की सुरक्षा हो सके इसलिए समाज प्रयासरत रहता है। दोषी को अधिक से अधिक सजा दी जाए। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद जज संजय कुमार गोंड ने श्याम किशोर को गर्भधारण पूर्व प्रसूति पूर्व निदान तकनीक लिंग चयन प्रतिषेध अधिनियम में दोषी पाते हुए तीन वर्ष की सजा सुनाई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
- नौ हजार रुपये का लगाया जुर्माना
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। सीजेएम संजय कुमार गोंड ने मल्लावां के श्याम पैथोलॉजी के संचालक श्याम किशोर पर अवैध रूप से अल्ट्रासाउंड मशीन चलाए जाने पर तीन वर्ष के की सजा सुनाई है। इसके साथ ही नौ हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
उप मुख्यचिकित्सा अधिकारी डॉ. विजय सिंह ने मल्लावां के भीठाई निवासी पंकज कुमार की शिकायत पर 28 जून 2015 को श्याम पैथोलॉजी मल्लावां में छापा मारा था। यहां पैथोलॉजी के अंदर एक अल्ट्रासाउंड मशीन चालू पाई गई थी। जांच करने पर श्याम किशोर अल्ट्रासाउंड मशीन चलाने के लिए आवश्यक अभिलेख नहीं दिखा पाए।
विज्ञापन
आरोप लगा था कि श्याम किशोर अवैध रूप से भ्रूण का परीक्षण करते थे। इसकी सुनवाई न्यायालय में चल रही थी। शासकीय अधिवक्ता अनिल ने कहा कि लिंग परीक्षण करने से समाज में गलत संदेश जाता है जबकि पूरा समाज इस समय लिंगानुपात को लेकर चिंतित है। लड़कियों की सुरक्षा हो सके इसलिए समाज प्रयासरत रहता है। दोषी को अधिक से अधिक सजा दी जाए। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद जज संजय कुमार गोंड ने श्याम किशोर को गर्भधारण पूर्व प्रसूति पूर्व निदान तकनीक लिंग चयन प्रतिषेध अधिनियम में दोषी पाते हुए तीन वर्ष की सजा सुनाई है।
विज्ञापन