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Hardoi News: बाढ़ से 50 गांवों के 23 हजार से अधिक लोग प्रभावित
Tue, 09 Sep 2025 12:12 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
Updated Tue, 09 Sep 2025 12:12 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी से जिले में बाढ़ का दायरा बढ़ा है। जिससे लोगों की दुश्वारियां भी बढ़ गईं हैं। बाढ़ के पानी से 50 गांवों की करीब 23,000 से अधिक आबादी प्रभावित है। सरकारी भवनों में भी पानी भरने लगा है।
बाढ़ के कारण बावन, सांडी और भरखनी क्षेत्र के 68 स्कूलों को बंद कर दिया गया है। पाली क्षेत्र में ठेहापुर निसौली संपर्क मार्ग बाढ़ के पानी से कट गया है। पहाड़ों पर होने वाली बारिश और बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी से 24 घंटे में गंगा और गर्रा के पानी में वृद्धि हुई है, जबकि रामगंगा का पानी नहीं बढ़ा है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष से बताया गया कि गंगा नदी के पानी में 5 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है और पानी खतरे के निशान 137.10 मीटर से 20 सेंटीमीटर ऊपर 137.30 मीटर पर पहुंचा है। गर्रा नदी के पानी में 18 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है और पानी सांडी में केंद्रीय जल आयोग की साइट पर खतरे के निशान 129.67 मीटर से 1.02 मीटर ऊपर पहुंच गया है। रामगंगा का पानी 130.05 मीटर पर बना हुआ है। वहीं बैराजों से गंगा नदी में हरिद्वार बैराज से 89,900 क्यूसेक और नरौरा बैराज से 1,50,798 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गर्रा नदी में पीलीभीत के ड्यूनी बैराज से 7,793 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। बाढ़ से 140 गांव पानी से घिर गए हैं। जिसमें 50 गांवों में पानी भरने से आबादी प्रभावित हुई है।
पाली गर्रा नदी की बाढ़ से कहारकोला, बाबरपुर, पहाड़पुर के अलावा बेगराजपुर, बैजूपुर, केवलपुर, धर्मपुर, लखमापुर, उमरिया, शंकरपुर, खानूपुर, रणधीरपुर, ललुआपुर, सिंगुलापुर, ख्वाजगीपुर, सूरापुर, चंद्रमपुर, खेरिया, वीरमपुर, खजुहाई, बरगदिया, अतरजी, परेली सहित करीब 20 से अधिक गांव प्रभावित हैं। कहारकोला और पहाड़पुर के लोग नाव से आवागमन करने को मजबूर हैं। उमरिया गावं के पास से ठेहापुर निसौली गोपाल संपर्क मार्ग पानी से कट गया है।
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हरदोई। बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी से जिले में बाढ़ का दायरा बढ़ा है। जिससे लोगों की दुश्वारियां भी बढ़ गईं हैं। बाढ़ के पानी से 50 गांवों की करीब 23,000 से अधिक आबादी प्रभावित है। सरकारी भवनों में भी पानी भरने लगा है।
बाढ़ के कारण बावन, सांडी और भरखनी क्षेत्र के 68 स्कूलों को बंद कर दिया गया है। पाली क्षेत्र में ठेहापुर निसौली संपर्क मार्ग बाढ़ के पानी से कट गया है। पहाड़ों पर होने वाली बारिश और बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी से 24 घंटे में गंगा और गर्रा के पानी में वृद्धि हुई है, जबकि रामगंगा का पानी नहीं बढ़ा है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष से बताया गया कि गंगा नदी के पानी में 5 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है और पानी खतरे के निशान 137.10 मीटर से 20 सेंटीमीटर ऊपर 137.30 मीटर पर पहुंचा है। गर्रा नदी के पानी में 18 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है और पानी सांडी में केंद्रीय जल आयोग की साइट पर खतरे के निशान 129.67 मीटर से 1.02 मीटर ऊपर पहुंच गया है। रामगंगा का पानी 130.05 मीटर पर बना हुआ है। वहीं बैराजों से गंगा नदी में हरिद्वार बैराज से 89,900 क्यूसेक और नरौरा बैराज से 1,50,798 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गर्रा नदी में पीलीभीत के ड्यूनी बैराज से 7,793 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। बाढ़ से 140 गांव पानी से घिर गए हैं। जिसमें 50 गांवों में पानी भरने से आबादी प्रभावित हुई है।
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पाली गर्रा नदी की बाढ़ से कहारकोला, बाबरपुर, पहाड़पुर के अलावा बेगराजपुर, बैजूपुर, केवलपुर, धर्मपुर, लखमापुर, उमरिया, शंकरपुर, खानूपुर, रणधीरपुर, ललुआपुर, सिंगुलापुर, ख्वाजगीपुर, सूरापुर, चंद्रमपुर, खेरिया, वीरमपुर, खजुहाई, बरगदिया, अतरजी, परेली सहित करीब 20 से अधिक गांव प्रभावित हैं। कहारकोला और पहाड़पुर के लोग नाव से आवागमन करने को मजबूर हैं। उमरिया गावं के पास से ठेहापुर निसौली गोपाल संपर्क मार्ग पानी से कट गया है।
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