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Hardoi News: शासकीय रुपये के दुरुपयोग से 450 जनप्रतिनिधियों के चुनाव लड़ने पर संकट
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हरदोई। गांवों के विकास और भुगतान में गड़बड़ी की पुष्टि से पंचायतों के 450 जनप्रतिनिधियों के चुनाव में दावेदारी पर संकट खड़ा हो गया है। लेखा परीक्षा विभाग की तरफ से शासकीय रुपये के दुरुपयोग पर पंचायतीराज विभाग ने कार्रवाई शुरू की है। भुगतान में गड़बड़ी में दुरुपयोग किए गए रुपये की वसूली कराई जाएगी। रुपये जमा न किए जाने की दशा में गड़बड़ी करने वाले जनप्रतिनिधि चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।
पंचायत के चुनाव साल-2026 में प्रस्तावित हैं। चुनाव को लेकर निर्वाचन और प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। गांवों में कराए जाने वाले विकास कार्यों और भुगतान में जिले में करीब 450 जनप्रतिनिधियों ने अभी तक न तो कोई आख्या दी है न ही दुरुपयोग किए रुपये ही जमा किए हैं जिससे दुरुपयोग किए गए रुपये अब वसूली की श्रेणी में आ गए हैं। पंचायतीराज विभाग ने उन 450 से अधिक जनप्रतिनिधियों से वसूली और आख्या के लिए प्रक्रिया शुरू करा दी है।
लेखा परीक्षा विभाग की तरफ से साल 2021-22 से साल 2022-23 के ऑडिट में 450 से अधिक जनप्रतिनिधि गड़बड़ी में चिह्नित हुए हैं। पंचायतीराज विभाग ने पंचायतीराज अधिनियम-1947 की नियम 256-1 में अधिभार नोटिस और जवाब-तलब के लिए नोटिस दिए थे, जवाब न आने पर विधानसभा की समिति के समक्ष प्रकरण भी रखे जा चुके हैं।
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दुरुपयोग रुपये जमा न किए जाने पर नहीं मिल सकेगा अदेयता प्रमाण पत्र
पंचायतों में शासकीय रुपये के दुरुपयोग की जिला लेखा परीक्षा विभाग की तरफ से पुष्टि किए जाने पर पंचायतीराज विभाग ने संबंधित प्रधानों को नोटिस दिया था। अब पंचायत चुनाव करीब हैं जिससे पंचायतीराज विभाग ने अंतिम नोटिस भी दे दिया है। दुरुपयोग किए गए रुपये शासकीय खाता में जमा न किए जाने की दशा में संबंधित जनप्रतिनिधि को ग्राम, क्षेत्र और जिला पंचायत से अदेयता प्रमाण पत्र नहीं दिए जा सकेंगे। ऐसे जनप्रतिनिधियों को प्रमाण पत्र पर बकाया रुपये का विवरण दर्ज किया जाएगा।
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नोटिस दी गई हैं, अनुपालन न होने पर होगी वसूली :
जिला लेखा परीक्षा की तरफ से जिला, क्षेत्र और ग्राम पंचायतों के ऑडिट में मिली शासकीय रुपये की गड़बड़ी पर संबंधित प्रधान, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत को नोटिस दिया गया है। ऑडिट आपत्ति का निस्तारण न कराए जाने की दशा में विधानसभा की लोक लेखा समिति की तरफ से वसूली के लिए आदेशित किया गया है। संबंधित को अंतिम नोटिस दिया जा चुका है। अनुपालन आख्या और दुरुपयोग रुपये जमा न किए जाने की दशा में संबंधित से वसूली कराई जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर बकाया भू-राजस्व की भांति वसूली के लिए अधिकारियों से अनुमति लेकर आरसी जारी की जाएगी। -विनय कुमार सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी
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पंचायत के चुनाव साल-2026 में प्रस्तावित हैं। चुनाव को लेकर निर्वाचन और प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। गांवों में कराए जाने वाले विकास कार्यों और भुगतान में जिले में करीब 450 जनप्रतिनिधियों ने अभी तक न तो कोई आख्या दी है न ही दुरुपयोग किए रुपये ही जमा किए हैं जिससे दुरुपयोग किए गए रुपये अब वसूली की श्रेणी में आ गए हैं। पंचायतीराज विभाग ने उन 450 से अधिक जनप्रतिनिधियों से वसूली और आख्या के लिए प्रक्रिया शुरू करा दी है।
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लेखा परीक्षा विभाग की तरफ से साल 2021-22 से साल 2022-23 के ऑडिट में 450 से अधिक जनप्रतिनिधि गड़बड़ी में चिह्नित हुए हैं। पंचायतीराज विभाग ने पंचायतीराज अधिनियम-1947 की नियम 256-1 में अधिभार नोटिस और जवाब-तलब के लिए नोटिस दिए थे, जवाब न आने पर विधानसभा की समिति के समक्ष प्रकरण भी रखे जा चुके हैं।
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दुरुपयोग रुपये जमा न किए जाने पर नहीं मिल सकेगा अदेयता प्रमाण पत्र
पंचायतों में शासकीय रुपये के दुरुपयोग की जिला लेखा परीक्षा विभाग की तरफ से पुष्टि किए जाने पर पंचायतीराज विभाग ने संबंधित प्रधानों को नोटिस दिया था। अब पंचायत चुनाव करीब हैं जिससे पंचायतीराज विभाग ने अंतिम नोटिस भी दे दिया है। दुरुपयोग किए गए रुपये शासकीय खाता में जमा न किए जाने की दशा में संबंधित जनप्रतिनिधि को ग्राम, क्षेत्र और जिला पंचायत से अदेयता प्रमाण पत्र नहीं दिए जा सकेंगे। ऐसे जनप्रतिनिधियों को प्रमाण पत्र पर बकाया रुपये का विवरण दर्ज किया जाएगा।
नोटिस दी गई हैं, अनुपालन न होने पर होगी वसूली :
जिला लेखा परीक्षा की तरफ से जिला, क्षेत्र और ग्राम पंचायतों के ऑडिट में मिली शासकीय रुपये की गड़बड़ी पर संबंधित प्रधान, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत को नोटिस दिया गया है। ऑडिट आपत्ति का निस्तारण न कराए जाने की दशा में विधानसभा की लोक लेखा समिति की तरफ से वसूली के लिए आदेशित किया गया है। संबंधित को अंतिम नोटिस दिया जा चुका है। अनुपालन आख्या और दुरुपयोग रुपये जमा न किए जाने की दशा में संबंधित से वसूली कराई जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर बकाया भू-राजस्व की भांति वसूली के लिए अधिकारियों से अनुमति लेकर आरसी जारी की जाएगी। -विनय कुमार सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी