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Hardoi News: बिना अग्निशमन यंत्र सड़कों पर फर्राटा भर रहीं कई रोडवेज बसें

Sun, 06 Apr 2025 10:57 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 06 Apr 2025 10:57 PM IST
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Many roadways buses are running on the roads without fire extinguishers
हरदोई। गर्मी बढ़ते ही आग लगने की संभावनाएं भी बढ़ गई हैं।
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इसके बावजूद रोडवेज की तमाम बसें आग से बचाव के इंतजाम के बगैर फर्राटा भर रही हैं। कुछ बसों में अग्निशमन यंत्र नहीं हैं तो कुछ में लगे अग्निशमन यंत्र एक्सपायर्ड हो चुके हैं। बसों में आग से बचाव के इंतजाम नहीं हैं। जिन बसों में अग्निशमन यंंत्र लगे हैं उन बसों के चालक व परिचालकों को यंत्रों को चलाने का प्रशिक्षण तक नहीं दिया गया है। अनहोनी होने पर यात्रियों की जान पर बन आती है।
क्षेत्रीय कार्यालय हरदोई से कन्नौज, शाहजहांपुर, सीतापुर, गोला और लखीमपुर डिपो की बसों का भी रखरखाव होता है। जिला समेत पांच जिलों की बसों का रखरखाव तो दूर हरदोई डिपो की ही तमाम बसें सुरक्षा मानकों को दर किनार कर दौड़ रही हैं। हरदोई डिपो के अंतर्गत करीब 195 बसों का संचालन हो रहा है। इनमें करीब 165 बसें अब नई हो गई हैं, लेकिन करीब 30 बसें अभी पुरानी हैं।
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गर्मी की वजह से आग की घटनाओं की संभावना बनी रहती है। इसके बाद भी बसों में अग्निशमन यंत्र की व्यवस्था दुरूस्त नहीं है। रोडवेज की नई बसों में अग्निशमन यंत्र तो लगे हैं, लेकिन चालक व परिचालकों को यंत्रों को चलाने का प्रशिक्षण नहीं मिला है। वहीं, पुरानी बसों में अग्निशमन यंत्र सही नहीं हैं। फर्रुखाबाद, सीतापुर और शाहजहांपुर रूट पर कई पुरानी बसों में अग्निशमन यंत्र या तो हैं या नहीं, या एक्सपायर्ड हो चुके हैं।
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पुरानी बसों में वायरिंग की हालत भी दयनीय
हरदोई। रोडवेज की पुरानी हो चुकीं बसों में कइयों में वायरिंग की हालत दयनीय हो चुकी है। चालक पुरानी बसों में अपने मनमाने ढंग से वायरिंग को काटकर अपने व्यक्तिगत प्रयोग के लिए तार जोड़ लेते हैं। बसों में इन्हीं लूज कनेक्शनों से शॉर्ट-सर्किट की संभावना अधिक होती है और आग लगने का खतरा भी बना रहता है। पुरानी बसों में सबसे अधिक आग लगने की संभावना होने के बावजूद अग्निशमन यंत्रों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।



रोडवेज बसों में आग से बचाव के पूरे इंतजाम हैं। जिन बसों में यंत्र एक्सपायर्ड हो गए हैं उनको समय होते ही रिफिल करा दिया जाता है। चालक व परिचालकों को प्रशिक्षण दिलाया गया है और दोबारा कैंप के लिए भी विभाग को तिथि दी गई है। अभी तिथि निर्धारित नहीं हुई है, जैसे ही तिथि आएगी प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। -भुवनेश्वर कुमार, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक
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