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महिलाओं को चांद नहीं सूरज बनने की जरूरत: डा. सुमन

Sat, 30 Jan 2021 11:20 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 30 Jan 2021 11:20 PM IST
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mahilyee ho sasakt
हरदोई। आज के युग में महिलाओं के प्रति शोषण व अपराध सामान्य जन की मानसिकता को दर्शाते हैं। महिला को अबला नहीं सबला बनना होगा। चांद नहीं सूरज बनना होगा। यह बात डा. सुमन वर्मा ने वर्चुअल परिचर्चा के दौरान कही।
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शनिवार को आर्य कन्या महाविद्यालय में मिशन शक्ति के तहत कन्या भ्रूण हत्या विषय पर वर्चुअल परिचर्चा हुई। महाविद्यालय की प्रवक्ता डा. सरिता यादव ने कहा कि साक्षरता दर बढ़ रही है, लेकिन लोगों की मानसिकता में परिवर्तन नहीं आ रहा है। कन्याओं के जन्म होने पर लोग शोकग्रस्त होते हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए नारी को अपनी शक्ति पहचानकर स्वयं इसका विरोध करना चाहिए। प्रवक्ता उमारानी श्रीवास्तव ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या के लिए सामाजिक, धार्मिक व आर्थिक कारण उत्तरदायी है। इसे दूर करने के लिए नारी को स्वयं लिंग परीक्षण का विरोध करना चाहिए। प्रवक्ता डा. मंजू ने लैंगिक भेदभाव को कविता के माध्यम से प्रस्तुत किया।
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वर्चुअल कार्यक्रम में सभी महाविद्यालय प्राध्यापिकाएं, 150 छात्राएं व अभिभावक मौजूद रहे। इस मौके पर प्राचार्य डा. रानी भटनागर, छात्रा बुशरा खान, आरती मिश्रा, क्षमा गुप्ता, हिमांशी सक्सेना, श्वेता यादव और कई अभिभावकों ने अपने विचार रखे।
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