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Hardoi News: माधौगंज चेयरमैन कोर्ट में नहीं हुए हाजिर, आदेश सुरक्षित
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हरदोई। सीजेएम कोर्ट ने 23 दिसंबर को 19 वर्ष पुराने हत्याकांड में माधौगंज नगर पंचायत के चेयरमैन अनुराग मिश्रा समेत चार लोगों को खिलाफ तलबी आदेश दिया था। इसमें सात जनवरी को चारों को उपस्थित होना था। शनिवार को उपस्थित न होने पर सीजेएम ने आगे की कार्रवाई को सुरक्षित कर लिया है।
थाना क्षेत्र मोहल्ला उपध्याना निवासी शिव देवी पत्नी शिव शरण ने 23 जून 2003 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि उनका बेटा निर्मल (15) पूर्व विधायक धर्मज्ञ मिश्रा के कारखाने पर काम करता था। 23 जून को उन्हें सूचना मिली कि बेटे को कालरा हो गया है और उसकी मौत हो गई है तहरीर के आधार पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।
विवेचना में अनुराग, कमलेश, नन्हके, सोनू के नाम सामने आए थे। पुलिस ने मामले में अंतिम रिपोर्ट लगाई गई थी। इसे सीजेएम संजय कुमार गोंड ने संज्ञान में लेकर पाया कि इस मामले में जांच के दौरान पुलिस के सामने दिए बयानों में शिव देवी ने चेयरमैन पर हत्या किए जाने की बात स्वीकार करते हुए कार्यवाही की मांग की थी।
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वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी निर्मल को चोटें आई थी। यह भी पाया गया था कि आरोपियों के प्रभाव के कारण पुलिस ने पहले तो मृतक निर्मल की माता शिव देवी को मृतक दिखा दिया था। सीजेएम ने लगाई गई फाइनल रिपोर्ट को सही नहीं पाया और उसे निरस्त करने का आदेश दिया था।
23 दिसंबर को सीजेएम ने चेयरमैन अनुराग मिश्रा सोनू पंडित व कमलेश्वर नन्हक्के को विचारण के लिए अदालत में तलब किया था। इसकी पेशी सात जनवरी को थी, लेकिन पेशी में कोई हाजिर नहीं हुआ।
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थाना क्षेत्र मोहल्ला उपध्याना निवासी शिव देवी पत्नी शिव शरण ने 23 जून 2003 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि उनका बेटा निर्मल (15) पूर्व विधायक धर्मज्ञ मिश्रा के कारखाने पर काम करता था। 23 जून को उन्हें सूचना मिली कि बेटे को कालरा हो गया है और उसकी मौत हो गई है तहरीर के आधार पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।
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विवेचना में अनुराग, कमलेश, नन्हके, सोनू के नाम सामने आए थे। पुलिस ने मामले में अंतिम रिपोर्ट लगाई गई थी। इसे सीजेएम संजय कुमार गोंड ने संज्ञान में लेकर पाया कि इस मामले में जांच के दौरान पुलिस के सामने दिए बयानों में शिव देवी ने चेयरमैन पर हत्या किए जाने की बात स्वीकार करते हुए कार्यवाही की मांग की थी।
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वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी निर्मल को चोटें आई थी। यह भी पाया गया था कि आरोपियों के प्रभाव के कारण पुलिस ने पहले तो मृतक निर्मल की माता शिव देवी को मृतक दिखा दिया था। सीजेएम ने लगाई गई फाइनल रिपोर्ट को सही नहीं पाया और उसे निरस्त करने का आदेश दिया था।
23 दिसंबर को सीजेएम ने चेयरमैन अनुराग मिश्रा सोनू पंडित व कमलेश्वर नन्हक्के को विचारण के लिए अदालत में तलब किया था। इसकी पेशी सात जनवरी को थी, लेकिन पेशी में कोई हाजिर नहीं हुआ।