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Hardoi News: पत्नी की हत्या के अभियुक्त को आजीवन कारावास
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हरदोई। पत्नी की हत्या में पति के दोषी पाए जाने पर जिला जज संजीव शुक्ला ने अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही चार हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना न देने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा होगी। वहीं, इसी मामले में साक्ष्य के अभाव में एक अन्य महिला आरोपी को बरी कर दिया गया है।
अतरौली थाना क्षेत्र के जनिगांव पट्टी निवासी रामस्वरूप ने 21 जुलाई 2020 को कोतवाली संडीला में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि उसने अपनी बहन सरिता की शादी लगभग 20 साल पहले अतरौली थाना क्षेत्र के देवापाई गांव निवासी उमेश से की थी। उमेश वर्तमान में संडीला कस्बा के मोहल्ला तरफ मंडई में रहता है। शादी के बाद से बहन और बहनोई में अक्सर लड़ाई-झगड़ा होता था। इसका कारण उमेश के किसी महिला से नाजायज संबंध थे। सरिता इसका विरोध करती थी। इस पर उमेश मारपीट करता था।
13 जुलाई 2020 की रात को उमेश और सोनी ने मिलकर सरिता की गला दबाकर हत्या कर दी। आत्महत्या का रूप देने के लिए फंदे से लटका दिया। पुलिस ने उमेश और सोनी के खिलाफ हत्या और सबूत मिटाने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाहों और 11 अभिलेखीय साक्ष्य पेश किए गए। दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने व पत्रावली पर मौजूद सबूतों के आधार पर जिला जज ने उमेश को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साक्ष्य के अभाव में सोनी को बरी किया गया।
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अतरौली थाना क्षेत्र के जनिगांव पट्टी निवासी रामस्वरूप ने 21 जुलाई 2020 को कोतवाली संडीला में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि उसने अपनी बहन सरिता की शादी लगभग 20 साल पहले अतरौली थाना क्षेत्र के देवापाई गांव निवासी उमेश से की थी। उमेश वर्तमान में संडीला कस्बा के मोहल्ला तरफ मंडई में रहता है। शादी के बाद से बहन और बहनोई में अक्सर लड़ाई-झगड़ा होता था। इसका कारण उमेश के किसी महिला से नाजायज संबंध थे। सरिता इसका विरोध करती थी। इस पर उमेश मारपीट करता था।
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13 जुलाई 2020 की रात को उमेश और सोनी ने मिलकर सरिता की गला दबाकर हत्या कर दी। आत्महत्या का रूप देने के लिए फंदे से लटका दिया। पुलिस ने उमेश और सोनी के खिलाफ हत्या और सबूत मिटाने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाहों और 11 अभिलेखीय साक्ष्य पेश किए गए। दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने व पत्रावली पर मौजूद सबूतों के आधार पर जिला जज ने उमेश को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साक्ष्य के अभाव में सोनी को बरी किया गया।
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