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Hardoi News: हत्या के मामले में आजीवन कारावास
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हरदोई। अधेड़ की हत्यारोपी को दोषी करार देते हुए कोर्ट संख्या एक की अपर जिला जज ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 12 हजार, 500 रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। जुर्माने की आधी रकम बतौर क्षतिपूर्ति मृतक की पत्नी को देने के आदेश भी दिए।
अरवल थाना क्षेत्र के टिकार गांव निवासी जलालुद्दीन ने 15 अगस्त 2018 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बताया कि उसका छोटा भाई फिरोज (42) 14 अगस्त 2018 की रात घर से कहीं गायब हो गया था। परिजनों ने तलाश की लेकिन पता नहीं चला। 15 अगस्त की सुबह फिरोज का शव गांव के दीनानाथ के मकान के बाहर खड़ंजे के किनारे नाली में मिला था। फिरोज के सिर व नाक पर धारदार हथियार से मारे जाने की चोट के निशान थे। दीनानाथ के मकान के सामने खून के धब्बे व घसीटे जाने के भी निशान थे। दीनानाथ पर हत्या का आरोप लगाया था।
पुलिस ने दीनानाथ के खिलाफ हत्या की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। विवेचना में सामने आया था कि दीनानाथ शराब का लती था। घटना के पहले फिरोज से कई बार झगड़ा भी हो चुका था। इस कारण उसने फिरोज की हत्या की थी। अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाहों को पेश किया गया। इसके साथ की 26 अभिलेखीय साक्ष्य भी पेश किए गए। दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने व पत्रावली पर मौजूद सबूतों के आधार पर अपर जिला जज कुसुम लता ने फैसला सुनाया।
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अरवल थाना क्षेत्र के टिकार गांव निवासी जलालुद्दीन ने 15 अगस्त 2018 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बताया कि उसका छोटा भाई फिरोज (42) 14 अगस्त 2018 की रात घर से कहीं गायब हो गया था। परिजनों ने तलाश की लेकिन पता नहीं चला। 15 अगस्त की सुबह फिरोज का शव गांव के दीनानाथ के मकान के बाहर खड़ंजे के किनारे नाली में मिला था। फिरोज के सिर व नाक पर धारदार हथियार से मारे जाने की चोट के निशान थे। दीनानाथ के मकान के सामने खून के धब्बे व घसीटे जाने के भी निशान थे। दीनानाथ पर हत्या का आरोप लगाया था।
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पुलिस ने दीनानाथ के खिलाफ हत्या की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। विवेचना में सामने आया था कि दीनानाथ शराब का लती था। घटना के पहले फिरोज से कई बार झगड़ा भी हो चुका था। इस कारण उसने फिरोज की हत्या की थी। अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाहों को पेश किया गया। इसके साथ की 26 अभिलेखीय साक्ष्य भी पेश किए गए। दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने व पत्रावली पर मौजूद सबूतों के आधार पर अपर जिला जज कुसुम लता ने फैसला सुनाया।
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