Hardoi News: छेड़छाड़ के बाद किशोरी की हत्या का मामला, सात वर्ष बाद आया फैसला, दोषी को आजीवन कारावास
पॉक्सो एक्ट कोर्ट ने छेड़छाड़ के बाद किशोरी की हत्या के मामले में सात वर्ष बाद फैसला सुनाया है। इसमें दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। बता दें कि पर्याप्त साक्ष्य न मिलने के कारण दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हो पाई थी।
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हरदोई जिले में अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कोर्ट नंबर 15 के जज अबुल कैश ने किशोरी के साथ छेड़छाड़ कर हत्या के मामले में दोषी राम सेवक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
जुर्माना अदा न करने पर उसे तीन माह की अधिक सजा भुगतनी होगी। जुर्माने की 80 प्रतिशत धनराशि पीड़िता को देने का आदेश दिया गया है। कछौना थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने नौ अक्तूबर 2014 को मुकदमा दर्ज कराया था।
इसमें कहा था कि तीन अक्तूबर 2014 की शाम उसकी भतीजी अचानक घर से गायब हो गई थी। काफी खोजबीन करने के बाद भी उसका कुछ पता नहीं चला। सात अक्तूबर 2014 को हथोड़ा गांव के निकट जंगल में पानी के गड्ढे में लाश पड़ी होने की सूचना मिली थी।
परिजन वहां पहुंचे, तो देखा कि लाश उनकी भतीजी की थी। उसके गले में चोट के निशान थे। शरीर से आधे कपड़े गायब थे। उन्हें कुछ लोगों ने बताया था कि रामसेवक उनकी भतीजी को झाड़-फूंक के बहाने गांव के बाहर एक मजार पर ले गया था। जहां उसने अपने साथियों के साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या कर दी।
इस मामले की सुनवाई न्यायालय में चल रही थी। अभियोजन पक्ष से पैरवी कर रहे लोक अभियोजक मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद छेड़छाड़ व हत्या के दोषी रामसेवक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं पर्याप्त साक्ष्य न मिलने के कारण दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हो पाई।