{"_id":"653aa6e6b53c1d23b0093a48","slug":"letter-written-for-action-against-project-manager-of-uppcl-hardoi-news-c-213-1-sknp1042-5659-2023-10-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hardoi News: यूपीपीसीएल के परियोजना प्रबंधक पर कार्रवाई के लिए लिखा पत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hardoi News: यूपीपीसीएल के परियोजना प्रबंधक पर कार्रवाई के लिए लिखा पत्र
विज्ञापन
हरदोई। पांच हजार मीट्रिक टन क्षमता के गोदाम का काम दो जुलाई को पूरा हो जाना चाहिए लेकिन, 20 अक्तूबर तक 35 प्रतिशत ही काम हो पाया है। उप्र प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) की ओर से समय से काम न कराने से निर्माण की लागत में भी बढ़ोतरी की आशंका है। कार्यदायी संस्था यूपीपीसीएल के परियोजना प्रबंधक भी तीन माह से समीक्षा बैठकों से गैरहाजिर चल रहे हैं। डीएम ने कार्रवाई के लिए निदेशक को पत्र लिखा है।
कृषि विभाग की ओर से मोहम्मदपुर राजकीय कृषि फार्म में गोदाम निर्माण को स्वीकृति दी गई है। गोदाम निर्माण के लिए शासन ने 5.29 करोड़ की स्वीकृति के साथ ही कार्यदायी संस्था यूपीपीसीए-8 को 3.59 करोड़ जारी भी कर दिए। राजकीय कृषि फार्म पर होने वाले गोदाम निर्माण की प्रगति की मुख्यमंत्री डैश बोर्ड पर नियमित समीक्षा की जा रही है। डीएम एमपी सिंह ने समीक्षा में पाया कि यूपीपीसीएल के अनुबंध के अनुसार गोदाम का काम 2 जुलाई 2023 को पूरा हो जाना चाहिए था लेकिन 20 अक्तूबर तक निर्माण की प्रगति 35 प्रतिशत तक ही पहुंच पाई है। इससे एक तो काम समय से पूरा नहीं हुआ है और परियोजना प्रबंधक ने समीक्षा बैठक में उपस्थित भी नहीं हुए हैं। यूपीपीसीएल के उप परियोजना प्रबंधक ने कम प्रगति के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों पर जिम्मेदारी डाली है। कहा कि कृषि विभाग के अधिकारियों ने फीडिंग सही नहीं की है।
डीएम मंगला प्रसाद सिंह ने बताया कि तीन माह से बैठक में शामिल न होना, परियोजनाओं को पूरा कराने में भी परियोजना प्रबंधक की ओर से रुचि नहीं ली जा रही है। बताया कि कृषि विभाग के निदेशक को पत्र लिखकर यूपीपीसीएल के परियोजना प्रबंधक के विरुद्ध कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कृषि विभाग की ओर से मोहम्मदपुर राजकीय कृषि फार्म में गोदाम निर्माण को स्वीकृति दी गई है। गोदाम निर्माण के लिए शासन ने 5.29 करोड़ की स्वीकृति के साथ ही कार्यदायी संस्था यूपीपीसीए-8 को 3.59 करोड़ जारी भी कर दिए। राजकीय कृषि फार्म पर होने वाले गोदाम निर्माण की प्रगति की मुख्यमंत्री डैश बोर्ड पर नियमित समीक्षा की जा रही है। डीएम एमपी सिंह ने समीक्षा में पाया कि यूपीपीसीएल के अनुबंध के अनुसार गोदाम का काम 2 जुलाई 2023 को पूरा हो जाना चाहिए था लेकिन 20 अक्तूबर तक निर्माण की प्रगति 35 प्रतिशत तक ही पहुंच पाई है। इससे एक तो काम समय से पूरा नहीं हुआ है और परियोजना प्रबंधक ने समीक्षा बैठक में उपस्थित भी नहीं हुए हैं। यूपीपीसीएल के उप परियोजना प्रबंधक ने कम प्रगति के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों पर जिम्मेदारी डाली है। कहा कि कृषि विभाग के अधिकारियों ने फीडिंग सही नहीं की है।
विज्ञापन
डीएम मंगला प्रसाद सिंह ने बताया कि तीन माह से बैठक में शामिल न होना, परियोजनाओं को पूरा कराने में भी परियोजना प्रबंधक की ओर से रुचि नहीं ली जा रही है। बताया कि कृषि विभाग के निदेशक को पत्र लिखकर यूपीपीसीएल के परियोजना प्रबंधक के विरुद्ध कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया है।
विज्ञापन