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‘आज भारत में धर्म का अभाव’
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Mon, 13 Apr 2015 12:38 AM IST
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प्रतापिता ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विवि के संयोजन में
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जीआईसी में पांच दिवसीय तनाव मुक्ति शिविर का शुभारंभ लोकसभा सांसद ने
किया। उन्होंने दीप दान कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद राजस्थान के
माउंट आबू से आईं राजयोगिनी द्वारा तनाव मुक्त जीवन जीने की कला का मंत्र
दिया गया।
उन्होंने आध्यात्मिकता और धार्मिकता को अपनाकर भारत को एक बार फिर विश्व गुरु बनने में सहयोग देने की बात कही। जीआईसी में 12 से 17 अप्रैल तक आयोजित हो रहे तनाव मुक्ति शिविर का शुभारंभ करने के बाद सांसद अंशुल वर्मा ने तनाव से मुक्ति होने पर ही सफलता मिलने की बात कही।
कहा कि भारत तो हमेशा से आध्यात्म की ओर रहा है, लेकिन कुछ गिरावट आई थी जिसे अब पूरा किया जा रहा है और उन्हें उम्मीद है कि आगे आने वाले समय में भारत एक बार फिर धार्मिक पथ पर अग्रसर होगा। विशिष्ट अतिथि एएसपी दिनेश त्रिपाठी, जिला विकास अधिकारी श्रीनिवास मिश्र, एसडीएम बिलग्राम पीपी तिवारी, भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव रंजन मिश्र, अखिलेश पाठक, माधवेंद्र प्रताप सिंह ने भी दीप दान किया।
कार्यक्रम की शुरुआत के बाद राजस्थान के माउंट आबू से आईं राजयोगिनी प्रभा बहन ने तनाव मुक्ति को अपने विचार दिए। कहा कि भारत को जगत गुरु कहा जाता है, लेकिन आज भारत में अशांति है और धर्म का अभाव है। धार्मिक संस्कृति रूपी वृक्षों को जड़ से उखाड़ दिया जाए तो क्या होगा।
समाज में आज अतिथि देवो भव: का भाव समाप्त हो गया है और सिर्फ वेलकम रह गया है, जो संस्कृति को पतन की ओर ले जा रही है। सभी को अपने जीवन में शांति, सुख व पवित्रता को लाना होगा, तभी आध्यात्म को दोबारा पाया जा सकता है।
कहा कि पैसा सब कुछ नहीं होता है, परमात्मा से मिलन के लिए पैसे की नहीं बल्कि दिव्य गुणों की आवश्यकता होती है। कार्यक्रम में कसरोज दीदी, मंजू बहन, कुसुम बहन ने सहयोग दिया। संचालन वीके रामपाल ने किया। शाहाबाद, सांडी, टड़ियावां, फैजाबाद और अयोध्या से आए तमाम लोग कार्यक्रम में शामिल रहे।
उन्होंने आध्यात्मिकता और धार्मिकता को अपनाकर भारत को एक बार फिर विश्व गुरु बनने में सहयोग देने की बात कही। जीआईसी में 12 से 17 अप्रैल तक आयोजित हो रहे तनाव मुक्ति शिविर का शुभारंभ करने के बाद सांसद अंशुल वर्मा ने तनाव से मुक्ति होने पर ही सफलता मिलने की बात कही।
कहा कि भारत तो हमेशा से आध्यात्म की ओर रहा है, लेकिन कुछ गिरावट आई थी जिसे अब पूरा किया जा रहा है और उन्हें उम्मीद है कि आगे आने वाले समय में भारत एक बार फिर धार्मिक पथ पर अग्रसर होगा। विशिष्ट अतिथि एएसपी दिनेश त्रिपाठी, जिला विकास अधिकारी श्रीनिवास मिश्र, एसडीएम बिलग्राम पीपी तिवारी, भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव रंजन मिश्र, अखिलेश पाठक, माधवेंद्र प्रताप सिंह ने भी दीप दान किया।
कार्यक्रम की शुरुआत के बाद राजस्थान के माउंट आबू से आईं राजयोगिनी प्रभा बहन ने तनाव मुक्ति को अपने विचार दिए। कहा कि भारत को जगत गुरु कहा जाता है, लेकिन आज भारत में अशांति है और धर्म का अभाव है। धार्मिक संस्कृति रूपी वृक्षों को जड़ से उखाड़ दिया जाए तो क्या होगा।
समाज में आज अतिथि देवो भव: का भाव समाप्त हो गया है और सिर्फ वेलकम रह गया है, जो संस्कृति को पतन की ओर ले जा रही है। सभी को अपने जीवन में शांति, सुख व पवित्रता को लाना होगा, तभी आध्यात्म को दोबारा पाया जा सकता है।
कहा कि पैसा सब कुछ नहीं होता है, परमात्मा से मिलन के लिए पैसे की नहीं बल्कि दिव्य गुणों की आवश्यकता होती है। कार्यक्रम में कसरोज दीदी, मंजू बहन, कुसुम बहन ने सहयोग दिया। संचालन वीके रामपाल ने किया। शाहाबाद, सांडी, टड़ियावां, फैजाबाद और अयोध्या से आए तमाम लोग कार्यक्रम में शामिल रहे।