फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   It takes three to four days for a cylinder to travel a distance of three kilometres.

Hardoi News: तीन किमी. की दूरी तय करने में सिलिंडर को लग जाते हैं तीन से चार दिन

Thu, 16 Apr 2026 11:09 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 16 Apr 2026 11:09 PM IST
विज्ञापन
It takes three to four days for a cylinder to travel a distance of three kilometres.
फोटो 37: हरियावां में भंडारा में खाना बनाने के लिए जलाए गए लकड़ी के चूल्हे। संवाद
हरदोई। आम उपभोक्ताओं को रसोई एलपीजी सिलिंडर के लिए पसीना बहाना पड़ रहा है। गैस कंपनियों की तरफ से ऑनलाइन बुकिंग के करीब 10 दिन बाद उपभोक्ताओं के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर डिलीवरी के लिए सिलिंडर निकलने का मैसेज भेज दिया जाता है जबकि सिलिंडर की डिलीवरी मैसेज आने के तीन से चार दिन बाद हो पा रही है। गैस एजेंसियों के कार्यालय तो शहर में हैं लेकिन उनके गोदाम शहर से तीन से चार किलोमीटर की दूरी पर हैं। वहीं से उपभोक्ताओं को सिलिंडर की डिलीवरी दी जाती है।
विज्ञापन

खाड़ी देशों में युद्ध के दौरान पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति और परिवहन की उपजी समस्या का अभी समाधान नहीं हो पाया है। व्यावसायिक सिलिंडर की तो करीब डेढ़ माह से आपूर्ति ही ठप है। ऐसे में होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और रेहड़ी-पटरी पर दुकान चलाने वाले दुकानदारों को व्यावसायिक सिलिंडर न मिल पाने से डीजल भट्ठी और कोयला-लकड़ी की भट्ठी से काम चलाना पड़ रहा है। इससे दुकानदारों की खाद्य सामग्री की लागत बढ़ गई और इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। दुकानदारों ने सामग्री की लागत बढ़ने से कीमतों में भी वृद्धि कर दी है।
विज्ञापन

आम उपभोक्ताओं की तरफ से ऑनलाइन बुकिंग के करीब 10 दिन बाद सरकारी पेट्रोलियम कंपनियों की तरफ से उपभोक्ता के पंजीकृत मोबाइल पर सिलिंडर इज ऑउट फॉर डिलीवरी और डिलीवरी कोड का मैसेज प्राप्त हो रहा है। डिलीवरी के लिए सिलिंडर निकलने का मैसेज पढ़कर उपभोक्ताओं को कुछ राहत महसूस होती है लेकिन मैसेज आने के करीब तीन से चार दिन बाद सिलिंडर मिल पा रहा है। ऐसे में सिलिंडर की डिलीवरी में करीब तीन से चार दिन लग जाते हैं। वहीं गैस एजेंसियों के गोदामों की दूरी भी तीन से चार किलोमीटर है। वहीं, बुकिंग, ई-केवाईसी, पर्ची और मोबाइल नंबर आदि पंजीकृत कराने के लिए भी उपभोक्ताओं को गैस एजेंसी के कार्यालयों की दौड़-भाग करनी पड़ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

---
सिलिंडर न मिलने पर भंडारे में चूल्हों पर बनवाया गया खाना
हरियावां। कस्बा में नवनिर्मित श्रीराम जानकी मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा और श्रीमद्भागवत कथा के विश्राम पाठ के बाद बृहस्पतिवार को भंडारा हुआ। व्यावसायिक सिलिंडर न मिल पाने से श्रद्धालुओं को भंडारे में भोजन बनवाने के लिए लकड़ी वाले चूल्हों को जलवाना पड़ा। चूल्हों पर बनवाए गए भोजन का प्रसाद श्रद्धालुओं को वितरित किया गया। डाॅ. देवेंद्र शुक्ला, ईश्वर चंद्र शुक्ला, प्रेम शुक्ला, प्रेम वाजपेई, ललित मिश्रा, सुरेश त्रिवेदी, श्रीकांत, अमित त्रिवेदी मौजूद रहे। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed