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Hardoi News: अनियमित जीवन शैली कमजोर कर रही महिलाओं की कोख
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फोटो-05- महिला चिकित्सालय। संवाद
हरदोई। अव्यवस्थित दिनचर्या और अनियमित जीवनशैली का असर महिलाओं की प्रजनन क्षमता पर भी पड़ रहा है। मोटापा और अधिक उम्र में विवाह के कारण गर्भपात होने के मामले बढ़ गए हैं। मेडिकल कॉलेज में आए दिन ऐसे मामले आ रहे हैं। जांच में टॉर्च इनफेक्शन की बात भी सामने आ रही है। यह भी गर्भपात का बड़ा कारण है।
मेडिकज कॉलेज के स्त्री रोग विभागाध्यक्ष और सह आचार्य डॉ. मधुलिका शुक्ला ने बताया कि बदलता खानपान और तनाव महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल रहा है। अधिक उम्र में विवाह, मोटापा और जंक फूड का अत्यधिक सेवन महिलाओं की कोख को समय से पहले कमजोर बना रहा है। इसका असर उनके अंडाशय (ओवरी) पर देखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि गर्भवती महिलाओं में टार्च इंफेक्शन भी गर्भपात का कारण बन जाता है।
क्या है टॉर्च इनफेक्शन
टॉर्च इंफेक्शन पांच बैक्टिरियों का समूह है जो संक्रमण पैदा करता है। इनमें टॉक्सोप्लाज्मोसिस, अन्य एजेंट में एचआईवी, सिफलिस, पैरवोवायरस बी-19, चेचक और जीका विषाणु और रुबेला, साइटोमेगालोवायरस और अखिरी में हर्पीज सिंप्लेक्स वायरस होते हैं। बताया कि यह बच्चेदानी को प्रभावित करता है और गर्भपात होने की संभावना बढ़ जाती है।
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हरदोई। चिकित्सक ने बताया कि आमतौर पर मेनोपॉज 45 से 55 वर्ष की उम्र के बीच होता है, लेकिन अब 30 से 40 साल की महिलाओं में भी समय से पहले दिख रहा है। इसका कारण अंडाशय में अंडों का बनना बंद हो जाना है। बिना किसी गंभीर बीमारी के मेनोपॉज की यह स्थिति बेहद चिंताजनक है, क्योंकि यह महिलाओं की प्रजनन क्षमता को नष्ट कर रही है।
हरदोई। डॉ. मधुलिका शुक्ला ने बताया कि ऐसे मामलों से बचाव के लिए नियमित स्वास्थ्य परीक्षण आवश्यक है। ट्यूब में भी संक्रमण होना सामान्य हो गया है। जो प्रजनन क्षमता पर असर डाल रहा है। ऐसे में किसी भी प्रकार जरा सा भी संक्रमण होने पर चिकित्सीय सलाह लेनी चाहिए और मोटापे पर नियंत्रण रखना चाहिए।
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मेडिकज कॉलेज के स्त्री रोग विभागाध्यक्ष और सह आचार्य डॉ. मधुलिका शुक्ला ने बताया कि बदलता खानपान और तनाव महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल रहा है। अधिक उम्र में विवाह, मोटापा और जंक फूड का अत्यधिक सेवन महिलाओं की कोख को समय से पहले कमजोर बना रहा है। इसका असर उनके अंडाशय (ओवरी) पर देखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि गर्भवती महिलाओं में टार्च इंफेक्शन भी गर्भपात का कारण बन जाता है।
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क्या है टॉर्च इनफेक्शन
टॉर्च इंफेक्शन पांच बैक्टिरियों का समूह है जो संक्रमण पैदा करता है। इनमें टॉक्सोप्लाज्मोसिस, अन्य एजेंट में एचआईवी, सिफलिस, पैरवोवायरस बी-19, चेचक और जीका विषाणु और रुबेला, साइटोमेगालोवायरस और अखिरी में हर्पीज सिंप्लेक्स वायरस होते हैं। बताया कि यह बच्चेदानी को प्रभावित करता है और गर्भपात होने की संभावना बढ़ जाती है।
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हरदोई। चिकित्सक ने बताया कि आमतौर पर मेनोपॉज 45 से 55 वर्ष की उम्र के बीच होता है, लेकिन अब 30 से 40 साल की महिलाओं में भी समय से पहले दिख रहा है। इसका कारण अंडाशय में अंडों का बनना बंद हो जाना है। बिना किसी गंभीर बीमारी के मेनोपॉज की यह स्थिति बेहद चिंताजनक है, क्योंकि यह महिलाओं की प्रजनन क्षमता को नष्ट कर रही है।
हरदोई। डॉ. मधुलिका शुक्ला ने बताया कि ऐसे मामलों से बचाव के लिए नियमित स्वास्थ्य परीक्षण आवश्यक है। ट्यूब में भी संक्रमण होना सामान्य हो गया है। जो प्रजनन क्षमता पर असर डाल रहा है। ऐसे में किसी भी प्रकार जरा सा भी संक्रमण होने पर चिकित्सीय सलाह लेनी चाहिए और मोटापे पर नियंत्रण रखना चाहिए।

फोटो-05- महिला चिकित्सालय। संवाद