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जांच टीम को शौचालयों में मिलीं गड़बड़ियां
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Sun, 01 Feb 2015 12:50 AM IST
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के निर्देशन में मवई मुसलमानान गांव पहुंची टीम ने नवनिर्मित शौचालयों की
जांच की, जिसमें काफी अनियमितताएं पाई गई। टीम प्रभारी ने बताया कि वह बाबत
कोई जानकारी नहीं दे सकते और जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश करेंगे।
टीम में बीडीओ एके सक्सेना, डीपीआरओ हरिशंकर मिश्र, एसडीएम जीसी श्रीवास्तव आदि अफसर भी शामिल थे। टीम ने गांव में बने सभी शौचालयों को देखा, जिनमें ज्यादातर शौचालयों में सीरियल नंबर नहीं मिले। दो शौचालय ऐसे भी मिले, जिनके पाइप टैंक में न गिराकर तालाब में गिराए गए थे।
इस पर टीम ने ग्राम विकास अधिकारी को लताड़ लगाई। सुलेमान ने बताया कि उन्हें कई माह पहले 300 ईंटें तो दी गईं, पर शौचालय बनवानेको पैसा नहीं दिया गया और जमीन न होने का हवाला दिया, जबकि उसने अपने घर के सामने जमीन भी दिखाई, जिस पर अफसरों ने ग्राम विकास अधिकारी को फटकार लगाई और एक सप्ताह में शौचालय बनवाने की हिदायत दी।
टीम जहां भी गई वहां अनियमितताएं मिलीं। एसडीएम जीसी श्रीवास्तव ने गांव में फै ली गंदगी पर सफाईकर्मियों को आड़े हाथों लिया। ग्रामीणों ने बताया कि सफाईकर्मी अधिकतर गांव आते नहीं है और सफाई के लिए कहने पर झगड़ने पर आमादा हो जाते हैं।
उन्होंने लोगों से कहा कि रोजाना अगर सफाई कर्मी गांव में नहीं आए तो फोन पर उन्हें तुरंत सूचना दी जाऐ। करीब तीन घंटे तक जांच के बाद जाते समय टीम ने अफसरों, कर्मियों को हिदायत दी कि एक हफ्ते के अंदर सभी शौचालयों को सही ढंग से बना दिया जाए।
टीम में बीडीओ एके सक्सेना, डीपीआरओ हरिशंकर मिश्र, एसडीएम जीसी श्रीवास्तव आदि अफसर भी शामिल थे। टीम ने गांव में बने सभी शौचालयों को देखा, जिनमें ज्यादातर शौचालयों में सीरियल नंबर नहीं मिले। दो शौचालय ऐसे भी मिले, जिनके पाइप टैंक में न गिराकर तालाब में गिराए गए थे।
इस पर टीम ने ग्राम विकास अधिकारी को लताड़ लगाई। सुलेमान ने बताया कि उन्हें कई माह पहले 300 ईंटें तो दी गईं, पर शौचालय बनवानेको पैसा नहीं दिया गया और जमीन न होने का हवाला दिया, जबकि उसने अपने घर के सामने जमीन भी दिखाई, जिस पर अफसरों ने ग्राम विकास अधिकारी को फटकार लगाई और एक सप्ताह में शौचालय बनवाने की हिदायत दी।
टीम जहां भी गई वहां अनियमितताएं मिलीं। एसडीएम जीसी श्रीवास्तव ने गांव में फै ली गंदगी पर सफाईकर्मियों को आड़े हाथों लिया। ग्रामीणों ने बताया कि सफाईकर्मी अधिकतर गांव आते नहीं है और सफाई के लिए कहने पर झगड़ने पर आमादा हो जाते हैं।
उन्होंने लोगों से कहा कि रोजाना अगर सफाई कर्मी गांव में नहीं आए तो फोन पर उन्हें तुरंत सूचना दी जाऐ। करीब तीन घंटे तक जांच के बाद जाते समय टीम ने अफसरों, कर्मियों को हिदायत दी कि एक हफ्ते के अंदर सभी शौचालयों को सही ढंग से बना दिया जाए।