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बिना काम कराए ही भुगतान की जांच : एक अफसर को चिट्ठी नहीं मिली तो दूसरा बोला आज ही मिली जानकारी
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हरदोई। जनपद के आलाधिकारियों के निर्देशों को मातहत गंभीरता से लेते ही नहीं। मनरेगा के तहत कराए गए कार्याें की जांच के लिए सीडीओ ने दो सदस्यीय जांच कमेटी बीती एक जून को बनाई थी।
जांच कमेटी में शामिल एक अफसर ने इसकी जानकारी होने से ही इन्कार कर दिया तो दूसरे ने बृहस्पतिवार को ही पत्र मिलने की बात कही। इस सबके बीच खास बात यह है कि सीडीओ ने जांच रिपोर्ट सात जून तक मांगी है। ऐसे में शिकायत की जांच कितनी गंभीरता से अधिकारी कर पाएंगे, यह भी रिपोर्ट से ही पता चलेगा। बिना काम कराए ही 53 लाख रुपये का भुगतान करने का मामला चर्चा में है।
हरियावां विकास खंड की ग्राम पंचायत कपूरापुर चौधी, अछुआपुर और जफरपुर में मनरेगा के तहत बड़े पैमाने पर विकास कार्याें में अनियमितताओं की शिकायत मिली थी। यह शिकायत जिले के उच्चाधिकारियों तक भी पहुंची थी। अछुआपुर में दो कामों पर बिना काम कराने पर 23 लाख रुपये से अधिक का भुगतान किए जाने की शिकायत भी कपूरापुर चौधी में छह कामों में मजदूरी के नाम पर 31 लाख रुपये बिना काम कराए ही निकाले जाने का आरोप था। यहां 41 लाख रुपये के बिल वाउचर भी बिना काम कराए ही फीड करा दिए गए थे।
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जफरपुर में भी दो कामों को कराए बिना ही 26 लाख रुपये के मजदूरी के और 30 लाख रुपये के सामग्री के लिए फीड करा दिए गए थे। तीनों ही मामलों की जांच के आदेश मुख्य विकास अधिकारी सौम्या गुरूरानी ने दिए थे। जांच करने के लिए लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता राज कुमार मौर्य और जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय निगम की टीम गठित की गई थी। जांच टीम बृहस्पतिवार शाम तक भी मौके पर गई ही नहीं।
-लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता राज कुमार मौर्या ने बताया कि जांच को लेकर पत्र आया होगा। अभी याद नहीं है। फाइलों में दिखवा लेंगे और उच्चाधिकारियों के निर्देशों के क्रम में जांच करेंगे।
-जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय निगम ने बताया कि बृहस्पतिवार को ही पत्र मिला है। बीडीओ को अभिलेख उपलब्ध कराने के लिए पत्र भेजा है।
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जांच कमेटी में शामिल एक अफसर ने इसकी जानकारी होने से ही इन्कार कर दिया तो दूसरे ने बृहस्पतिवार को ही पत्र मिलने की बात कही। इस सबके बीच खास बात यह है कि सीडीओ ने जांच रिपोर्ट सात जून तक मांगी है। ऐसे में शिकायत की जांच कितनी गंभीरता से अधिकारी कर पाएंगे, यह भी रिपोर्ट से ही पता चलेगा। बिना काम कराए ही 53 लाख रुपये का भुगतान करने का मामला चर्चा में है।
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हरियावां विकास खंड की ग्राम पंचायत कपूरापुर चौधी, अछुआपुर और जफरपुर में मनरेगा के तहत बड़े पैमाने पर विकास कार्याें में अनियमितताओं की शिकायत मिली थी। यह शिकायत जिले के उच्चाधिकारियों तक भी पहुंची थी। अछुआपुर में दो कामों पर बिना काम कराने पर 23 लाख रुपये से अधिक का भुगतान किए जाने की शिकायत भी कपूरापुर चौधी में छह कामों में मजदूरी के नाम पर 31 लाख रुपये बिना काम कराए ही निकाले जाने का आरोप था। यहां 41 लाख रुपये के बिल वाउचर भी बिना काम कराए ही फीड करा दिए गए थे।
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जफरपुर में भी दो कामों को कराए बिना ही 26 लाख रुपये के मजदूरी के और 30 लाख रुपये के सामग्री के लिए फीड करा दिए गए थे। तीनों ही मामलों की जांच के आदेश मुख्य विकास अधिकारी सौम्या गुरूरानी ने दिए थे। जांच करने के लिए लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता राज कुमार मौर्य और जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय निगम की टीम गठित की गई थी। जांच टीम बृहस्पतिवार शाम तक भी मौके पर गई ही नहीं।
-लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता राज कुमार मौर्या ने बताया कि जांच को लेकर पत्र आया होगा। अभी याद नहीं है। फाइलों में दिखवा लेंगे और उच्चाधिकारियों के निर्देशों के क्रम में जांच करेंगे।
-जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय निगम ने बताया कि बृहस्पतिवार को ही पत्र मिला है। बीडीओ को अभिलेख उपलब्ध कराने के लिए पत्र भेजा है।