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Hardoi News: महंगाई ने फलों का स्वाद किया कसैला, कीमतें छू रहीं आसमान
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हरदोई। बढ़ती महंगाई ने फलों का स्वाद भी आम आदमी के लिए कसैला कर दिया है।
बाजार में फलों की कीमतें इतनी अधिक पहुंच गई हैं कि मामूली फल खरीदने में ही जेब खाली हो जा रही है। मंडी और फुटकर बाजार में इनके रेट अलग-अलग हैं। फुटकर बाजार में फलों की कीमतें काफी बढ़ी हैं। इससे मीठे फल खरीदना लोगों की पहुंच से बाहर हो गया है।
पहाड़ों समेत महाराष्ट्र प्रदेश में लगातार हो रही बारिश और बाढ़ से कटी सड़कों के कारण फल मंडियों में समय से पहुंच ही नहीं रहे हैं। इसका सीधा असर फलों के दामों पर पड़ा है। फल महंगा इतना है कि गरीब परिवार के लोग इसे खाने के बारे में सोचते ही नहीं। वहीं मध्यम वर्ग के लोगों की पहुंच से भी बाहर होता जा रहा है। मामूली फल के दाम इतने बढ़े हुए हैं कि एक दो किलो फल लेने में लोगों को जेब खाली करनी पड़ रही है।
फल विक्रेता महेश कश्यप ने बताया कि सेब 120 से 150 रुपये किलो, कीवी 100 रुपये में चार पीस, ड्रैगन फ्रूट 110 रुपये का एक, अनार 130 से 150 रुपये, अनानास 120 रुपये किलो, केला 60 रुपये किलो, अमरूद 100 रुपये किलो, आलू बुखारा 160 रुपये किलो, संतरा 60, अंगूर 60, मोसंबी 50 रुपये किलो के भाव बिक रहा है। इतने महंगे दामों में फल खरीद कर खाना अब आम लोगों के बस की बात नहीं रह गई है।
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बारिश व वाहनों का मालभाड़ा बढ़ने से दाम ऊंचे
हरदोई। सिनेमा चौराहा स्थित फल विक्रेता महेश कश्यप और चौहान थोक निवासी राकेश कश्यप ने बताया कि माल भाड़ा वैसे ही काफी बढ़ा हुआ है। वहीं अधिकतर फल महाराष्ट्र और पहाड़ों से ही आते हैं। इन दिनों बारिश भी सबसे अधिक महाराष्ट्र और पहाड़ों पर ही हो रही है। ऐसे में विक्रेताओं को भी नुकसान झेलना पड़ रहा है। फल महंगा आ रहा है इसलिए महंगा बिक भी रहा है। इससे आम जनता की जेब भी कट रही है। सोमेश, सूरज ठाकुर, सुनील कुमार व यशवंत शर्मा ने बताया कि प्रतिदिन महंगाई की मार झेल रहे हैं। हरी सब्जियों व मीठे फलों को खरीदना आम लोगों की पहुंच से बाहर हो गया है।
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बाजार में फलों की कीमतें इतनी अधिक पहुंच गई हैं कि मामूली फल खरीदने में ही जेब खाली हो जा रही है। मंडी और फुटकर बाजार में इनके रेट अलग-अलग हैं। फुटकर बाजार में फलों की कीमतें काफी बढ़ी हैं। इससे मीठे फल खरीदना लोगों की पहुंच से बाहर हो गया है।
पहाड़ों समेत महाराष्ट्र प्रदेश में लगातार हो रही बारिश और बाढ़ से कटी सड़कों के कारण फल मंडियों में समय से पहुंच ही नहीं रहे हैं। इसका सीधा असर फलों के दामों पर पड़ा है। फल महंगा इतना है कि गरीब परिवार के लोग इसे खाने के बारे में सोचते ही नहीं। वहीं मध्यम वर्ग के लोगों की पहुंच से भी बाहर होता जा रहा है। मामूली फल के दाम इतने बढ़े हुए हैं कि एक दो किलो फल लेने में लोगों को जेब खाली करनी पड़ रही है।
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फल विक्रेता महेश कश्यप ने बताया कि सेब 120 से 150 रुपये किलो, कीवी 100 रुपये में चार पीस, ड्रैगन फ्रूट 110 रुपये का एक, अनार 130 से 150 रुपये, अनानास 120 रुपये किलो, केला 60 रुपये किलो, अमरूद 100 रुपये किलो, आलू बुखारा 160 रुपये किलो, संतरा 60, अंगूर 60, मोसंबी 50 रुपये किलो के भाव बिक रहा है। इतने महंगे दामों में फल खरीद कर खाना अब आम लोगों के बस की बात नहीं रह गई है।
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बारिश व वाहनों का मालभाड़ा बढ़ने से दाम ऊंचे
हरदोई। सिनेमा चौराहा स्थित फल विक्रेता महेश कश्यप और चौहान थोक निवासी राकेश कश्यप ने बताया कि माल भाड़ा वैसे ही काफी बढ़ा हुआ है। वहीं अधिकतर फल महाराष्ट्र और पहाड़ों से ही आते हैं। इन दिनों बारिश भी सबसे अधिक महाराष्ट्र और पहाड़ों पर ही हो रही है। ऐसे में विक्रेताओं को भी नुकसान झेलना पड़ रहा है। फल महंगा आ रहा है इसलिए महंगा बिक भी रहा है। इससे आम जनता की जेब भी कट रही है। सोमेश, सूरज ठाकुर, सुनील कुमार व यशवंत शर्मा ने बताया कि प्रतिदिन महंगाई की मार झेल रहे हैं। हरी सब्जियों व मीठे फलों को खरीदना आम लोगों की पहुंच से बाहर हो गया है।