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Hardoi News: शुभारंभ हुए बीता माह, बिजली कनेक्शन के लिए आईपीडी भवन देख रहा राह
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हरदोई। स्वास्थ्य की सभी सुविधाओं से लैस 160 बेड के नवीन आईपीडी भवन का शुभारंभ होने के बावजूद मरीजों को भर्ती नहीं किया सकता है। भवन का हस्तातंरण मेडिकल कॉलेज को भले हो गया है, लेकिन बिजली कनेक्शन अभी तक नहीं हुआ। बिजली कनेक्शन करने को लेकर विभागीय अधिकारी हीलाहवाली कर रहे हैं। भवन के अंदर भी अभी काफी काम अधूरा पड़ा है।
राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के अधीन जिला अस्पताल में मरीजों को अभी पैथोलॉजी के ऊपर बने वार्डाें में भर्ती किया जाता है, जबकि 160 बेडों का बना नवीन आईपीडी भवन अभी भी पूरी तरह से तैयार नहीं है। नए आईपीडी भवन का शुभारंभ हो चुका है, लेकिन बिजली का कनेक्शन न होने और तमाम कार्य अधूरे होने के कारण मरीजों को भर्ती नहीं किया जा सकता। सर्जिकल और बर्न के मरीज एक साथ भर्ती हो रहे हैं और मेडिसिन के मरीज बदबूदार वार्डाें में भर्ती हाे रहे हैं। वहीं, हड्डी विभाग के मरीजों को तो मेडिकल कॉलेज परिसर से बाहर बने वार्डाें में भर्ती होना पड़ रहा है।
बिजली विभाग बरत रहा लापरवाही
हरदोई। अस्पताल में अभी करीब 800 किलोवाट बिजली की आवश्यकता है, मांग के अनुसार आपूर्ति नहीं हो रही। आईपीडी के नए भवन के संचालन में आवश्यकता बढ़कर 1000 किलोवाट से ऊपर हो जाएगी। इसलिए साढ़े 33 केवीए के उपकेंद्र का निर्माण कराया जाना है। कई बार निरीक्षण हुए और मुख्य अभियंता ने भी जायजा लिया, लेकिन उपकेंद्र निर्माण को लेकर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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पांच बार लिखा जा चुका पत्र
हरदोई। आईपीडी भवन के संचालन में मुख्य दिक्कत बिजली कनेक्शन की आ रही है। बिजली कनेक्शन के लिए पूर्व के प्राचार्य ने दो बार पत्र बिजली विभाग के उच्चाधिकारियों को लिखा। मौजूदा प्राचार्य भी तीन बार पत्र भेज चुके, लेकिन विभागीय अधिकारी अभी तक काम शुरू नहीं करा रहे। उपकेंद्र निर्माण को 9.50 करोड़ रुपये भी स्वीकृत हो चुके हैं। इसके सापेक्ष 4.25 करोड़ रुपये बिजली विभाग को दिए भी जा चुके हैं, लेकिन कोई काम शुरू नहीं हुआ।
रोजाना 60 से 65 मरीज आ रहे भर्ती होने
हरदोई। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में घायल, सांस के मरीज, गंभीर बीमारी से पीड़ित या जले हुए मरीजों को मिलाकर रोजाना 60 से 65 मरीज आ रहे हैं, जबकि ओपीडी में 80 से 85 मरीज आते हैं। भर्ती मरीजों को इमरजेंसी के अलग-अलग 60 बेडों पर भर्ती किया जाता है। वहीं, यहां से मरीजों को अलग-अलग वार्ड में भेजा जाता है। सर्जिकल वार्ड में 34 बेड, मेडिसिन में 24 बेड और हड्डी विभाग में 22 बेड हैं। इन पर ही मरीज भर्ती हो रहे हैं। मरीज अधिक होने पर मरीजों को भर्ती करने में परेशानी आ रही है, जबकि आईपीडी भवन 160 बेडों का है।
आईपीडी भवन में कनेक्शन और उपकेंद्र के निर्माण के लिए बिजली विभाग को धनराशि दी जा चुकी है और कई बार पत्र भी भेजा गया, लेकिन अभी तक कार्य नहीं शुरू हुआ। अधीक्षण अभियंता से भी कार्य शुरू कराने को वार्ता हुई। अब जिलाधिकारी की बैठक होनी है उसमें ही कुछ समाधान निकल सकता है। -डॉ. जेविन बिष्णु गोगोई, प्राचार्य, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय
मेडिकल कॉलेज में उपकेंद्र निर्माण के लिए टेंडर कराया जा रहा है, अभी टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। टेंडर होने के बाद काम कराया जाएगा। -रमेश चंद्र, अधीक्षण अभियंता, हरदोई
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राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के अधीन जिला अस्पताल में मरीजों को अभी पैथोलॉजी के ऊपर बने वार्डाें में भर्ती किया जाता है, जबकि 160 बेडों का बना नवीन आईपीडी भवन अभी भी पूरी तरह से तैयार नहीं है। नए आईपीडी भवन का शुभारंभ हो चुका है, लेकिन बिजली का कनेक्शन न होने और तमाम कार्य अधूरे होने के कारण मरीजों को भर्ती नहीं किया जा सकता। सर्जिकल और बर्न के मरीज एक साथ भर्ती हो रहे हैं और मेडिसिन के मरीज बदबूदार वार्डाें में भर्ती हाे रहे हैं। वहीं, हड्डी विभाग के मरीजों को तो मेडिकल कॉलेज परिसर से बाहर बने वार्डाें में भर्ती होना पड़ रहा है।
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बिजली विभाग बरत रहा लापरवाही
हरदोई। अस्पताल में अभी करीब 800 किलोवाट बिजली की आवश्यकता है, मांग के अनुसार आपूर्ति नहीं हो रही। आईपीडी के नए भवन के संचालन में आवश्यकता बढ़कर 1000 किलोवाट से ऊपर हो जाएगी। इसलिए साढ़े 33 केवीए के उपकेंद्र का निर्माण कराया जाना है। कई बार निरीक्षण हुए और मुख्य अभियंता ने भी जायजा लिया, लेकिन उपकेंद्र निर्माण को लेकर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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पांच बार लिखा जा चुका पत्र
हरदोई। आईपीडी भवन के संचालन में मुख्य दिक्कत बिजली कनेक्शन की आ रही है। बिजली कनेक्शन के लिए पूर्व के प्राचार्य ने दो बार पत्र बिजली विभाग के उच्चाधिकारियों को लिखा। मौजूदा प्राचार्य भी तीन बार पत्र भेज चुके, लेकिन विभागीय अधिकारी अभी तक काम शुरू नहीं करा रहे। उपकेंद्र निर्माण को 9.50 करोड़ रुपये भी स्वीकृत हो चुके हैं। इसके सापेक्ष 4.25 करोड़ रुपये बिजली विभाग को दिए भी जा चुके हैं, लेकिन कोई काम शुरू नहीं हुआ।
रोजाना 60 से 65 मरीज आ रहे भर्ती होने
हरदोई। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में घायल, सांस के मरीज, गंभीर बीमारी से पीड़ित या जले हुए मरीजों को मिलाकर रोजाना 60 से 65 मरीज आ रहे हैं, जबकि ओपीडी में 80 से 85 मरीज आते हैं। भर्ती मरीजों को इमरजेंसी के अलग-अलग 60 बेडों पर भर्ती किया जाता है। वहीं, यहां से मरीजों को अलग-अलग वार्ड में भेजा जाता है। सर्जिकल वार्ड में 34 बेड, मेडिसिन में 24 बेड और हड्डी विभाग में 22 बेड हैं। इन पर ही मरीज भर्ती हो रहे हैं। मरीज अधिक होने पर मरीजों को भर्ती करने में परेशानी आ रही है, जबकि आईपीडी भवन 160 बेडों का है।
आईपीडी भवन में कनेक्शन और उपकेंद्र के निर्माण के लिए बिजली विभाग को धनराशि दी जा चुकी है और कई बार पत्र भी भेजा गया, लेकिन अभी तक कार्य नहीं शुरू हुआ। अधीक्षण अभियंता से भी कार्य शुरू कराने को वार्ता हुई। अब जिलाधिकारी की बैठक होनी है उसमें ही कुछ समाधान निकल सकता है। -डॉ. जेविन बिष्णु गोगोई, प्राचार्य, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय
मेडिकल कॉलेज में उपकेंद्र निर्माण के लिए टेंडर कराया जा रहा है, अभी टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। टेंडर होने के बाद काम कराया जाएगा। -रमेश चंद्र, अधीक्षण अभियंता, हरदोई