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अलविदा की नमाज में आज अमन चैन की दुआ को उठेंगे लाखों हाथ
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई
Updated Fri, 23 Jun 2017 12:42 AM IST
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शहर की जामा मस्जिद।
- फोटो : amarujala
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हरदोई। रमजान के पाक माह में आखिरी शुक्रवार यानी आज जिले में अलविदा की नमाज अदा की जाएगी। जिले भर की मस्जिदों में देश की सलामती की दुआएं मांगी जाएंगी। मस्जिदों से जकात और फितरे से जुड़े मसायल समझाए जाएंगे। नमाज को लेकर पुलिस प्रशासन ने जहां एक ओर मस्जिदों के इर्द-गिर्द कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है, वहीं नगर पालिका व पंचायतों ने भी सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने को जिम्मेदारियां बांट दी हैं।
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जामा मस्जिद के इसरार हुसैन ने बताया कि रमजान के पाक महीने में आखिरी शुक्रवार यानी जुमा का दिन व उसकी नमाज की खास अहमियत होती है। नमाज के दौरान तकरीर फरमाई जाती है व रोजेदारों को बताया जाता है कि आखिरी अशरा बड़ी अहमियत वाला होता है। बताया कि तकरीर में रमजान का बचा हुआ हिस्सा हमें ज्यादा से ज्यादा इबादत में गुजारना चाहिए, जकात अदायगी भी इसी माहे मुबारक में करने से सत्तर गुना ज्यादा सवाब कमाया जा सकता है ।
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ऐसा ही कुछ खास बातें नमाजियों को बताई जाती हैं। उधर, जिला मुख्यालय सहित पूरे जिले में शांति पूर्वक नमाज अदा करवाने के लिए प्रशासनिक अमला भी तैयारियों में जुटा रहा। एसपी विपिन कुमार मिश्रा ने बताया कि पूरे जिले की मस्जिदों के इर्द-गिर्द पुलिस तैनात रहेगी। उधर, नगर पालिकाओं व नगर पंचायतों में आने वाली मस्जिदों की सफाई की जिम्मेदारियां भी सफाई कर्मियों को देने का दावा किया गया है। नगर पालिका अधिशासी अधिकारी प्रदीप दीक्षित ने बताया कि मस्जिदों के बाहर सफाई कराने एवं वहां चूना आदि डालने के लिए निर्देशित कर दिया गया है।
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ईदुल-फितर की खरीदारी में बाजार गुलजार
हरदोई। ईदुल फितर को लेकर मुस्लिम बहुल इलाकोें के साथ ही शहर की बाजारों में भी चहल-पहल तेज हो गई है। गुरुवार को कपड़ों की दुकानों से लेकर चूड़ी तक की दुकानें खरीदारों से गुलजार रहीं।
इस्लाम के दो बड़े पर्वों में एक ईदुल फितर है। जो रमजान के बाद आती है।
पूरे माह रोजे रखकर इबादत करने वाले बंदों के लिए यह ईनाम के तौर पर अल्लाह की ओर से अता किया गया त्योहार है। वहीं ईदुल फितर में सदकतुल फितर का हुक्म देकर अपनी खुशी में गरीबों, विधवाओं और अनाथों को भी शामिल करने का पैगाम दिया गया। ईदुल फितर पर नमाज से पहले प्रति रोजेदार पौने दो किलो गेहूं या इसकी कीमत गरीबों को तकसीम करने का आदेश दिया गया है।
ईद के दिन नमाज से पहले पैदा होने वाले बच्चे की तरफ से भी सदकतुल फितर का अदा किया जाना जरूरी है। ईदुल फितर में अब जबकि चंद दिन ही शेष हैं। मुस्लिमों में इसकी तैयारियां जोरों पर आ गईं हैं। बाजारों में पर्दानशीं महिलाओं की भीड़ हर तरफ नजर आने लगी है।
ईद के खास पकवानों की दुकानों पर खरीदारी में अब तेजी आ गई है। मौलाना अफजलुर रहमान बताते हैं कि 25 जून को चांद दिखने की पूरी उम्मीद है। जिसके बाद 26 जून को ईद मनाई जाएगी। यदि चांद 25 को न दिखा तो 27 जून को ईद मनाई जाएगी।