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हरदोई में दहाड़ा बाघ, गांववालों में खलबली
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई।
Updated Wed, 23 Dec 2015 11:10 PM IST
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पिहानी (हरदोई)। कोतवाली क्षेत्र के रजुआपुर गांव में मंगलवार रात बाघ दहाड़ उठा। इससे गांववालों में खलबली मच गई। कुछ फासले से बाघ को गुजरते देख चौकीदार की तो जान ही हलक में अटक गई। गनीमत रही कि बाघ एक खेत में घुस गया और चौकीदार की जान में जान आ गई।
सूचना पर बुधवार सुबह आई वन विभाग की टीम ने भी पंजे के निशान देख इसके बाघ होने की पुष्टि की। पंजों के निशान से टीम यह अंदाजा नहीं लगा पा रही है कि बाघ का रुख किस ओर है। टीम का कहना है कि बाघ कहीं आसपास ही है, इस गांववालों को सतर्क रहने की जरूरत है।
रजुआपुर सेंटर के चौकीदार भुलई ने बताया कि वह रात को सेंटर पर ही सो रहा था। तेज दहाड़ से उसकी आंख खुल गई। सामने टार्च लगाई तो बाघ देख उसकी सांस अटकने लगी। टार्च की रोशनी पड़ने पर बाघ पास के सर्वेश के खेत में जा घुसा। सुबह गांव के अरुण, हरिनाम, राजकुमार आदि ने भी बाघ की दहाड़ सुनने की पुष्टि की।
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सूचना पाकर बुधवार सुबह आई वन विभाग की टीम ने खेतों को चारों ओर से घेरकर छानबीन की तो एक गीले खेत में जानवर के पंजों के निशान दिखे। टीम प्रभारी वन रक्षक बृजराज वर्मा ने बताया कि ये शेर के पंजों के निशान हैं। बाद में वन रेंज अधिकारी राम प्रकाश ने बताया कि शेर नहीं, ये बाघ के पंजों के निशान हैं।
टीम मेें शामिल बालट्टर, दीपेंद्र राज व दयाराम आदि ने आसपास कांबिंग की, पर बाघ नजर नहीं आया। टीम के अनुसार यही बाघ पिछले दिनोें टड़ियावां इलाके के अलीशाबाद क्षेत्र में दिखाई दिया था, जिसकी पुष्टि वन दारोगा रत्नेश श्रीवास्तव ने की थी।
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सूचना पर बुधवार सुबह आई वन विभाग की टीम ने भी पंजे के निशान देख इसके बाघ होने की पुष्टि की। पंजों के निशान से टीम यह अंदाजा नहीं लगा पा रही है कि बाघ का रुख किस ओर है। टीम का कहना है कि बाघ कहीं आसपास ही है, इस गांववालों को सतर्क रहने की जरूरत है।
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रजुआपुर सेंटर के चौकीदार भुलई ने बताया कि वह रात को सेंटर पर ही सो रहा था। तेज दहाड़ से उसकी आंख खुल गई। सामने टार्च लगाई तो बाघ देख उसकी सांस अटकने लगी। टार्च की रोशनी पड़ने पर बाघ पास के सर्वेश के खेत में जा घुसा। सुबह गांव के अरुण, हरिनाम, राजकुमार आदि ने भी बाघ की दहाड़ सुनने की पुष्टि की।
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सूचना पाकर बुधवार सुबह आई वन विभाग की टीम ने खेतों को चारों ओर से घेरकर छानबीन की तो एक गीले खेत में जानवर के पंजों के निशान दिखे। टीम प्रभारी वन रक्षक बृजराज वर्मा ने बताया कि ये शेर के पंजों के निशान हैं। बाद में वन रेंज अधिकारी राम प्रकाश ने बताया कि शेर नहीं, ये बाघ के पंजों के निशान हैं।
टीम मेें शामिल बालट्टर, दीपेंद्र राज व दयाराम आदि ने आसपास कांबिंग की, पर बाघ नजर नहीं आया। टीम के अनुसार यही बाघ पिछले दिनोें टड़ियावां इलाके के अलीशाबाद क्षेत्र में दिखाई दिया था, जिसकी पुष्टि वन दारोगा रत्नेश श्रीवास्तव ने की थी।