{"_id":"632e067ea7693a2c95118baa","slug":"imprisonment-for-14-years-for-molestation-hardoi-news-knp719756265","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरदोईः दुष्कर्म के दोषी को 14 वर्ष की कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरदोईः दुष्कर्म के दोषी को 14 वर्ष की कैद
विज्ञापन
हरदोई। न्यायालय विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट के जज सुनील कुमार सिंह द्वितीय ने दुष्कर्म के दोषी को 14 वर्ष के कारावास व 30 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने की दशा में छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को देने का आदेश दिया है।
पिहानी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी ग्रामीण ने तहरीर दी थी कि 11 नवंबर 2015 की शाम उसकी बेटी घर के दरवाजे पर बच्चों के बीच खेलते-खेलते कहीं गायब हो गई थी। उसने व उसकी पत्नी ने गांव भर में तलाश की पर वह नहीं मिली।
इसके बाद खेतों की तरफ गए तो घर से 50 कदम की दूरी पर विष्णुपाल के खेत में उसके रोने की आवाज सुनाई दी। अंदर खेत में गए तो उसने एवं उसकी पत्नी ने देखा कि उसके गांव का सरोज आपत्तिजनक की स्थिति में खड़ा है। इसके बाद वह गन्ने के खेत में भाग गया। तहरीर के आधार पर पुलिस ने रिपोट दर्ज की थी।
विज्ञापन
विवेचना के बाद चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की थी। सुनवाई यहां न्यायालय में चल रही थी। अभियोजन पक्ष से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता क्षितिज कुमार दीक्षित, कृष्ण गोपाल त्रिपाठी ने बताया कि दोषी ने नाबालिग के साथ में दुष्कर्म किया है। अधिक से अधिक दंड से दंडित किया जाए। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद जज ने अपना फैसला सुनाया है। दोषी को पुलिस अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया गया है।
विज्ञापन
पिहानी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी ग्रामीण ने तहरीर दी थी कि 11 नवंबर 2015 की शाम उसकी बेटी घर के दरवाजे पर बच्चों के बीच खेलते-खेलते कहीं गायब हो गई थी। उसने व उसकी पत्नी ने गांव भर में तलाश की पर वह नहीं मिली।
विज्ञापन
इसके बाद खेतों की तरफ गए तो घर से 50 कदम की दूरी पर विष्णुपाल के खेत में उसके रोने की आवाज सुनाई दी। अंदर खेत में गए तो उसने एवं उसकी पत्नी ने देखा कि उसके गांव का सरोज आपत्तिजनक की स्थिति में खड़ा है। इसके बाद वह गन्ने के खेत में भाग गया। तहरीर के आधार पर पुलिस ने रिपोट दर्ज की थी।
विज्ञापन
विवेचना के बाद चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की थी। सुनवाई यहां न्यायालय में चल रही थी। अभियोजन पक्ष से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता क्षितिज कुमार दीक्षित, कृष्ण गोपाल त्रिपाठी ने बताया कि दोषी ने नाबालिग के साथ में दुष्कर्म किया है। अधिक से अधिक दंड से दंडित किया जाए। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद जज ने अपना फैसला सुनाया है। दोषी को पुलिस अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया गया है।