{"_id":"5fa6dc728ebc3e9c01280d8c","slug":"impact-hardoi-news-knp5930635118","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले के स्कूलों में टास्क फोर्स करेगी यूनीफार्म वितरण की जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले के स्कूलों में टास्क फोर्स करेगी यूनीफार्म वितरण की जांच
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
परिषदीय स्कूलों में विद्यार्थियों को समूहों के माध्यम से यूनिफार्म वितरण में हुए विभागीय खेल पर डीएम गंभीर हैं। उन्होंने कपड़े की गुणवत्ता, सिलाई और फर्म विशेष के माध्यम से हुई कपड़ा खरीद की जांच को टास्क फोर्स गठित कर दी है। ब्लाक से लेकर न्याय पंचायत स्तर पर गठित टास्क फोर्स प्रत्येक ब्लाक के 40 स्कूलों की जांच कर आख्या डीएम को सौंपेंगी।
शासन स्तर से निर्णय लिया गया था कि इस बार स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए यूनिफार्म इनसे सिलवाई जाए। लेकिन विभागीय जिम्मेदारों ने कपड़ा ही समय से समूहों को नहीं दिया। पांच लाख 32 हजार से अधिक विद्यार्थियों को नि:शुल्क यूनिफार्म देनी थी।
एक शिक्षा सत्र में प्रत्येक विद्यार्थी को दो सेट यूनिफार्म दी जाती है। लेकिन कपड़ा उपलब्ध न होने से करीब 82 हजार छात्रों को यूनिफार्म नहीं मिल पाई। अमर उजाला ने विशेष फर्मों से ही कपड़ा खरीद, सिर्फ बिल्ला समूह का और चहेतों ने की यूनिफार्म सप्लाई, यूनिफार्म के कपड़ों में भी अनदेखी पर खबरें प्रकाशित कीं।
विज्ञापन
इसे संज्ञान में लेकर डीएम अविनाश कुमार ने जांच के लिए टास्क फोर्स का गठन कर दिया है। जिलाधिकारी ने बताया कि टास्क फोर्स प्रत्येक ब्लाक के 20 टेंडर वाले विद्यालयों और 20 स्वयं सहायता समूह के माध्यम से नि:शुल्क यूनिफार्म वितरित करने वाले विद्यालयों की सत्यापन आख्या उन्हें उपलब्ध कराएंगी। टास्क फोर्स के गठन के बाद संबंधित विभाग व स्कूलों में हलचल मच गई है।
जिलाधिकारी ने टास्क फोर्स के गठन के साथ ही ये भी निर्देश दिए हैं कि जांच आख्या में यदि यूनिफार्म की गुणवत्ता में कहीं भी अनदेखी की पुष्टि हुई तो संबंधित प्रधानाध्यापक, इंचार्ज प्रधानाध्यापक व खंड शिक्षा अधिकारी पर कार्रवाई होगी।
बीएसए हेमंत राव ने बताया कि जिले में 541098 यूनिफार्म वितरित की जानी हैं। 3444 परिषदीय विद्यालय हैं।
विज्ञापन
शासन स्तर से निर्णय लिया गया था कि इस बार स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए यूनिफार्म इनसे सिलवाई जाए। लेकिन विभागीय जिम्मेदारों ने कपड़ा ही समय से समूहों को नहीं दिया। पांच लाख 32 हजार से अधिक विद्यार्थियों को नि:शुल्क यूनिफार्म देनी थी।
विज्ञापन
एक शिक्षा सत्र में प्रत्येक विद्यार्थी को दो सेट यूनिफार्म दी जाती है। लेकिन कपड़ा उपलब्ध न होने से करीब 82 हजार छात्रों को यूनिफार्म नहीं मिल पाई। अमर उजाला ने विशेष फर्मों से ही कपड़ा खरीद, सिर्फ बिल्ला समूह का और चहेतों ने की यूनिफार्म सप्लाई, यूनिफार्म के कपड़ों में भी अनदेखी पर खबरें प्रकाशित कीं।
विज्ञापन
इसे संज्ञान में लेकर डीएम अविनाश कुमार ने जांच के लिए टास्क फोर्स का गठन कर दिया है। जिलाधिकारी ने बताया कि टास्क फोर्स प्रत्येक ब्लाक के 20 टेंडर वाले विद्यालयों और 20 स्वयं सहायता समूह के माध्यम से नि:शुल्क यूनिफार्म वितरित करने वाले विद्यालयों की सत्यापन आख्या उन्हें उपलब्ध कराएंगी। टास्क फोर्स के गठन के बाद संबंधित विभाग व स्कूलों में हलचल मच गई है।
जिलाधिकारी ने टास्क फोर्स के गठन के साथ ही ये भी निर्देश दिए हैं कि जांच आख्या में यदि यूनिफार्म की गुणवत्ता में कहीं भी अनदेखी की पुष्टि हुई तो संबंधित प्रधानाध्यापक, इंचार्ज प्रधानाध्यापक व खंड शिक्षा अधिकारी पर कार्रवाई होगी।
बीएसए हेमंत राव ने बताया कि जिले में 541098 यूनिफार्म वितरित की जानी हैं। 3444 परिषदीय विद्यालय हैं।