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अवैध चिकित्सालयों और पैथालॉजी के खिलाफ आईएमए ने खोला मोर्चा
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फोटो-26- घंटाघर में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की जनपदीय कार्यकारिणी की बैठक में मौजूद एसोसिएशन के अध?
- फोटो : HARDOI
हरदोई। जनपद में गलत ढंग से संचालित हो रहे नर्सिंग होम व पैथोलॉजी के विरुद्घ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने मोर्चा खोल दिया है। इन अवैध नर्सिंग होम के विरुद्घ कार्रवाई किए जाने की मांग आईएमए ने जिला प्रशासन से की है। मांगे न माने जाने पर तीन जनवरी को आईएमए से संबद्ध चिकित्सक कार्य से विरत रहकर भूूख हड़ताल भी करेंगे।
घंटाघर परिसर में स्थित आईएमए भवन में आयोजित बैठक में जनपदीय इकाई के अध्यक्ष डॉ. अजय अस्थाना ने जनपद में अवैध ढंग से संचालित हो रहे अस्पतालों, पैथोलॉजी और अल्ट्रासाउंड सेंटर की संख्या बढ़ने पर चिंता जताई। उन्होंनेे कहा कि इन अस्पतालों में कार्य करने वाले तथाकथित चिकित्सकों को आईएमए के सदस्य न तो जानते हैं और न ही उनके बारे में कोई जानकारी है। उन्होंने कहा कि ऐसे ही अवैध अस्पतालों में आम जनमानस का शोषण हो रहा है। ऐसे अस्पतालों के विरुद्ध खुफिया जांच कराई जाए और कार्रवाई की जाए। इससे इतर 15 नवंबर को बाबा नीम करोरी अस्पताल में हुई घटना पर भी आईएमए ने नाराजगी जताई।
चिकित्सकों ने कहा कि उत्तर प्रदेश मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट के तहत अस्पताल के कर्मचारियों से मारपीट और तोड़फोड़ किए जाने के मामले में अस्पताल के चिकित्सक की ओर से दी गई तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज नहीं की जा रही है। अगर एक जनवरी तक एफआईआर न दर्ज की गई तो दो जनवरी को आईएमए से संबद्ध चिकित्सक कार्य से विरत रहेंगे और तीन जनवरी से भूख हड़ताल करेंगेे। इस दौरान आईएमए के सचिव डॉ. अमित मिश्रा, कोषाध्यक्ष डॉ. अखिलेश पटेल, डॉ. आनंद कुमार गुप्ता, डॉ. आरपी गुप्ता, डॉ. अरुण मौर्या, डॉ. सीके गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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घंटाघर परिसर में स्थित आईएमए भवन में आयोजित बैठक में जनपदीय इकाई के अध्यक्ष डॉ. अजय अस्थाना ने जनपद में अवैध ढंग से संचालित हो रहे अस्पतालों, पैथोलॉजी और अल्ट्रासाउंड सेंटर की संख्या बढ़ने पर चिंता जताई। उन्होंनेे कहा कि इन अस्पतालों में कार्य करने वाले तथाकथित चिकित्सकों को आईएमए के सदस्य न तो जानते हैं और न ही उनके बारे में कोई जानकारी है। उन्होंने कहा कि ऐसे ही अवैध अस्पतालों में आम जनमानस का शोषण हो रहा है। ऐसे अस्पतालों के विरुद्ध खुफिया जांच कराई जाए और कार्रवाई की जाए। इससे इतर 15 नवंबर को बाबा नीम करोरी अस्पताल में हुई घटना पर भी आईएमए ने नाराजगी जताई।
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चिकित्सकों ने कहा कि उत्तर प्रदेश मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट के तहत अस्पताल के कर्मचारियों से मारपीट और तोड़फोड़ किए जाने के मामले में अस्पताल के चिकित्सक की ओर से दी गई तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज नहीं की जा रही है। अगर एक जनवरी तक एफआईआर न दर्ज की गई तो दो जनवरी को आईएमए से संबद्ध चिकित्सक कार्य से विरत रहेंगे और तीन जनवरी से भूख हड़ताल करेंगेे। इस दौरान आईएमए के सचिव डॉ. अमित मिश्रा, कोषाध्यक्ष डॉ. अखिलेश पटेल, डॉ. आनंद कुमार गुप्ता, डॉ. आरपी गुप्ता, डॉ. अरुण मौर्या, डॉ. सीके गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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