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14 करोड़ मिले तो उतरे सिर से कर्ज
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हरदोई। जिले में 5,400 परिवार बेटियों की शादी के लिए समाज कल्याण विभाग पर आस लगाए हैं।
इनमें से कई परिवार कर्ज लेकर बेटी की शादी कर भी चुके हैं, लेकिन सिर पर चढ़े इस कर्ज को अदा करने के लिए विभाग से पैसा मिलने का इंतजार कर रहे, जबकि सैकड़ों परिवारों में शादी की तैयारी आगे बढ़ाने के लिए अनुदान का इंतजार हो रहा है।
विभाग भी फिलहाल पैसों से हाथ तंग होने की वजह से इन परिवारों की मदद नहीं कर पा रहा है। सभी परिवारों की मदद के लिए विभाग को लगभग 14 करोड़ रुपये के बजट की जरूरत है।
समाज कल्याण विभाग से संचालित शादी अनुदान व राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के लगभग पांच हजार 400 आवेदन विभाग को प्राप्त हो चुके हैं। इनमें शादी अनुदान योजना में 2,200 और राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना में 3,200 परिवारों ने आवेदन किया है।
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शादी अनुदान योजना में प्रति लाभार्थी 20 हजार रुपये विभाग खर्च करता है। राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना में प्रति लाभार्थी 30 हजार रुपये अनुदान दिए जाने की व्यवस्था है।
माने, विभाग को शादी अनुदान योजना में 2,200 लाभार्थियों के लिए चार करोड़ 40 लाख रुपये और राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के 3,200 आवेदकों के लिए नौ करोड़ 60 लाख रुपये बजट की जरूरत होगी।
चुनावी सहालग में लटकीं शादियां
चुुनावी सहालग से इस बार शादी-विवाह के लिए मिलने वाली अनुदान राशि परिवारों को अब तक नहीं मिल सकी है।
पहले विधानसभा चुनाव की आदर्श आचार संहिता और फिर एमएलसी चुनाव की वजह से समाज कल्याण विभाग से जुड़ीं इन योजनाओं पर रोक थी। चुनावी सहालग काफी लंबी चली, इसलिए इन परिवारों की शादी सहालग प्रभावित हुई।
जनवरी में बजट की मांग की गई थी, लेकिन आदर्श आचार संहिता लागू होने से बजट प्राप्त नहीं हुआ। चुनाव की आचार संहिता के दौरान ऐसे सामाजिक कार्य कराए भी नहीं जा सकते।
इस माह में आचार संहिता खत्म होने के बाद शादी-विवाह अनुदान योजना व राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना का बजट प्राप्त होगा। तभी इन योजनाओं के लाभार्थियों को लाभ दिया जा सकेगा।
- राजमती, जिला समाज कल्याण अधिकारी, हरदोई
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इनमें से कई परिवार कर्ज लेकर बेटी की शादी कर भी चुके हैं, लेकिन सिर पर चढ़े इस कर्ज को अदा करने के लिए विभाग से पैसा मिलने का इंतजार कर रहे, जबकि सैकड़ों परिवारों में शादी की तैयारी आगे बढ़ाने के लिए अनुदान का इंतजार हो रहा है।
विभाग भी फिलहाल पैसों से हाथ तंग होने की वजह से इन परिवारों की मदद नहीं कर पा रहा है। सभी परिवारों की मदद के लिए विभाग को लगभग 14 करोड़ रुपये के बजट की जरूरत है।
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समाज कल्याण विभाग से संचालित शादी अनुदान व राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के लगभग पांच हजार 400 आवेदन विभाग को प्राप्त हो चुके हैं। इनमें शादी अनुदान योजना में 2,200 और राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना में 3,200 परिवारों ने आवेदन किया है।
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शादी अनुदान योजना में प्रति लाभार्थी 20 हजार रुपये विभाग खर्च करता है। राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना में प्रति लाभार्थी 30 हजार रुपये अनुदान दिए जाने की व्यवस्था है।
माने, विभाग को शादी अनुदान योजना में 2,200 लाभार्थियों के लिए चार करोड़ 40 लाख रुपये और राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के 3,200 आवेदकों के लिए नौ करोड़ 60 लाख रुपये बजट की जरूरत होगी।
चुनावी सहालग में लटकीं शादियां
चुुनावी सहालग से इस बार शादी-विवाह के लिए मिलने वाली अनुदान राशि परिवारों को अब तक नहीं मिल सकी है।
पहले विधानसभा चुनाव की आदर्श आचार संहिता और फिर एमएलसी चुनाव की वजह से समाज कल्याण विभाग से जुड़ीं इन योजनाओं पर रोक थी। चुनावी सहालग काफी लंबी चली, इसलिए इन परिवारों की शादी सहालग प्रभावित हुई।
जनवरी में बजट की मांग की गई थी, लेकिन आदर्श आचार संहिता लागू होने से बजट प्राप्त नहीं हुआ। चुनाव की आचार संहिता के दौरान ऐसे सामाजिक कार्य कराए भी नहीं जा सकते।
इस माह में आचार संहिता खत्म होने के बाद शादी-विवाह अनुदान योजना व राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना का बजट प्राप्त होगा। तभी इन योजनाओं के लाभार्थियों को लाभ दिया जा सकेगा।
- राजमती, जिला समाज कल्याण अधिकारी, हरदोई