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समय पर आपूर्ति बंद होती तो बच सकती थी अनूप व अजय की जान
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई
Updated Thu, 02 Feb 2017 11:23 PM IST
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पोस्टमार्टम हादस पर रोते बिलखते मृत मजदूरों के परिजन।
- फोटो : amar ujala
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हरदोई। बघौड़ा गांव के भट्ठे का मालिक अगर सबस्टेशन पर सूचना देकर तुरंत बिजली आपूर्ति बंद करा देता तो शायद दो मजदूरों की जान बच जाती लेकिन भट्ठा मालिक हादसा होते ही भट्ठे से भाग निकला। पुलिस के पहुंचने पर सप्लाई बंद कराई गई तब लोग खेत में घुसे, क्योंकि तार टूटने से पूरे खेत में करंट फैला था। साथी मजदूरों ने हादसे के शिकार मजदूरों के दो भाइयों को भी पकड़कर खेत में घुसने से रोक लिया था।
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कछौना कोतवाली क्षेत्र के बघौड़ा गांव स्थित कुबेर ब्रिक फील्ड के तीन मजदूरों की बुधवार शाम हाईटेंशन लाइन के करंट से मौत हो गई थी। ये ईंट भट्ठा कासिमपुर थाना क्षेत्र के गौसगंज निवासी पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुरेश कुमार सिंह का है। हादसे के शिकार दो मजदूर अनूप कुमार (22) और अजय कुमार (18) सगे भाई थे, जबकि सुधीर (18) उनका मौसेरा भाई था।
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अनूप व अजय बघौली चौराहे के पास स्थित नई बस्ती और सुधीर मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के संजलपुर गांव का निवासी था। भट्टे पर सुधीर का बड़ा भाई बब्बू (25) और अनूप का छोटा भाई प्यारेलाल (14) भी काम करते हैं। हादसे के समय बबलू और प्यारेलाल भी भट्ठे पर ही थे। पोस्टमार्टम हाउस आए बबलू ने बताया कि भट्ठे के पास बघौड़ा गांव के ओम प्रकाश मिश्रा के खेत में सरसों बोयी गई है।
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हाईटेंशन लाइन का तार टूटा तार उसी खेत में पड़ा था। बबलू के अनुसार सबसे पहले उसका भाई सुधीर करंट की चपेट में आया था। वह ईंट पथई के लिए नाली में पानी देखने गया था। जिस खेत में तार टूटा था उसमें नमी थी। इससे करंट पूरे खेत में फैल गया था। सुधीर को बचाने के लिए खेत में घुसे अनूप व अजय भी करंट की चपेट में आ गए।
इससे भट्ठे पर काम करने वाले मजदूर खेत के पास पहुंच गए। बबलू और प्यारेलाल भी खेत में जा रहे थे लेकिन अन्य मजदूरों ने उन्हें पकड़ लिया। उसने ने बताया कि भट्ठे पर मौजूद सुरेश सिंह को हादसे की खबर दी लेकिन पुलिस को सूचना देने के बजाय वह वहां से चले गए। खेत में पड़े अनूप व अजय काफी देर तक तड़पते रहे।
खेत में करंट होने से कोई उनके पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। अगर भट्ठा मालिक ने तुरंत सबस्टेशन पर सूचना देकर आपूर्ति बंद करा दी होती तो दोनों को बचाया जा सकता था। पुलिस के पहुंचने के बाद बिजली आपूर्ति बंद कराई गई तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। गुरुवार को पुलिस ने तीनों शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिए।
ग्राम प्रधान के पति भगीरथ ने बघौड़ा गांव करंट से तीन मजदूरों की मौत की सूचना गुरुवार को कछौना थाने में दी है। कोतवाल ओपी सिंह ने बताया कि परिजनों की तरफ से अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जा जाएगी।
बिजली विभाग के अधीक्षक अभियंता विपिन जैन ने बताया कि तीनों मृत मजदूरों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये मुआवजा दिलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि तार टूटने के मामले में किसी अधिकारी या कर्मचारी पर मामला नहीं बनता है। गौसगंज सब स्टेशन के जेई गौरव सागर ने बताया कि तार काफी पुराने हो गए हैं। तार बदलवाने के लिए सर्वे हो चुका है।
ईंट-भट्ठे पर करंट से मृत मजदूर सुधीर मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के संजलपुर गांव का रहने वाला था। वह बड़े भाई बबलू के साथ काम करता था। चाची सुनीता देवी ने बताया कि तीन भाइयों में सुधीर दूसरे नंबर का था। चार साल पहले पिता सोनेलाल की मौत हो चुकी है। भूमिहीन परिवार मजदूरी करके ही पेट भरता है। गुरुवार को सुबह घर के सभी लोग पोस्टमार्टम हाउस चले गए थे। घर के बाहर परिवार और पड़ोस की महिलाएं बैठी थी। युवक की मौत से पूूरे गांव में मातम छाया था।