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Hardoi News: भाजपा को दिया वोट तो पति ने दिया तलाक
Sun, 07 Jul 2024 04:28 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
Updated Sun, 07 Jul 2024 04:28 AM IST
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अपनी मां के साथ शिकायत लेकर पहुंची पीड़िता। संवाद
- फोटो : Samvad
लोकसभा चुनाव के बाद शनिवार को दूसरे संपूर्ण समाधान दिवस में एक महिला ने भाजपा को वोट देने पर तीन तलाक देने का अपने शौहर पर आरोप लगाया। राज्यमंत्री संदीप सिंह से मिलकर बताया कि करीब दो माह से वह थाना पुलिस के पास चक्कर काट रही है, लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही। राज्यमंत्री ने कार्रवाई का निर्देश दिया है। सीओ छर्रा रविशंकर प्रसाद ने बताया कि मामले की जांच कर आगे की कार्रवई की जाएगी।
गांव बरौली निवासी आसिया ने राज्यमंत्री संदीप सिंह को बताया कि तीन साल पहले उसका निकाह बरौली निवासी शानू के साथ हुआ था। लोकसभा चुनाव के लिए सात मई को मतदान कर वह मतदान केंद्र से घर लौट रही थी। रास्ते में शौहर मिल गया। उसने पूछा कि किसे वोट दिया है? भाजपा को वोट देने की बात बताते ही शौहर बिफर गया। वहीं पर तीन बार तलाक बोलकर चला गया।
इसके बाद से शौहर और ससुराल वाले उसे ससुराल के घर में नहीं घुसने दे रहे हैं। मजबूरी में वह अपने मायके में रह रही है।राज्यमंत्री संदीप सिंह ने जब उससे पूछा कि चुनाव के दौरान यह घटना होने के इतने दिन तक उसने शिकायत क्यों नहीं की तो पीड़िता का कहना था कि वह दो माह से लगातार पुलिस के पास चक्कर काट रही है, लेकिन शौहर सहित ससुराल वालों पर पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है।
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22 फरवरी को हुआ था दोनों पक्षों में समझौता
छर्रा कोतवाल बालेंद्र सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच विवाद पुराना है। 22 फरवरी को कोतवाली में दोनों पक्षों में वार्ता हुई थी। दहेज के चार लाख 36 हजार रुपये मिलने और बाकी रुपये बाद में देने के ससुराल वालों के वादे पर महिला का अपने शौहर व ससुराल वालों के साथ समझौता हो गया था। उधर आसिया के शौहर सेवान मियां उर्फ शानू का कहना है कि आसिया दो साल से अपने मायके में रह रही है। बार-बार बुलाने पर भी ससुराल नहीं आ रही। उसने खुद से कोर्ट में तलाक का मुकदमा दाखिल कर रखा है।
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गांव बरौली निवासी आसिया ने राज्यमंत्री संदीप सिंह को बताया कि तीन साल पहले उसका निकाह बरौली निवासी शानू के साथ हुआ था। लोकसभा चुनाव के लिए सात मई को मतदान कर वह मतदान केंद्र से घर लौट रही थी। रास्ते में शौहर मिल गया। उसने पूछा कि किसे वोट दिया है? भाजपा को वोट देने की बात बताते ही शौहर बिफर गया। वहीं पर तीन बार तलाक बोलकर चला गया।
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इसके बाद से शौहर और ससुराल वाले उसे ससुराल के घर में नहीं घुसने दे रहे हैं। मजबूरी में वह अपने मायके में रह रही है।राज्यमंत्री संदीप सिंह ने जब उससे पूछा कि चुनाव के दौरान यह घटना होने के इतने दिन तक उसने शिकायत क्यों नहीं की तो पीड़िता का कहना था कि वह दो माह से लगातार पुलिस के पास चक्कर काट रही है, लेकिन शौहर सहित ससुराल वालों पर पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है।
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22 फरवरी को हुआ था दोनों पक्षों में समझौता
छर्रा कोतवाल बालेंद्र सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच विवाद पुराना है। 22 फरवरी को कोतवाली में दोनों पक्षों में वार्ता हुई थी। दहेज के चार लाख 36 हजार रुपये मिलने और बाकी रुपये बाद में देने के ससुराल वालों के वादे पर महिला का अपने शौहर व ससुराल वालों के साथ समझौता हो गया था। उधर आसिया के शौहर सेवान मियां उर्फ शानू का कहना है कि आसिया दो साल से अपने मायके में रह रही है। बार-बार बुलाने पर भी ससुराल नहीं आ रही। उसने खुद से कोर्ट में तलाक का मुकदमा दाखिल कर रखा है।