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बेटी की शादी के लिए गेहूं बेचने की जल्दी
अमर उजाला ब्यूरो/हरदोई
Updated Thu, 07 Apr 2016 12:10 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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बिलग्राम (हरदोई)। अधिकांश स्थानों पर गेहूं क्रय केंद्र न खुलने से किसान परेशान हैं। मौसम की मार को देखते हुए उन्हें गेहूं बेचने की चिंता सता रही है। तहसील मुख्यालय पर हर बार बनाए जाने वाले एसएफसी और पीसीएफ केंद्रों का भी इस बात पता नहीं चल रहा है। बेटी के हाथ पीले करने के लिए किसानों को गेहूं बेचने की जल्दी है।
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बिलग्राम तहसील क्षेत्र में गेहूं की थ्रेसिंग के कार्य ने तेजी पकड़ ली है। किसान गेहूं बेचने के लिए मंडी में भटक रहे हैं। बुधवार को फुटकर बाजार में गेहूं 1325 से 1350 रुपये प्रति क्विंटल रहा, जबकि गेहूं का समर्थन मूल्य 1525 रुपये प्रति क्विंटल है। जानकारों के मुताबिक, यदि प्रदेश सरकार कोई बोनस देगी तो किसानों को भाव बढ़ कर मिलने का प्रावधान है। परंतु कम से कम 1525 रुपये की दर पर किसानों का गेहूं खरीदा जाए।
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खास बात यह है कि पिछले वर्ष हुई ओलावृष्टि और अतिवृष्टि के कारण किसान सशंकित हैं। जल्द से जल्द गेहूं की कटाई-मड़ाई कर लेना चाहते हैं। किसान दिर्गज सिंह ने बताया कि मड़ाई का कार्य चल रहा है और प्रतिदिन सैकड़ों क्विंटल गेहूं बाजार में आता है, पर क्रय केंद्रों का कोई पता न होने से फुटकर मंडी में औने पौने दामों में गेहूं बेचने को किसान मजबूर हैं। 16 अप्रैल से सहालग हैं। इससे किसी को अपनी बेटी के हाथ पीले करने की चिंता है तो कोई बेटे की शादी के लिए जल्दी से जल्दी गेहूं की कटाई कर लेना चाहता है।
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इस संबंध में उपजिलाधिकारी पीपी तिवारी ने बताया कि उन्होंने केंद्र प्रभारियों को खरीद व्यवस्था ठीक करने के निर्देश दिए हैं। वह कल से स्वयं केंद्रों पर जाकर खरीद की स्थित की पड़ताल करेंगे। प्रत्येक दशा में किसानों का गेहूं क्रय केंद्र पर खरीदा जाएगा। समस्या होने पर किसान उनसे संपर्क कर सकते हैं।